गृह मंत्रालय की बैठक में NPR पर गैर-भाजपा राज्यों ने जताई आपत्ति

कुछ गैर-भाजपा शासित राज्यों ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के लिए अपनाई गई नई प्रक्रिया पर आपत्ति जताई, लेकिन केंद्र सरकार ने इस कदम का यह कहकर बचाव किया है कि लोगों को कुछ सवालों…

CAA Protest: दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शाहीन बाग सड़क खाली करने को कहा

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग को खोलने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली एनसीआर के निवासियों को समस्याओं का…

दिल्ली पुलिस कमिश्नर को NSA के तहत मिला किसी को भी हिरासत में लेने का अधिकार

उपराज्यपाल अनिल बैजन ने एक अधिसूचना जारी कर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत दिल्ली पुलिस आयुक्त को किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने का अधिकार प्रदान किया है। सूत्रों ने बताया कि रासुका कानून…

कश्मीरी पंडित: दर्द की दास्तां, हमसे थोड़ी हमदर्दी तो दिखाओ याद रखो हम पर क्या गुजरी है

कश्मीरी पंडित नहीं चाहते कि उनकी कहानी का इस्तेमाल किसी से बदला लेने के लिए हो, मगर वह यह भी नहीं चाहते कि इसे भुला दिया जाए। जिस दिन “शिकारा” (कश्मीरी पंडितों के पलायन पर) का ट्रेलर जारी…

फरवरी में भारत आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ‘हाउडी मोदी’ जैसा होगा अहमदाबाद में कार्यक्रम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फरवरी महीने में भारत दौरे पर आ सकते हैं। जिस तरह से अमेरिका के ह्यूस्टन में पीएम मोदी के लिए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, ठीक उसी तरह डोनाल्ड…

कश्मीरी पंडित: टीस के 30 साल-2, दर्द की दास्तां

कश्मीरी पंडित नहीं चाहते कि उनकी कहानी का इस्तेमाल किसी से बदला लेने के लिए हो, मगर वह यह भी नहीं चाहते कि इसे भुला दिया जाए। जिस दिन “शिकारा” (कश्मीरी पंडितों के पलायन पर) का ट्रेलर जारी…

कश्मीरी पंडित: टीस के 30 साल-2, अपने ही घर में पर्यटक बन गए हम

विस्थापित कश्मीरी पंडितों की आज की पीढ़ी ने भले ही विस्थापन की त्रासदी खुद न झेली हो, मगर उन्हें इस दर्द का अहसास है। उन्होंने अपनों की आंखों से घाटी में हिंसा के उस भयानक मंजर को देखा है। लेकिन, अब…

संकेत : एनपीआर में माता-पिता का जन्मस्थान बताना जरूरी नहीं

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) में माता-पिता के जन्मस्थान से जुड़ी जानकारी देना अनिवार्य नहीं होगा। दिल्ली में शुक्रवार (17 जनवरी) को जनगणना और एनपीआर की तैयारियों को लेकर राज्यों के मुख्यसचिवों…

कई वाहनों के लिए अलग-अलग बीमा लेने से मिलेगा छुटकारा, जानें क्या होगा फायदा

एक से अधिक वाहनों के लिए अलग-अलग बीमा कराने से आपको बहुत जल्द छुटकारा मिल सकता है। इसके तहत आप अपने सभी वाहनों के लिए एक ही मोटर बीमा पॉलिसी में कवर ले सकेंगे। बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण…

भारत राजकोट में पहली बार जीता, ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हराया; कुलदीप सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले भारतीय स्पिनर

