कोरोना संक्रमण के 44 नए मामले, 7 दिन में 129 से ज्यादा केस, 90 % महाराष्ट्र व गुजरात से आने वाले श्रमिक; मुंगेली में संदिग्ध की मौत

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के शनिवार देर राततक 44नए मामले सामने आए हैं। इनमें राजनांदगांव से 10,बिलासपुर से 9, मुंगेली से 9, सरगुजा से 3, कोरिया व रायगढ़ से 4-4, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 3और जशपुर व बलौदाबाजारसे1-1 पॉजिटिव मरीज़ की पुष्टि हुई है। जशपुर व गौरेला पेंड्रा मरवाही में यह पहला केस है। प्रदेश में अब एक्टिव केस की संख्या 152हो गई है। वहीं एम्स रायपुर से बालाेद के 2 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।

वहींमुंगेली स्थित क्वारैंटाइन सेंटर में एक मजदूर की मौत हो गई है। मजदूर कोरोना संदिग्ध था। मजदूर को तेज बुखार और डायरिया था। उसका सैंपल जांच के लिए भिजवाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद पोस्टमार्टम होगा। तीन दिन पहले उसके नवजात बच्चे ने भी बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

11 मई के बाद पहुंचे मजदूर फिर बढ़े मामले, 1 से 17 होने में लगे 67 दिन

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। अकेले शुक्रवार काे ही प्रदेश में 40 नए केस आए,जो कि अब तक सबसे ज्यादा हैं। ये सभी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बाहर से आए क्वारैंटाइन मजदूर हैं। संक्रमण के 90 फीसदी केस महाराष्ट्र और गुजरात से आए श्रमिकों के हैं। आंकड़ों की बात करें तो लॉकडाउन फेज-4 के 6 दिन में 80 नए मामले सामने आ चुके हैं। पहले 45 दिन में 50 नए मरीज आए, उसके बाद महज 25 दिन में यह आंकड़ा 153 पर पहुंच गया। वहीं, प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमितों के लिए 6000 बेड की व्यवस्था की है।

ये तस्वीर बिलासपुर के तिफरा बस स्टैंड की है। लाेगों को घर जाने का साधन नहीं मिला तो जमीन पर चादर बिछाकर ऐसे ही लेट गए। इस इंतजार में कि सुबह होगी और घर जाने का सफर खुलेगा।

प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 178 पहुंच गया है। पहली बार एक्टिव केस 100 से ज्यादा हो गए हैं। प्रदेश में कोरोना की पहली मरीज 18 मार्च को रायपुर में मिली थी। इसके 42 दिनों बाद कुल 52 मरीज हुए। इसके 18 दिनों बाद यानी 19 मई को मरीजों की संख्या 102 पहुंच गई। इसके केवल चारदिनों बाद मरीजों की संख्या 178 हो गई। यानी प्रदेश में कोरोना को एक से 178तक सफर करने में केवल 68दिन लगे। हालांकि, इस बीच 62 मरीज भी स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। ज्यादातर मामले प्रवासी श्रमिकों के हैं। उनके घर लौटने के साथ ही मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है।

  • कोरबा समेत दूसरे जिलों में जो नए मरीज मिले हैं, सभी प्रवासी मजदूर हैं। इनमें लगभग 80 फीसदी महाराष्ट्र, 10 फीसदी गुजरात व बाकी अन्य स्थानों से आए हैं।

  • प्रदेश में एक भी जिला रेड जोन में नहीं है, लेकिन जिलों के अंतर्गत ब्लॉक को रेड और ऑरेंज जोन में चिन्हित किया गया है। हर साेमवार को इसकी समीक्षा की जाएगी।
  • महाराष्ट्र व गुजरात से ट्रेन व सड़क मार्ग से आने वाले मजदूरों में संक्रमित मिलने की रफ्तार बढ़ने लगी है। राज्य के 14 जिलों के कई ब्लॉक रेड जोन में आ गए हैं।

छत्तीसगढ़ में कोरोना

प्रदेश में शुक्रवाररात करीब 9 बजे एम्स ने 20 नए मामलों की पुष्टि की थी। इसमें बलौदाबाजार से 6 नए मामले सामने आए हैं। इसके अलावा बालोद से 4, कवर्धा 5, बलौदाबाजार 4, गरियाबंद 3, दुर्ग और राजनांदगांव से 2-2 कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। इससे पहले सुबह कोरबा से 12, कांकेर से 3 और बेमेतरा से 1 मरीज मिले थे। अभी तक इनमें से 64लोग ठीक होकर घर लौटे हैं।

