हाथ-पांव बंधे थे, घिसटकर फ्रिज तक पहुंचा, पैरों से ही डोर खोलकर मोबाइल निकाला और दी लूट की सूचना

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रायपुर .बिस्तर पर हम औंधे मुंह लेटे थे। हाथ पांव दोनों बंधे थे। हाथ को पीछे मोड़कर बांधा गया था, ताकि टेप को दांतों से भी न खोल सकें। फिर भी लुटेरों के भागने के आधा घंटे बाद हमने घिसटना शुरू किया। मैं किसी तरह पलंग से लुढ़का। फिर घिसटते-घिसटते फ्रिज तक पहुंचा। लुटेरों ने हमारा मोबाइल छिनकर वहीं रख दिया था। फ्रिज के पास पहुंचकर मैंने जैसे तैसे पैरों से ही दरवाजा खोला। उसके बाद फ्रिज के सहारे ही खड़ा हुआ और मोबाइल निकालकर कॉल किया।


वारदात के शिकार प्लायवुड कारोबारी के एजेंट ने आगे बताया : हाथ पीछे से बंधे थे, इसलिए पहले पैरों से मोबाइल को जमीन पर गिराया। उसके बाद औंधे मुंह वाले स्थिति में अंदाज से मोबाइल हाथ में लिया। मुझे मोबाइल की स्क्रीन दिखायी नहीं दे रही थी, फिर भी कॉल रिकार्डर में जाकर बार-बार फोन किया, तब हमारे मालिक बबलू शर्मा को फोन लगा। उन्हें चिल्लाकर केवल इतना कहा, हम लुट गए हैं, जल्दी फ्लैट में मदद भेजो। 20-25 मिनट में उनके कारोबारी परिचित पहुंचे। दरवाजा की कुंडी बाहर से बंद थी। उन्होंने दरवाजा खोला और भीतर पहुंचे।उस समय बजरंग और मैं आैंधे पड़े थे। हमारे मालिक के परिचितों ने ही चाकू से काटकर हमारे बंधन खोले।

ये विशाल का फ्लैट है, कहा और धक्का दे दिया
उस समय रात के करीब सवा नौ बज रहे थे। मैं हॉल में बैठा कुछ काम कर रहा था। बजरंग अपने बेडरुम था। दरवाजे की घंटी बजी। चूंकि हम लोग अक्सर कारोबार के पैसे घर पर रखते हैं, इसलिए मैंने आधा दरवाजा खोला। बाहर मुझे एक युवक दिखाई दिया। उसे अकेला देखकर मैंने दरवाजा खोला। उसने पूछा, क्या ये विशाल जी का फ्लैट है? मैंने हां कहा और उसने तुरंत धक्का मारकर मुझे अंदर धकेला। इसके पहले कि मैं कुछ समझता, उसने पिस्टल निकालकर मेरी ओर तान दिया।

उसी समय तीन और लोग भीतर घुस आए। दो लोगों ने मुझे पकड़ लिया। हलचल सुनकर कमरे से बजरंग निकला। उन्होंने उसकी ओर भी पिस्टल तान दी। पिस्टल देखकर हम दोनों के होश गुम थे। उन्होंने कहा अगर चिल्लाया तो सीधे गोली मार देंगे। उनके पास बैग था। उन्होंने बैग से ही टेप निकाला और हमें एक-एक कर बांध दिया। हमें काबू में करने के बाद एक युवक सीधे किचन में घुसा और पैसे कहां हैं पूछने लगा। किचन केबिनेट के लाकर में पैसे थे। उन्होंने पैसे ढूंढे और पूरी रकम बैग में रखकर भाग गया। जाते जाते उन्होंने हमारा मोबाइल फ्रिज में रख दिया।

हवाला के पैसे होने का शक
पुलिस को हवाला के पैसे होने का शक है। पुलिस इस एंग्ल पर भी जांच कर रही है कि पांचवीं मंजिल के सुरक्षित फ्लैट में इतनी बड़ी रकम रखी है, ये आखिर लुटेरों को कैसे मालूम हो गया। जिस तरह से उन्होंने वारदात की, उससे साफ है कि उन्हें मालूम था कि फ्लैट में इतनी बड़ी रकम रखी है और वहां केवल दो लोग हैं। इस वजह से वे धड़ल्ले से फ्लैट में घुस गए। अफसर इस दिशा में भी जांच कर रहे हैं कि कहीं पैसे हवाला के तो नहीं हैं, हवाला के कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों के पास इतनी बड़ी रकम रहती है। पुलिस बबलू शर्मा के कारोबार की भी पड़ताल कर रही है।

कारोबारी और उसके दोनों एजेंट राजस्थान के
क्षितिज अपार्टमेंट में फ्लैट किराये पर लेने वाला कारोबारी बबलू शर्मा मूलत: राजस्थान का है। उसके दोनों एजेंट भी वहीं के रहने वाले हैं। इस वजह से पुलिस को शक है कि लूट की वारदात में बाहरी गिरोह का हाथ है। यही वजह है कि उन्हें अपने पहचान लिए जाने का डर नहीं था।


पुलिस की दो टीमें रवाना : पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मिले क्लू के आधार पर एक टीम राजस्थान और एक बिहार रवाना कर दी है। यूपी की पुलिस से भी संपर्क कर लूटपाट करने वाले गिरोह के बारे में जानकारी जुटायी जा रही है। पुलिस को शक है कि ये पेशेवर गिरोह है।उसने बड़े ही प्रोफेशनल तरीके से वारदात की और फरार हो गए। लुटेरे कांप्लेक्स में पैदल घुसे थे। माना जा रहा है कि उन्होंने थोड़ी दूर पर अपने वाहन छिपाए थे।



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किचन केबिनेट के लॉकर में छुपाकर रखे थे 50 लाख।

Author: newsnet

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