खेल डेस्क.भारत ने तीन वनडे की सीरीज के दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ ही उसने तीन वनडे की सीरीज को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। राजकोट में शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने 50 ओवर में 6 विकेट पर 340 रन बनाए। ऑस्ट्रेलियाई टीम 49.1 ओवर में 304 रन पर सिमट गई। इस मैदान पर तीन वनडे में टीम इंडिया की ये पहले जीत है। इससे पहले 2013 में इंग्लैंड और 2015 में दक्षिण अफ्रीका ने हराया था।भारतीय स्पिनर ने मैच में दो विकेट लिए। उन्होंने इस दौरान वनडे में अपने 100 विकेट पूरे किए। कुलदीप सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले भारतीय स्पिनर बने। उन्होंने 58वें वनडे में इस उपलब्धि को हासिल किया। उनसे आगे अफगानिस्तान के राशिद खान (44 मैच) और पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक (53 मैच) हैं। कुलदीप ने इमरान ताहिर की बराबरी की। उन्होंने हरभजन सिंह (76 मैच) को पीछे छोड़ा।भारत में बिना शतक के एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनेसाल मैच में कुल रन किसके बीच मैदान 2020 644 भारत (340) vs ऑस्ट्रेलिया (304) राजकोट 2007 643 एशिया (337) vs अफ्रीका (306) चेन्नई 2013 641 इंग्लैंड (325) vs भारत (316) राजकोट 2017 637 इंग्लैंड (321) vs भारत (316) कोलकाता कुलदीप ने एक ही ओवर में स्मिथ और कैरी को आउट कियास्टीव स्मिथ शतक लगाने से चूक गए। वे 98 रन पर कुलदीप की गेंद पर बोल्ड हो गए। कुलदीप ने एलेक्स कैरी (18) को आउट कर वनडे में अपने 100 विकेटपूरे किए। एश्टन टर्नर (13) और पैट कमिंस (0) को शमी ने बोल्ड किया।स्मिथ ने मार्नश लबुशाने के साथ तीसरे विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी की। लबुशाने 46 रन बनाकर जडेजा की गेंद पर आउट हो गए। कुलदीप ने 13वीं बार एक ओवर में दो या उससे ज्यादा विकेट लिए।With that wicket of Steve Smith, @imkuldeep18 has unlocked another milestone as he gets to his 100 ODI wickets 👏👏 pic.twitter.com/Ha887U9RFd— BCCI (@BCCI) January 17, 2020 वॉर्नर और फिंच बड़ी पारी नहीं खेल सकेडेविड वॉर्नर 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शमी की गेंद पर मनीष पांडेय ने उनका कैच लिया। मनीष ने कवर एरिया में हवा में उछलकर एक हाथ से यह कैच लिया। एरॉन फिंच (33) को जडेजा ने राहुल से स्टंपआउट किया।राहुल ने फिंच को स्टंप कर दिया।जम्पा ने वनडे में कोहली को पांचवीं बार आउट कियाशिखर धवन ने 96, लोकेश राहुल ने 80 और विराट कोहली ने 78 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया के एडम जम्पा ने तीन विकेट लिए। उन्होंने वनडे में कोहली को पांचवीं बार आउट किया। वे भारतीय कप्तान के खिलाफ सबसे सफल स्पिनर बन गए। उनसे ज्यादावेस्टइंडीज के रवि रामपाल ने 6 बार आउट किया, लेकिन वे तेज गेंदबाज हैं।मनीष पांडेय ने हवा में उछलकर एक हाथ से वॉर्नर का कैच लिया।कोहली का 56 और राहुल का छठा अर्धशतकशिखर धवन अपने 18वें शतक से चूक गए। राहुल ने करियर का छठा और कोहली ने56वां अर्धशतक लगाया। श्रेयस अय्यर को एडम जम्पा ने 7 रन के स्कोर पर बोल्ड कर दिया।मनीष पांडेय (2) को केन रिचर्डसन ने आउट किया। रविंद्र जडेजा 20 और मोहम्मद शमी एक रन बनाकर नाबाद रहे।