बंगाल में 86 मौतें, बिजली-पानी की किल्लत; सेना मदद करेगी; ओडिशा में 44 लाख लोग प्रभावित

पश्चिम बंगाल में ‘अम्फान’ तूफान की तबाही से मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 86 हो गई। राज्य में बिजली-पानी की सप्लाई को लेकर हाय-तौबा मच गई है। जरूरी सुविधाएं न मिलने के चलते लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इन दिक्कतों को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने सेना से मदद मांगी। सेना ने भी इसके लिए मंजूरी दे दी। 5 कॉलम सेना के जवान बंगाल में राहत-बचाव कार्य के लिए तैनात किए जाएंगे। एक कॉलम में 70 जवान होते हैं। इन्हें कोलकाता और आस-पास के जिलोंमें तैनाती दी जाएगी।

राज्य सरकार ने ट्वीट किया,”राज्य सरकार 24X7 राहत कार्य और जरूरी चीजों की सप्लाई में लगी है। राज्य सरकार ने सेना की मदद मांगी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया है। रेलवे, पोर्ट और प्राइवेट सेक्टर से भी मदद मांगी गई है। पीने के पानी की व्यवस्था और ड्रेनेज इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुधारना हमारी प्राथमिकता है। कई इलाकों में पाउच पैकेट से पानी पहुंचाया जा रहा है। जरूरी जगहों पर जनरेटर लगाए जा रहे हैं। गिरे हुए पेड़ों को हटवाने के लिए कई विभागों की 100 से ज्यादा टीमें लगाई गई हैं।”

GOWB mobilizes maximum strength in unified command mode on 24×7basis for immediate restoration of essential infrastructure and services asap. Army support has been called for;NDRF and SDRF teams deployed; Rlys,Port & private sector too requested to supply teams and equipment(1/3)

— HOME DEPARTMENT – GOVT. OF WEST BENGAL (@HomeBengal) May 23, 2020

बांग्लादेश में 5 लाख से ज्यादा लोग बेघर
बांग्लादेश में भी तूफान का कहर देखने को मिला। यहां 5 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। लोगों के पास खाने-पीने का सामान नहीं है। कोरोना संकट के बीच आई इस आपदा से निपटने के लिए बांग्लादेश सरकार काफी कोशिश कर रही है। इसके बावजूद अभी तक कई इलाकों में सरकार नहीं पहुंच पाई है।

#Bangladesh was left reeling from #CycloneAmphan, on Friday, as the #coronavirus threatens to spread among half a million homeless and refugees, while the storm left major floods and destruction in its wake. pic.twitter.com/D4LqyfmCUy

— Ruptly (@Ruptly) May 22, 2020

एनडीआरएफ की 10 और टीमें जाएंगी, ओडिशा करेगा मदद
पश्चिम बंगाल के हालात को देखते हुए गृह मंत्रालय ने एनडीआरएफ की 10 अतिरिक्त टीमें भेजने का फैसला लिया है। इसकी जानकारी गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने दी। उन्होंने बताया कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते,तब तक ये टीमें बंगाल में ही रहेंगी। ये टीमें शनिवार की रात तक पहुंच जाएंगी।

बता दें कि पहले से भी 15 टीमें बंगाल में राहत कार्य में जुटी हुई हैं। उधर, तूफान का कहर झेलने वाले ओडिशा ने भी पश्चिम बंगाल की मदद करने का फैसला लिया है। राज्य के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना ने कहा कि पश्चिम बंगाल में गिरे पेड़ों को हटाने और अन्य राहत कार्य के लिए ओडिशा डिजास्टर रैपिड ऐक्शन फोर्स के 500 जवान और फायर डिपार्टमेंट के 500 कर्मी वहां जाएंगे। ओडिशा में 44 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं। एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसलों की बर्बादी हुई है।

10 additional @NDRFHQ teams deployed in West Bengal for post cyclone #Amphan management.

Additional deployment of 10 teams will bring the total deployment to 36 teams of NDRF, across the 6 districts of WB affected by the Cyclone.

Press Release 👇https://t.co/iUuyO4wMII pic.twitter.com/YhWeFw0mnz

— Spokesperson, Ministry of Home Affairs (@PIBHomeAffairs) May 23, 2020



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अम्फान तूफान की वजह से पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अनुसार, राज्य में एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव कार्य शुरू किया जा चुका है।

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