पूर्व हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह का 96 की उम्र में निधन, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- वे अच्छे खिलाड़ी होने के साथ मेंटर भी थे

हॉकी के महानतम खिलाड़ियों में शुमार बलबीर सिंह सीनियर का सोमवार सुबह 96 साल की उम्र में मोहाली में निधन हो गया। वे पिछले दो हफ्ते से यहां के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे।उन्होंने सुबह साढ़े छह बजे अंतिम सांस ली।हॉकी इंडिया ने भी पूर्व ओलिंपियन बलबीर सिंह के निधन पर दुख जताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाहने भी पूर्व ओलिंपियन बलबीर सिंह के निधन पर दुख जताया। मोदी ने कहा कि बलबीर सिंहन सिर्फअच्छे खिलाड़ी थे, लेकिन बतौर मेंटर भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी थी। उन्हें पूरा देश उनके खेल के लिए याद रखेगा। उन्होंने कई मौकों पर देश का सम्मान बढ़ाया।

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खेल मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट किया- भारत के महान हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह के निधन से गहरा दुख हुआ। मैं उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।

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अभिनव बिंद्रा ने कहा, ‘‘मेरे लिए उनसे सम्मान प्राप्त करना गौरव की बात थी। वे एथलीटों के लिए रोल मॉडल रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि दुनिया भर के एथलीट उनसे प्रेरणा लेते रहेंगे।’’

मेरी उनके साथ फोटो खिंचवाने की तमन्ना अधूरी रह गई: सरदार सिंह

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने कहा- वह मेरे और कई हॉकी खिलाड़ियों के लिए आदर्श थे। उनकी मौत के साथ मेरी एक इच्छा हमेशा के लिए अधूरी रह जाएगी। मेरा सपना था कि मैं उनके तीन ओलिंपिक स्वर्ण पदक के साथ अपनी एक तस्वीर क्लिक करूं, लेकिन यह अब संभव नहीं है।

बलबीर सिंह को 8 मई को अस्पताल में भर्ती किया गया था

इस पूर्व ओलिंपियन को8 मई कोनिमोनिया और तेज बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उन्हेंतीन बार दिल का दौरा भी पड़ा। दिमाग में खून का थक्का जमने की वजह से वे 18 मई से कोमा में थे।

तस्वीर मोहाली के फोर्टिस अस्पताल की है। पूर्व ओलिंपियन बलबीर सिंह 8 मई से इसी अस्पताल में भर्ती थे।

बलबीर सिंह ने हेलसिंकी ओलिंपिक के फाइनल में पांच गोल दागे

बलबीरने 1952 के हेलसिंकी ओलिंपिक के फाइनल में नीदरलैंड्स के खिलाफ 5 गोल किए थे। किसी ओलिंपिक फाइनल में सबसे ज्यादा गोल करने का उनका यह रिकॉर्ड आज भी कायम है। भारत ने यह मुकाबला 6-1 से जीता था।

वे तीन बार के ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट थे

वे लंदन (1948), हेलसिंकी (1952) और मेलबर्न (1956) ओलिंपिक में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्हेंअंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक कमेटीने आधुनिक ओलंपिक इतिहास के 16 महानतम खिलाड़ियों में शामिल किया था।वे इस लिस्ट में शामिल होने वालेदेश के इकलौते खिलाड़ी थे।

तस्वीर 1948 के लंदन ओलिंपिक की है। तब बलबीर सिंह गोल्ड जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम में शामिल थे।

पद्मश्री हासिल करने वाले देश के पहले खिलाड़ी थे

इस पूर्व ओलिंपियनको 1957 में पद्मश्री दिया गया था। वह यह सम्मान हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी थे।वे 1975 में इकलौता हॉकी वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर थे।सिंह ने भारत के लिए 61 मैच में 246 गोल किए थे।

1948 के फाइनल पर बन चुकी है फिल्म

1948 के लंदन ओलिंपिक में भारत ने ब्रिटेन को हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इस फाइनल में बलबीर सिंह ने दो गोल किए थे। भारत ने यह मैच 4-0 से जीता था।2018 में इस घटना पर ‘गोल्ड’ फिल्म बनी। अक्षय कुमार ने इस फिल्म में तपन दास का रोल प्ले किया था।

तस्वीर 1956 के मेलबर्न ओलिंपिक की है। तब बलबीर सिंह की कप्तानी में भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराया था।

टूटे हाथ से 1956 ओलिंपिक का फाइनल खेले थे

1956 के मेलबर्न ओलिंपिक में वे टीम के कप्तान थे।तब पहले मैच के दौरान उनकी हाथ की हड्डी टूट गई थी। लेकिन कोच ने उनकी दहशत कायम रखने के लिए किसी को चोट के बारे में नहीं बताया। फाइनल में वे दर्द के बावजूद खेले और पाकिस्तान के खिलाफ टीम को जीत दिलाई।

पर्दे पर उनका किरदार निभाने वाले अक्षय कुमार भी उनकी मौत से दुखी हैं। उन्होंने ट्वीट किया- हॉकी लीजेंड बलबीर सिंह जी के निधन की खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। मुझे अतीत में उनसे मिलने का मौका मिला था और इस बात के लिए मैं खुद को सौभाग्यशाली समझता हूं। वे बेहतरीन व्यक्तित्व वाले इंसान थे।

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Balbir Singh Senior Death Update | Who Is Indian Balbir Singh? Former Hockey Balbir Singh Passes Away Balbir At 95 In Mohali Fortis Hospital

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