वनडे में कोहली को सबसे ज्यादा बार आउट करने वाले गेंदबाजगेंदबाज रोल देश कितनी बार रवि रामपाल तेज गेंदबाज वेस्टइंडीज 6 एडम जम्पा स्पिनर ऑस्ट्रेलिया 5 थिसारा परेरा तेज गेंदबाज श्रीलंका 5 टिम साउदी तेज गेंदबाज न्यूजीलैंड 5 रोहित ने अमला और सचिन को पीछे छोड़ारोहित बतौर ओपनर सबसे तेज 7 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने 137 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की। इस मामले में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज हाशिम अमला (147 पारी) और सचिन तेंदुलकर (160 पारी) को पीछे छोड़ा। रोहित 7 हजार रन बनाने वाले चौथे भारतीय ओपनर हैं। उनसे पहलेसचिन, सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग ने ऐसा किया है। इस पारी के दौरान राहुल ने वनडे में 1000 रन भी पूरे किए।सबसे कम पारियों में 1000 रन पूरे करने वाले भारतीयबल्लेबाज पारी विराट कोहली 25 शिखर धवन 25 नवजोत सिंह सिद्धू 25 लोकेश राहुल 27 महेंद्र सिंह धोनी 29 अंबाती रायुडू 29 धवन का लगातार दूसरे मैच में अर्धशतकधवन नेलगातार दूसरे मैच में अर्धशतक लगाया। मुंबई में 74 रन की पारी खेली थी। धवन का वनडे में यह 29वां अर्धशतक है। धवन-कोहली ने दूसरे विकेट के लिए 103 रन की साझेदारी की।रोहित शर्मा 42 रन बनाकर आउट हो गए। उन्हें एडम जम्पा ने एलबीडब्ल्यू आउट किया।रोहित-धवन के बीच पहले विकेट के लिए 81 रन की साझेदारी हुई।स्कोरकार्ड: भारतबल्लेबाज रन गेंद 4s 6s रोहित शर्मा एलबीडब्ल्यू बो. जम्पा 42 44 6 0 शिखर धवन कै. स्टार्क बो. रिचर्डसन 96 90 13 1 विराट कोहली कै. स्टार्क बो. जम्पा 78 76 6 0 श्रेयस अय्यर बो. जम्पा 7 17 1 0 लोकेश राहुल रनआउट (कैरी) 80 52 6 3 मनीष पांडेय कै. एगर बो. रिचर्डसन 2 4 0 0 रविंद्र जडेजा नाबाद 20 16 1 0 मोहम्मद शमी नाबाद 1 1 0 0 रन: 340/6, ओवर: 50, एक्स्ट्रा: 14.विकेट पतन: 81/1, 184/2, 198/3, 276/4, 280/5, 338/6.गेंदबाजी: पैट कमिंस: 10-1-53-0, मिशेल स्टार्क: 10-0-78-0, केन रिचर्डसन: 10-0-73-2, एडम जम्पा: 10-0-50-3, एश्टन एगर: 8-0-63-0, मार्नश लबुशाने: 2-0-14-0.स्कोरकार्ड: ऑस्ट्रेलियाबल्लेबाज रन गेंद 4s 6s डेविड वॉर्नर कै. मनीष बो. शमी 15 12 2 0 एरॉन फिंच स्टंप राहुल बो. जडेजा 33 48 3 0 स्टीव स्मिथ बो. कुलदीप 98 102 9 1 मार्नश लबुशाने कै. शमी बो. जडेजा 46 47 4 0 एलेक्स कैरी कै. कोहली बो. कुलदीप 18 17 0 1 एश्टन टर्नर बो. शमी 13 15 0 0 एश्टन एगर एलबीडब्ल्यू बो. सैनी 25 25 3 0 पैट कमिंस बो. शमी 0 1 0 0 मिशेल स्टार्क कै. राहुल बो. सैनी 6 11 0 0 केन रिचर्डसन नाबाद 24 11 4 1 एडम जम्पा कै. राहुल बो. बुमराह 6 6 1 0 रन: 304/10, ओवर: 49.1, एक्स्ट्रा: 20.विकेट पतन: 20/1, 82/2, 178/3, 220/4, 221/5, 259/6, 259/7, 274/8, 275/9, 304/10.गेंदबाजी: जसप्रीत बुमराह: 9.1-2-32-1, मोहम्मद शमी: 10-0-77-3, नवदीप सैनी: 10-0-62-2, रविंद्र जडेजा: 10-0-58-2, कुलदीप यादव: 10-0-65-2. आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें कुलदीप ने एलेक्स कैरी को आउट कर 100 विकेट पूरे किए। कुलदीप ने एक ही ओवर में स्मिथ-कैरी को आउट किया। मोहम्मद शमी ने भारत को पहली सफलता दिलाई। स्टीव स्मिथ ने करियर का 24वां अर्धशतक लगाया। मार्नश लबुशाने 46 रन बनाकर जडेजा की गेंद पर आउट हुए। मनीष पांडेय ने हवा में उछलकर एक हाथ से वॉर्नर का कैच लिया। राहुल ने करियर का छठा अर्धशतक लगाया। धवन-कोहली ने दूसरे विकेट के लिए 103 रन की साझेदारी की। धवन ने 90 गेंद की पारी में 13 चौके और एक छक्का लगाया। रोहित-धवन ने पहले विकेट के लिए 81 रन की साझेदारी की। रोहित शर्मा को एडम जम्पा ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। ऑस्ट्रेलिया ने मुंबई में पहले वनडे में भारत को 10 विकेट से हराया था। कोहली ने 76 गेंद की पारी में छह चौके लगाए।