  • 216संक्रमित मिले :दुर्ग-12, राजनांदगांव-22, बालोद-18, कवर्धा-13, रायपुर-8, बलौदाबाजार-15, गरियाबंद (राजिम)-4,बिलासपुर-25, रायगढ़-9, कोरबा- 41, जांजगीर-12, मुंगेली-12, सरगुजा-6, कोरिया-5, सूरजपुर-7, कांकेर-5, बेमेतरा-1, बलरामपुर-1, जशपुर-1, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-3

  • 152एक्टिव केस :दुर्ग-2,कांकेर-5, बिलासपुर-19, रायगढ़-9, राजनांदगांव-21, बालोद-16, कोरिया-5, कवर्धा-7, जांजगीर-12, बलौदाबाजार-15, गरियाबंद (राजिम)-4, सरगुजा-6, सूरजपुर-1, कोरबा-13, मुंगेली-12, रायपुर-1, बेमेतरा-1, बलरामपुर-1, जशपुर-1, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-3

  • 64 मरीज स्वस्थ हुए :दुर्ग-10, राजनांदगांव-1, कवर्धा-6, रायपुर-7, बिलासपुर-4, कोरबा- 28, सूरजपुर- 6, बालोद-2

  • पहला मामला :राज्य में कोरोना पॉजिटिव का पहला मामला रायपुर में मार्च के महीने में सामने आया था, वह विदेश से लौटी युवती थी।

  • स्थानीय औरश्रमिक :अब जिन लोगों में कोरोना संक्रमण दिख रहा है, उनमें से कोई भी विदेश से लौटा व्यक्ति नहीं है।सभी सामान्य नागरिक या श्रमिक हैं।

निजी अस्पतालों में भी होगी बेड की व्यवस्था : सिंहदेव
प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए 6000 बेड उपलब्ध हैं। इसमें एम्स 500, अंबेडकर 500 औरमाना में 100 बेड का अस्पताल तैयार है। इसके अलावा बिलासपुर, अंबिकापुर, राजनांदगांव औररायगढ़ में मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर निजी अस्पतालों को भी अधिग्रहित किया जाएगा। इसके लिए आईएमए से स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की बैठक पहले ही हो चुकी है। प्रदेश में 6 सरकारी मेडिकल कॉलेज, 28 जिला अस्पताल और 150 से ज्यादा सीएचसी हैं। सभी जगह क्षमता के हिसाब से संक्रमितों के लिए आइसोलेटेड वार्ड तैयार किया गया है।

सरगुजा संभाग के मरीजों को अंबिकापुर में भर्ती किया जाएगा। जशपुर के मरीजों का रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज होगा। बस्तर संभाग के मरीजों को जगदलपुर मेडिकल कॉलेज व माना, रायपुर व दुर्ग संभाग के मरीजों को एम्स के अलावा अंबेडकर व माना में भर्ती किया जाएगा। मरीजों के बढ़ने की आशंका को देखते हुए सभी विभागों के डॉक्टरों को ट्रेनिंग के साथ इलाज का मैनेजमेंट बताया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि हमने काफी कम समय में पर्याप्त सुविधाएं जुटाई हैं। मजदूरों के आने से बढ़ती संख्या को देखते हुए और बिस्तरों का इंतजाम कर रहे हैं। इसके लिए भविष्य में निजी अस्पतालों मेंभी बिस्तरो की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने हर ब्लॉक के अस्पतालों को दी 10-10 लाख की राशि
राज्य सरकार ने कंटेनमेंट जोन बढ़ने पर हर ब्लॉक के अस्पतालों को 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि जारी की है। इसमें रायपुर, धमतरी, बेमेतरा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, बीजापुर व बिलासपुर जिले को 40-40 लाख, गरियाबंद, महासमुंद, बालोद, कोंडागांव, कोरबा व कोरिया को 50-50, बलौदा बाजार भाटापारा, बलरामपुर- रामानुजगंज औरसूरजपुर को 60-60, दुर्ग, सुकमा, मुंगेली औरगौरेला-पेंड्रा-मरवाही को 30-30, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा औररायगढ़ को 90-90, बस्तर, कांकेर औरसरगुजा को 70-70, नारायणपुर को 20 लाख और जशपुर को 80 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

