कई क्वारेंटाइन सेंटरों में एक शौचालय साबुन व बाल्टी भी एक ही, बढ़ा खतरा

लव दुबे | सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिले में 624 क्वारेंटाइन सेंटरों में 4350 लोग हैं। ये सभी वे लोग हैं जो दूसरे राज्यों से लौटने के बाद क्वारेंटाइन किए गए हैं।
14 दिन सभी को क्वारेंटाइन रहना होगा। तीनों जिलों में ज्यादातर क्वारेंटाइन सेंटर, स्कूल भवन, हॉस्टल में बनाए गए हैं। प्रशासन सेंटरों में सुरक्षा के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन कराने का दावा कर रहा है, लेकिन स्थिति यह है कि कई सेंटरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है।
30-40 लोग सेंटर में एक ही टॉयलेट का उपयोग कर रहे हैं। वहीं बाल्टी और मग तक पर्याप्त नहीं है। इससे कोरोना के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन का खतरा बढ़ गया है। तीनों जिलों में वर्तमान मेंकोरोना के 15 एक्टिव केस हैं और ज्यादातर लोग क्वारेंटाइन सेंटर में ही मिले हैं। इससे सेंटरों में रह रहे लोग डरे हुए हैं। वहीं स्वास्थ्य महकमें को भी एक केस मिलने पर सौ से डेढ़ सौ लोगों की जांच करानी पड़ रही है। अगर येअलग-अलग कमरों में रहते तो ऐसा नहीं होता।
बागनदी में मुंबई से आ रहे मजदूर की हुई मौत, स्वाब का सैंपल भेजा
बागनदी | महाराष्ट्र की दिशा से आ रहे एक 60 वर्षीय वृद्ध शपतउल्ला शेख की मंगलवार की दोपहर बागनदी बॉर्डर पर मौत हो गई। मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। मौत के बाद बॉर्डर में हड़कंप मच गया। परिजन की मानें तो वे डायबिटीज के मरीज थे और पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। महाराष्ट्र की बस से उनका परिवार बागनदी तक तो पहुंच गया लेकिन बॉर्डर पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। फिलहाल उनका शव मरच्यूरी में रखा गया है। पहले स्वाब का सैंपल एम्स भेजा गया। रिपोर्ट आने के बाद ही उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा। यदि रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आती है तो प्रोटोकॉल के हिसाब से पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना संदिग्ध के शव के पास जाने परिजन भी नहीं हुए तैयार
अंबिकापुर | मेडिकल काॅलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में फांसी से लटके मिले कोरोना संदिग्ध युवक के शव को फंदे से उतारने से लेकर पंचनामा कार्रवाई करने पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। परिजन मंगलवार को अस्पताल तो पहुंचे लेकिन कोरोना के डर से वे शव को छूना तो दूर उसके नजदीक तक जाने तैयार नहीं थे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के काफी प्रयास के बाद परिवार के दो सदस्य सामने आए। फिर दोनों परिजनों के साथ नायब तहसीलदार मंडावी, एफएसएल अधिकारी कुलदीप कुजूर व महिला एएसआई निर्मला तिग्गा पीपीई किट में घटना स्थल वाले वार्ड में पहुंचे। युवक के परिजनों को भी पीपीई किट पहनाया गया था।
रैपिड जांच की निगेटिव रिपोर्ट दिखा मुंबई से कांकेर पहुंचे तीन कोरोना संक्रमित
कांकेर | जिले में कोरोना मरीजों की संख्या अब 8 हो गई है। इसमें सोमवार को पाए गए तीन नए मरीज भी मुंबई से ही आए हैं। तीनों मरीज अपनी व्यवस्था कर जिला प्रशासन को जानकारी दिए बगैर ही कांकेर आ गए। तीनों मरीजों में एक की जांच मुंबई तथा दो की डौंडीलोहरा में रैपिड किट से की गई थी। जिसमें निगेटिव पाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने इन्हें आगे रवाना कर दिया था। तीनों इसी रैपिड किट से हुई जांच रिपोर्ट के सहारे आगे बढ़ते हुए कांकेर तक पहुंच गए जहां स्वाब सैंपल जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों से मजदूरों के लौटने का सिलसिल जारी है। मजदूरों का जत्था अलग-अलग संसाधनों से कांकेर पहुंच रहा है। इसके अलावा महाराष्ट्र में पढ़ाई व कंपनियों में काम करने गए लोग भी अब जिला प्रशासन को बिना जानकारी दिए जिले में वापस आ रहे हैं।



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क्वारेंटाइन सेंटर में लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं कर रहे हैं, इस तरह पास-पास झुंड में खड़े दिखते हैं।

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