नए डेथ वॉरंट में चारों दुष्कर्मियों को 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी मुकर्रर, लेकिन कानूनी पेंच बाकी; दोषी पवन अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

नई दिल्ली. निर्भया केस के दोषियों के लिए दिल्ली की कोर्ट ने शुक्रवार को नया डेथ वॉरंट जारी कर दिया। इसके मुताबिक, चारों दोषियों को एक फरवरी सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया के गुनहगार मुकेश कुमार की दया याचिका खारिज कर दी थी। दोषी मुकेश ने यह याचिका मंगलवार शाम को राष्ट्रपति को भेजी थी। इस मामले में बाकी दोषी अगर दया याचिका नहीं लगाते हैं तो 14 दिन बाद चारों दुष्कर्मियों को फांसी दी जा सकती है। हालांकि, इसमें भी अभी कानूनी पेंच है, क्योंकि एक दोषी पवन अब वारदात के समय अपने नाबालिग होने की याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।7 जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में फांसी देने का डेथ वॉरंट जारी कर दिया था। इस पर दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि दया याचिका लंबित रहने तक किसी भी दोषी को फांसी नहीं दी जा सकती। इस बीच, दोषियों को फांसी में देरी पर निर्भया की मां आशा देवी ने पीड़ा जाहिर की। उन्होंने कहा- मेरी बच्ची की मौत के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है।पवन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका कब दाखिल की?पवन ने 18 दिसंबर 2019 को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पवन ने कहा था कि वारदात के वक्त वह नाबालिग था। अगले दिन यानी 19 दिसंबर को हाईकोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी थी।दिल्ली की जिस अदालत में शुक्रवार को दुष्कर्मियों के डेथ वारंट पर सुनवाई हुई, उसी अदालत को दुष्कर्मी पवन के वकील ने बताया कि हमने 19 दिसंबर के दिल्ली हाईकोर्ट के पवन की याचिका खारिज करने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।दोषियों की फांसी के आड़े आने वाले पेंच क्या हैं?1. अब पवन अपनी याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। इस पर फैसला होने तक फांसी हो पाना संभव नहीं है,क्योंकिनिर्भया के मामले में 4 दोषियों को फांसी की सजा दी जानी है। दिल्ली प्रिजन मैनुअल के 837वें पॉइंट के मुताबिक, अगर एक ही मामले में एक से ज्यादा दोषियों को फांसी की सजा मिली है और इनमें से एक भी अपील करता है तो इस स्थिति में सभी दोषियों की फांसी पर तब तक रोक लगी रहेगी, जब तक अपील पर फैसला नहीं हो जाता।2. दोषियों के वकील एपी सिंह ने न्यूज एजेंसी कहा, “अगस्त 2015 में दिल्ली की एक अदालत ने चारों दोषियों को लूट और अपहरण के मामले में 10 साल की सजा सुनाई थी। पवन, मुकेश, विनय और अक्षय को राम आधार से लूट और उसके अपहरण का दोषी पाया गया था। हमने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। जब तक हाईकोर्ट में इस अपील पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक निर्भया के दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकती।”3. अगर निर्भया के बाकी तीन दोषियों में से कोई एक दोषी भी दया याचिका लगाता है तो फांसी टलती रहेगी। अगर बाकी तीनों दोषी दया याचिका नहीं लगाते हैं तो आज से 14 दिन बाद चारों को फांसी पर चढ़ाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी स्थिति में दोषियों के लिए 14 दिन का वक्त तय किया है, जो दोषियों को दोस्तों-रिश्तेदारों से मिलने और जरूरी कामों को निपटाने के लिए मिलता है।निर्भया की मां के दो बयानशुक्रवार सुबह भावुक अपील:‘‘जो लोग 2012 के बाद तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, वे ही आज इस पर राजनीति कर रहे हैं। घटना के बाद लोगों ने काली पट्‌टी बांधी, नारे लगाए ,लेकिन आज यही लोग उस बच्ची की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आज फांसी को रोका जा रहा है और राजनीति का खेल खेला जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में कहा था कि बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार मोदी सरकार। मैं आपसे हाथ जोड़कर कहना चाहती हूं कि जिस तरह आपने तीन तलाक हटाया, इस कानून में भी संशोधन कीजिए। एक बच्ची की मौत के साथ मजाक मत होने दीजिए। उन चारों मुजरिमों को 22 तारीख को फांसी पर लटकाइए।’’ शुक्रवार शाम फांसी की तारीख बदले जाने के बाद:‘‘जो मुजरिम चाहते थे, वही हो रहा है। तारीख परतारीख, तारीख पर तारीख ही मिल रही है। हमारा सिस्टम ही ऐसा है, जहां दोषी की ही बात सुनी जाती है।’’मुकेश को दया याचिका खारिज होने कीसूचना दी गईदो दोषियों मुकेश और विनय की क्यूरेटिव पिटीशन सुप्रीम कोर्ट ने 14 जनवरी को खारिज कर दी थी। दोषी मुकेश ने उसी दिन राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजी थी, जिसे राष्ट्रपति ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। मुकेश ने डेथ वॉरंट रद्द करने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत में अर्जी दायर करने को कहा था। दोषी ने निचली अदालत में अर्जी दायर कर दी, जिस पर जज ने तिहाड़ जेल प्रशासन से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। इसके बादतिहाड़ जेल प्रशासन के वकील ने अदालत को बताया कि दोषी मुकेश को उसकी दया याचिका खारिज होने की सूचना आधिकारिक तौर पर दे दी गई है।दोषी विनय ने जेल में जान देने की कोशिश कीकड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के बावजूद निर्भया के दोषी विनय शर्मा ने तिहाड़ जेल में फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। जेल सूत्रों और विनय के वकील एपी सिंह ने दावा किया कि यह घटना बुधवार सुबह की है। सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उसे बचा लिया। हालांकि, जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें Nirbhaya Rapists Death Warrant | Nirbhaya Rape Convict Mukesh Singh Mercy Petition Latest News and Updates On Rashtrapati Bhavan Over Delhi Gang Rape And Murder Case 2012

ग्रामीणों ने समन लेकर पहुंचे राजस्व अमले को बैरंग लौटाया और कहा- घर हमारा जला, हम ही पेशी व जेल जाएं अब कोई नहीं देगा गवाही