बैंक आजसे सोमवार तक बंद, ऑनलाइन लेनदेन ही
लॉकडाउन के दौरान भी खुले रहने वाले बैंक शनिवार से सोमवार तक लगातार तीन दिनों के लिए बंद रहेंगे। तीन दिनों तक लोग बैंकों से कोई ट्रांजेक्शन नहीं कर पाएंगे। लेकिन ऑनलाइन की सुविधा जारी रहेगी। कैश निकालने के लिए एटीएम खुले रहेंगे। 23 मई को महीने का चौथा शनिवार है, इसलिए बैंक बंद रहेंगे। रविवार को सामान्य अवकाश रहेगा। सोमवार को ईदुल उल फितर की सरकारी छुट्टी घोषित हुई है, इसलिए उस दिन भी बैंक बंद रहेंगे। लिहाजा, बैंकों में मंगलवार से ही कामकाज होगा। बैंक प्रबंधनों से संकेत मिले हैं कि इन तीन दिनों में एटीएम भी नहीं भरे जाएंगे।

कोरोना अपडेट्स

रायपुर: शादीमें 10 और अंतिम संस्कार में 20 लोग शामिल हो सकते हैं। 31 मई तक लॉकडाउन होने की वजह से इन दोनों कामों की अनुमति लेने के लिए लोगों को आवेदन देना होगा। अभी तक यह आवेदन कलेक्टोरेट के एडीएम दफ्तर में लिए जा रहे थे, लेकिन अब इसके आवेदन के लिए रायपुर तहसीलदार अमित बैक को अधिकृत कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि आवेदन के 48 घंटे के भीतर दस्तावेज सही होने पर अनुमति दे दी जाएगी। रायपुर के ऑरेंज जोन में आने के बाद माना जा रहा है कि शादी समारोह में शामिल होने के लिए 20 लोगों को अनुमति दी जा सकती है।

ये तस्वीर बिलासपुर रेलवे स्टेशन की है। लोग काउंटर खुलने के बाद काउंटर पर पहुंचे और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ टिकट कराने से ज्यादा कैंसिल कराया।

बिलासपुर : एक दिन पहले सिम्स में भर्ती कराए गए कोरोना संदिग्ध मजदूर की शुक्रवार को मौत हो गई। सिम्स प्रबंधन ने इस बार भी संदिग्ध मौत को पूरी तरह से दबाकर रखने की कोशिश की। मजदूर 20 मई को पुणे से ट्रेन में आया था। उसे मस्तूरी के क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था। उसी दिन श्रमिक की हालत बिगड़ गई तो उसे इलाज के लिए सिम्स भेज दिया गया। मजदूर को सर्दी, खांसी, बुखार और गले में इंफेक्शन की शिकायत थी। सिम्स पहुंचने के बाद वहां बनाए गए कोराेना स्पेशल वार्ड में उसे रखा गया था। श्रमिक का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।

भिलाई : अभी तक डेयरी सुबह और शाम की तीन-तीन घंटे की शिफ्ट में खोली जा रही है। नए आदेश के बाद सुबह से शाम 6 बजे तक दुकानें खुलती रहेंगी। इसी तरह फल व सब्जी के अलावा ब्रेड, फल, सब्जी, चिकन, मटन, मछली, अंडा की बिक्री, भंडारण और परिवहन सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। शनिवार और रविवार दोपहर 12 बजे तक ही खुलेंगी। इस आदेश का क्रियान्वयन 23 मई से किया जाएगा। किराना दुकानें व रेस्त्रां (केवल होम डिलीवरी) सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुलेंगे। जबकि शनिवार व रविवार को पहले की तरह ही दुकानें बंद रहेंगी। इस संबंध में आदेश जारी हो गया है।

ये रायगढ़ की तस्वीर है।सत्तीगुड़ी चौक से रेलवे स्टेशन की ओर व्यस्त मार्ग से लोगों की भीड़ गायब। इसी मार्ग पर कलेक्टर, एसपी का भी बंगला।


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यह तस्वीर बालोद जिला मुख्यालय से 17 किमी दूर ग्राम भेड़ी के क्वारैंटाइन सेंटर की है। हैदराबाद से लौटे मजदूर पवन कुमार की 4 साल की बेटी साक्षी 7 दिन से रोज स्कूल के बाहर गेट पर खड़ी बाहर के बच्चों को देखती तो है, लेकिन उनके साथ खेल नहीं सकती। उसके पिता पवन कुमार ने बताया कि वह मुझसे रोज पूछती है, पापा मेरा क्या कसूर…. मैं क्यों नहीं खेल सकती इनके साथ।

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