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लॉकडाउन की वजह से परिवार में बढ़ा आर्थिक संकट, धमतरी के गांव की महिलाओं ने शुरू किया बांस से गहने बनाने का स्टार्टअप


कोरोनाकाल में बहुत से लोगों ने जिंदगी की मुश्किलों से लड़ना सीखा है। काम न मिलने की वजह से धमतरी के कुछ परिवारों पर आर्थिक संकट टूट पड़ा। इस संकट को दूर करने के लिए परिवार की महिलाओं ने लॉकडाउन के खाली वक्त और गांव में उपलब्ध संसाधन से कुछ रचनात्मक करने की सोची। इन महिलाओं की यह कोशिश अब इन्हें आर्थिक मजबूती भी देने की तरफ बढ़ रही हैं। धमतरी जिले के नगरी विकासखण्ड के जबर्रा और धमतरी विकासखण्ड के ग्राम छाती की स्वसहायता समूह की महिलाएं इन दिनों बांस से आकर्षक औरकलात्मक गहने तैयार कर रही हैं।

इन्हें देख नहीं लगता कि यह गहने बांस से बने हैं, फैशन और स्टाइलिंग को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
इन्हें देख नहीं लगता कि यह गहने बांस से बने हैं। फैशन और स्टाइलिंग को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
ये पूरी कारिगरी हाथ से है, बांस से महिलाएं सजावट के बहुते से सामान तैयार कर रही हैं।
ये पूरी कारीगरी हाथ से है। बांस से महिलाएं सजावट के बहुते से सामान तैयार कर रही हैं।

इसके लिए महिलाओं को अधिक खर्च भी नहीं करना पड़ता। महिलाएं अपने इस स्टार्टअप में अपने गांव, बाड़ी के बांस और परम्परागत औजार का उपयोग कर बांस के गहने बना रही हैं। झुमके, टॉप्स, चूड़ी, हार सब कुछ शामिल हैं। बैम्बू क्राफ्ट कला से बने इन आकर्षक गहनों की मांग भी अब धीरे-धीरे बढ़ रही है। जिला पंचायत के अधिकारी भी महिलाओं की मदद कर रहे हैं। आर्य प्रेरणा समिति इन्हें ट्रेनिंग दे रही है।आने वाले दिनों में बांस से इको फ्रेंडली स्वदेशी राखी बनाने की भी तैयारी है। ट्रेनिंग संस्था के मोहित आर्य ने बताया कि जल्द ही इस प्रोडक्ट को मार्केट में पूरी तैयारी के साथ लांच किया जाएगा।

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तस्वीर धमतरी के छाती गांव की है। यहां महिलाएं अपने खाली वक्त का इस्तेमाल इसी तरह कुछ नया सीखने और बनाने में लगा रही है। इससे इन्हें आमदनी के अवसर मिल रहे हैं।

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