जगदलपुर .2012 में सुकमा जिले के ताड़मेटला, मोरपल्ली, तिम्मापुरम में आगजनी और दोरनापाल में सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर हमले की न्यायिक जांच कर रहे एक सदस्यीय आयोग के सामने शुक्रवार को बयान दर्ज कराने से ग्रामीणों ने इंकार कर दिया है। जस्टिस टीपी शर्मा की अध्यक्षता वाले आयोग ने गवाही के लिए ताड़मेटला के 105 ग्रामीणों को समन्स भेजा था। इन ग्रामीणों के न आने पर आयोग ने समन्स की तामिली के लिए गए राजस्व अमले के सदस्यों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। नोटिस तामिली के लिए गई टीम के सदस्यों ने अपने एक जैसे बयान में कहा कि ग्रामीणों ने नोटिस ले लिया और गवाही देने आयोग के सामने जाना है या नहीं ये बैठक कर बताया जाएगा। लेकिन जब टीम के सदस्य उन्हें लेने पहुंचे तो ग्रामीणों ने साफ इंकार कर दिया।उनका कहना था कि चिंतलनार में सीबीआई की टीम ने वर्ष 2015-16 में हमारा बयान दर्ज कर लिया है। हमारा ही घर जला है। पेशी के लिए हमें ही बुलाया जाता है। जेल भी हमको ही भेजेंगे। इसलिए बयान देने कोई ग्रामीण नहीं जाएगा। इसके बाद यह दल लौट आया। टीम के द्वारा बनाए गए पंचनामा में सभी सदस्यों ने हस्ताक्षर भी किए हैं।105ग्रामीणों को नोटिस भेजे गए 19ग्रामीणों की मृत्यु हो गई थी 20ग्रामीण ताड़मेटला में नहीं रहते 02ग्रामीण इस वक्त जेल में हैं 13ग्रामीण पलायन कर गए 50को नोटिस तामील किया गयामैं ताड़मेटला नहीं गया : तहसीलदारकोंटा के प्रभारी तहसीलदार प्यारेलाल नाग ने आयोग के प्रश्न पर बताया कि वे ताड़मेटला कभी नहीं गए लेकिन नोटिस की तामिली हेतु दल बनाया गया था, जिसने गांव में जाकर ग्रामीणों को नोटिस तामील करवाया। दल में वनपाल धनसिंह जीराम, वनरक्षक सोनधर बघेल, वनरक्षक रामनाथ बघेल, पटवारी अजय कुमार शंडिल्य, मडकामी राम, जयदेव बघेल, मोरपल्ली सचिव मौसम तमैया, गोंदपल्ली सचिव माड़वी हड़मा, नीलमपल्ली सचिव सुशील कुमार कश्यप और जगरगुंडा उपतहसील के नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार लहरे शामिल थे।अगली सुनवाई 10-11 कोगवाहों के नहीं आने से आयोग ने अब अगली सुनवाई के लिए 10-11 फरवरी की तारीख तय की है। इस दिन डिफेंस की ओर से बयान दर्ज किए जाएंगे। जिसमें पुलिस, सीआरपीएफ और प्रशासन की ओर से बयान दर्ज किए जाएंगे। इधर बाताया जा रहा है कि आयोग को अपनी कार्रवाई 31 मार्च के पहले पूरी कर रिपोर्ट देनी है।टीम की गवाही ली गई : आयोग ने तहसीलदार समेत दल में शामिल उन सभी लोगों के बयान रिकार्ड में लिए जो ग्रामीणों को नोटिस तामील करने और उन्हें लेने ताड़मेटला गए हुए थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गवाहों के नहीं आने से आयोग ने अब अगली सुनवाई के लिए 10-11 फरवरी की तारीख तय की है।

