रायपुर : सिपाहियों ने अपने ही साथियों को दिया पुलिस में नौेकरी का झांसा, 6 माह से 6 लाख रुपए लेकर भागे

अभी तक आपने पुलिसकर्मी बनकर या फिर पुलिसकर्मियों के ठगे जाने का मामला सुना और पढ़ा होगा, लेकिन छत्तीसगढ़ के रायपुर में पुलिसकर्मियों ने ही अपने साथियों को ठग लिया। पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो सिपाहियों ने अपने ही साथियों से 6 लाख रुपए ले लिए। जब बात उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो करीब 6 माह पहले दोनों सिपाही ड्यूटी छोड़कर भाग निकले। इसके बाद से दोनों को कुछ पता नहीं है। अब दोनों सिपाहियों के खिलाफ मंदिर हसौद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

पुलिस ने बताया कि मनेंद्रगढ़ 18वीं बटालियन का सिपाही प्रमोद रजक और सीएएफ 13वीं बटालियन विजय राय उर्फ अप्पू दोनों चंदखुरी अकादमी में अटैचमेंट पर थे। जून 2019 में उनकी मुलाकात वहां सिपाही मिथलेश राजहंस से हुई। इसके बाद उनमें बातचीत होने लगी। इस बीच दोनों सिपाहियों ने मिथलेश को बताया कि उसकी डीजीपी ऑफिस में अच्छी जान पहचान है। पुलिस में अभी भर्ती चल रही हैं। वे किसी की भी नौकरी लगा सकते हैं। इसके बाद उसके जरिए अन्य सिपाहियों को भी झांसे में लिया।

नौकरी लगने के बाद 3-3 लाख रुपए और देना हुआ था तय

दोनों की बात पर भरोसा कर वहां पदस्थ अाधा दर्जन सिपाहियों ने अपने रिश्तेदारों की नौकरी लगाने के लिए 1-1 लाख दिए। नौकरी लगाने के बाद 3 लाख देने का सौदा हुआ। काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो सिपाहियों ने अपना पैसा वापस मांगा। इस पर आरोपी उन्हें गुमराह करने लगे। अधिकारियों तक बात पहुंची तो दोनों ड्यूटी से अचानक गायब हो गए। पिछले 6 महीने से ड्यूटी भी नहीं आ रहे हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। उनके खिलाफ और भी शिकायतें हैं।



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छत्तीसगढ़ के रायपुर में पुलिसभर्ती के नाम पर दो सिपाहियों ने अपने ही साथियाें से 6 लाख रुपए ठग लिए। दोनाें आरोपी सिपाही पिछले 6 माह से ड्यूटी छोड़कर भागे हुए हैं। (प्रतिकात्मक फोटो)

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