10 कराेड़ की फिरौती के फोन का हल्ला पुलिस का इंकार लेकिन जांच चुपचाप तेज

रायपुर .उद्योगपति प्रवीण सोमानी के अपहरणकांड में शुक्रवार की शाम 10 करोड़ की फिरौती का हल्ला उड़ा और पुलिस के ज्यादातर अफसर शहर के बाहर चले गए। इस बीच बिहार और यूपी में आधा दर्जन जगहों पर छापेमारी भी की गई। पुलिस की टीमें एक क्लू के आधार पर आगे बढ़ रही हैं। अपहरण की वारदात और उसकी साजिश में जितने लोगों पर शक है, उनमें कुछ अपने गैंग से अलग हो गए हैं। पुलिस उन्हीं की तलाश कर रही है।पुलिस अफसरों के अनुसार उद्योगपति के अपहरण में आधा दर्जन से ज्यादा गिरोहबाज शामिल हैं। उन्हीं में से दो गिरोहबाज अपने गैंग से अलग होकर घर लौट आए हैं। बाकी के गिरोहबाज प्रवीण साेमानी को कब्जे में लेकर अलग-अलग राज्यों में भटक रहे हैं। बाकी दो गिरोहबाज अपने घर चले गए हैं। पुलिस उन्हीं की तलाश में जुटी है। उनके बारे में जानकारी जुटायी जा रही है। उन्हीं के बारे में कुछ अहम सुराग भी पुलिस के हाथ लगे हैं। फिलहाल पुलिस उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि पुलिस की बाकी टीमों का फोकस प्रवीण सोमानी है। पुलिस अफसरों का कहना है कि उनका लक्ष्य पहले उद्योगपति को सुरक्षित छुड़ाना है।उसके बाद अपहरणकर्ताओं की तलाश की जाएगी।इस बीच शुक्रवार की शाम उद्योगपति के अपहरण का हल्ला उड़ाने के साथ ज्यादातर पुलिस अधिकारी शहर से बाहर चले गए। उरला सब डिवीजन के अफसरों के अलावा पुरानी बस्ती, आजाद चौक सब डिवीजन के अधिकारी भी सारे जांच पेंडिंग कर उद्योगपति की जांच में जुट हैं। अफसरों के अचानक गायब होने से फिरौती के कॉल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इस बीच शहर में भी पुलिस ने खोजबीन शुरू कर दी है। राजधानी में संबंधित लोगों से पूछताछ भी तेज हो गई है।राजधानी से नेपाल बार्डर तक पुलिस की तगड़ी घेरा बंदीउद्योगपति की तलाश में पुलिस ने राजधानी से नेपाल बार्डर तक डेरा डाल दिया है। पुलिस को खबर मिली है कि यहां घेरेबंदी तगड़ी होने से गिरोहबाज उद्योगपति को नेपाल किसी सुरक्षित जगह पर ले जा सकते हैं। पुलिस के सीनियर थानेदार को वहां भेजा गया है। वहां के कुछ गिरोहबाजों का रिकार्ड भी यहां पुलिस के पास है। उन गिरोहबाजाें की मदद लेने के साथ निगरानी भी की जा रही है। पुलिस अफसरों का मानना है कि अपहरणकर्ता वहां किसी लोकल कनेक्शन की मदद ले सकते हैं। इस वजह से उन्हें विश्वास में लिया गया है।आईजी-एएसएसपी कम आ रहे ऑफिस, अज्ञात स्थान से मॉनीटरिंगउद्योगपति अपहरण को लेकर पुलिस अफसरों ने एक तरह से पूरी ताकत झोंक दी है। पिछले दो दिनों से आईजी आनंद छाबड़ा और एसएसपी आरिफ शेख कम ही ऑफिस आ रहे हैं। दोनों अज्ञात स्थान पर बैठकर अलग-अलग राज्यों में कैंप करने वाली टीम की मॉनीटरिंग कर हैं। पुलिस विभाग के जानकारों का कहना है कि ऑफिस में बैठकर दोनों अधिकारी इस केस पर फोकस नहीं कर पा रहे थे। इस वजह से वे बेहद कम समय के लिए ही आ रहे हैं। ऑफिस में बाकी कामों में उलझने से उनका इस केस से फोकस हट रहा था। दाेनों अफसर लगातार केस की जांच कर रहे अफसरों की टीम के संपर्क में हैं और उनसे पूरी जानकारी ले रहे है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today उद्योगपति प्रवीण सोमानी के अपहरणकांड में शुक्रवार की शाम 10 करोड़ की फिरौती का हल्ला उड़ा ।

दंतेवाड़ा : सरकारी हाॅस्टल में अधीक्षिका ने करा दी 11वीं की छात्रा की डिलीवरी

दंतेवाड़ा | जिले के सरकारी पातररास कन्या शिक्षा परिसर के हॉस्टल में एक छात्रा (19) के प्रसव का मामला सामने आया है। शुक्रवार को अधीक्षिका हेमलता नाग ने स्टाफ की मदद से 11वीं की छात्रा का प्रसव कराया। इस दौरान वहां अन्य छात्राएं भी मौजूद थीं। मामले की लीपापोती के लिए हेमलता ने पहले कहा कि छात्रा की तबीयत खराब थी, उसे घर भेजा गया है। फिर कहा कि परिजन उसे मेडिकल कॉलेज जगदलपुर ले गए हैं। जबकि डिलीवरी के बाद हालत बिगड़ने पर छात्रा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रजिस्टर में उसके पति का नाम दर्ज कराया गया है। हॉस्टल स्टाफ के मुताबिक जन्मा शिशु मृत था। अस्पताल प्रशासन ने भी स्वीकारा कि घर पर प्रसव होने के बाद एक महिला को भर्ती कराया गया है।हेमलता मैडम ने सभी से कहा था- किसी को ये बताना नहींसुबह 4 बजे मुझे हेमलता मैडम का फोन आया कि हॉस्टल आ जाओ। मुझे लगा किसी की तबीयत खराब है। पहुंची तो स्टाफ नीला, कुंती एक छात्रा को घेर खड़ी थीं। वहां करीब 10 छात्राएं भी थीं। मेरे पहुंचने तक प्रसव हो चुका था। शिशु की मौत हो गई थी। वहां हेमलता मैडम भी थीं। उन्होंने बाद में सबसे बोला- किसी को ये बताना नहीं। लेकिन मैं बयान दूंगी।-जैसा कि भृत्य श्यामबती मरकाम ने बतायासहेली ने कहा कि रात में उसने बताया कि उसे ठीक नहीं लग रहा है। उसे दवाई दी गई तब तक मैं सो चुकी थी। सुबह पता चला कि उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण बाहर ले जाया गया है।सीधी बात | हेमलता नाग, अधीक्षिका, कन्या शिक्षा परिसर पातररासक्या हॉस्टल में छात्रा की तबीयत खराब है?हैवी ब्लीडिंग होने के कारण छात्रा की तबीयत बिगड़ी थी। जिसे सुबह अस्पताल ले जाया गया। फिर उसे परिजन को हैंडओवर कर दिया है।बच्ची के प्रसव की बात पता चली है?आपको गलत खबर मिली है। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।हालत बिगड़ी तो ज़िला अस्पताल में आप इलाज करा सकती थीं, बिना इलाज कराए परिजनों के साथ भेजा गया?हड़बड़ाते हुए, परिजन कह रहे थे कि उसे डिमरापाल ले जाएंगे। इसलिए भेज दिया।परिजनों से बात करा सकती हैं आप?परिजन का कॉन्टैक्ट नम्बर मेरे पास नहीं है।आदिवासी विकास के सहायक आयुक्त ने जानकारी दी है कि बच्ची की तबीयत खराब होने के कारण वह भर्ती है। मामले की जांच करा दोषियों पर कार्रवाई करेंगे। – टोपेश्वर वर्मा, कलेक्टर Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today फाइल फोटो ।

डा. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में बड़ा बदलाव; स्मार्ट कार्ड अनिवार्य नहीं, आप राशन कार्ड से भी करा सकेंगे मुफ्त इलाज

रायपुर .डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 5 लाख तक के फ्री इलाज के लिए स्मार्ट कार्ड की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। मरीजों को केवल अपना राशनकार्ड और आधार कार्ड अथवा ऐसा ही कोई शासकीय पहचान पत्र अस्पताल में दिखाना होगा। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना में 50 हजार तक फ्री इलाज की सुविधा पाने वालों को भी केवल राशनकार्ड और कोई एक पहचान पत्र दिखना पड़ेगा। यह बदलाव शुक्रवार से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। प्रदेश में पांच लाख तक फ्री इलाज की पात्रता रखने वाले हितग्राहियों की संख्या 56 लाख है। 50 हजार तक फ्री इलाज के हितग्राही 16 लाख हैं। दोनों के लिए इलाज की स्कीम अलग अलग है।राज्य सरकार ने दोनों फ्री इलाज योजना में बड़ा बदलाव किया है। नए बदलाव के हिसाब से साफ्टवेयर को अपडेट भी कर दिया गया है। अफसरों के अनुसार साफ्टवेयर के डेटाबेस से स्मार्ट कार्ड के आंकड़े हटा दिए गए हैं। अब मरीज व उनके परिजनों को पंजीकृत अस्पतालों में फ्री इलाज के लिए राशन कार्ड के अलावा पहचानपत्र के रूप में प्राथमिक, अंत्योदय राशन कार्ड व आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस जैसे कोई न कोई शासकीय पहचानपत्र लेकर जाना पड़ेगा। राशनकार्ड के अलावा सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 के हितग्राहियों को योजना का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा। साफ्टवेयर इन मरीजों की पहचान अब नए फार्मूले से करेगा। यह फार्मूला साफ्टवेयर में अपलोड कर दिया गया है। गुरुवार की रात 12 बजे से इसने भी काम करना शुरू कर दिया है।डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना लागू होने के पहले अस्पतालों व कियोस्क सेंटरों में ई-कार्ड बनाने का काम चल रहा था। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। पहले बने हुए ई-कार्ड में किसी तरह की परेशानी आने पर लोग अस्पताल व कियोस्क सेंटर में जाकर ई-कार्ड में सुधार व बदलाव करा सकेंगे। उन्हें पुराने के बदले नए कार्ड जारी किए जाएंगे। इस संबंध में अस्पताल व कियोस्क सेंटर प्रभारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान योजना के साफ्टवेयर की तरह नई योजना का सर्वर फास्ट होना चाहिए, क्योंकि स्लो सर्वर से मरीजों को इलाज व पंजीयन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।फ्री इलाज की खास बातेंपहले जारी हुए सभी ई-कार्ड से भी मुफ्त इलाज मिलता रहेगा। सामाजिक, आर्थिक व जातीय सर्वे सूची में नाम होने पर भी। सभी राशनकार्ड पर किया जाएगा पंजीकृत अस्पतालों में इलाज। सर्वे सूची यानी एसईसीसी में नाम नहीं, उनके बनेंगे ई-कार्ड।पंजीकृत अस्पतालों में बनाए जाएंगे ई-कार्डराशनकार्डधारी परिवारों को किसी सदस्य के बीमार पड़ने पर वे पंजीकृत सरकारी व निजी अस्पतालों में जाकर ई-कार्ड बनवा सकेंगे। इसके लिए उन्हें ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। तत्काल बनाकर दिया जाएगा। परिवार बीपीएल श्रेणी में होगा तो 5 लाख व एपीएल होने पर 50 हजार तक का लाभ इलाज के दौरान मिलेगा।स्टेट नोडल एजेंसी ने जारी किए इंजीनियरों के मोबाइल नंबरनई व्यवस्था में मरीज व उनके परिजनों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए एसएनए यानी स्टेट नोडल एजेंसी ने पूरी तैयारी की है। साफ्टवेयर में कोई परेशानी न हो, इसके लिए साफ्टवेयर इंजीनियरों के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। साफ्टवेयर में कोई परेशानी आने पर वे तत्काल अस्पताल पहुंचकर सिस्टम ठीक करेंगे। देरी होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सरकारी अस्पताल के अधिकारियों व निजी अस्पतालों के संचालकों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।डॉ. खूबचंद योजना को राशन कार्ड से जोड़ने से अब 65 लाख परिवारों को फ्री इलाज का लाभ मिल रहा है। पहले स्मार्ट कार्ड से 61 लाख लोगों को लाभ मिल रहा था। 56 लाख प्राथमिकता व अंत्योदय राशन कार्ड वालों को पांच लाख व बाकी परिवार हर साल 50 हजार का फ्री इलाज करा सकेंगे। राशन कार्ड अस्पताल ले जाना अनिवार्य नहीं है। कोई भी सरकारी पहचानपत्र दिखाकर इलाज करवा सकते हैं, अगर अस्पताल के डाॅटाबेस में उस मरीज का नाम है ताे उपचार हाेगा। – टीएस सिंहदेव, स्वास्थ्य मंत्री Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कोई भी सरकारी पहचानपत्र दिखाकर इलाज करवा सकते हैं, अगर अस्पताल के डाॅटाबेस में उस मरीज का नाम है ताे उपचार हाेगा।

ब्रेकिंग:अतिक्रमणकारियो ने सरकारी वाहन में किया तोड़फोड़, वन कर्मियों पर हमला, बनाया बंधक..भारी पुलिस बल पहुची, वन कर्मियों को छुड़ाया गया..

 गरियाबंद । गरियाबंद से एक बड़ी खबर आ रही है वन गांव में अतिक्रमण हटाने गए वन अमले पर 70 से ज्यादा अतिक्रमणकारियों ने हमला कर सरकारी वाहन में तोड़-फोड़ कर दस वन कर्मियों को बंधक बना लिया. घटना की खबर पर हथियार बंद पुलिस दल मौके पर पहुंच कर मामले की जांच कर रही है.वन कर्मी सकुशल वापस आ गए है.

गरियाबंद से लगे गांव छैला में हुए अतिक्रमण को दो माह पहले वन विभाग ने हटाया था, लेकिन घुमरापदर के सुकलाल कमार के नेतृत्व में वहां 30 से भी ज्यादा परिवार ने फिर से अतिक्रमण शुरू कर दिया था, छैला के ग्रामीणों ने वन विभाग को लिखित ज्ञापन देकर अतिक्रमित स्थलों पर पौधारोपण करने की मांग की थी. ग्रामीणों की मांग पर विभाग पौधरोपण की तैयारी शुरू कर दिया था. इसी क्रम में कक्ष क्रमांक 1288 में 60 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया जा रहा था, लेकिन पखवाड़े भर पहले सुकलाल के नेतृत्व घुमरापदर के अतिक्रमणकारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था. सुकलाल ने बाकायदा स्थल पर सूचना बोर्ड लगा दिया है, जिसमें मजिस्ट्रेट के समक्ष जुर्माना पटाने की बात कहते हुए दूसरों के लिए बिना अनुमति के प्रवेश वर्जित बता दिया है.

शुक्रवार को जैसे ही देवभोग के प्रभारी रेंजर महादेव कन्नौजे वन व पुलिस के संयुक्त अमले के साथ छैला पहुंचे और गढ्ढे का काम शुरू किया तो पहले से 60-70 की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने पहले तो हंगामा किया फिर हमला करने पर उतारू हो गए. रेंजर के सरकारी वाहन में भी तोड़-फोड़ किया गया है. वहीं 10 से ज्यादा कर्मियों को रोपनी स्थल पर बंधक बना दिया गया है. सूचना मिलने पर अमलीपदर पुलिस मौके पर पहुंच गई है. अतिक्रमणकारियों ने पुलिस पर भी हमला करने की कोशिश की. रेंजर कन्नौजे ने बताया कि फिलहाल उनका पूरा अमला सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया है.

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