दो मंत्रियों का दावा- रमन सिंह के कार्यकाल में सबसे गरीब राज्य बना, नक्सलवाद का प्रसार हुआ

छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रविंद्र चौबे और मो. अकबर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। रायपुर के कांग्रेस दफ्तर में मीडिया के साथ हुई बातचीत में मंत्रियों ने एक के बाद एक पूर्व की बीजेपी सरकार के मुखिया डॉ रमन पह सियासी तीर छोड़े। कहा गया कि रमन सिंह के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ देश का सबसे ग़रीब राज्य बन गया। उनके ही कार्यकाल में राज्य सबसे अधिक झुग्गियों वाला राज्य बन गया। नक्सली उन्मूलन के नाम पर उन्होंने जो भी किया उससे नक्सलवाद का सबसे अधिक प्रचार प्रसार हुआ।

किसानों ने सबसे अधिक आत्महत्या उनके कार्यकाल में की। प्रदेश महिलाओं के उत्पीड़न और शोषण के लिए बदनाम हुआ। प्रदेश में हॉस्टल में रहने वाली मासूम बच्चियों तक को नहीं बख़्शा गया।मंत्रियों ने आगे पनामा पेपर्स कांड पर कहा कि केंद्र में मोदी की सरकार नहीं होती तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की तरह अभिषेक सिंह और उनके पिता रमन सिंह भी जेल में होते। दामाद पुनीत गुप्ता ने भी ग़रीबों के इलाज के लिए बने अस्पताल में करोड़ों का घोटाला किया।

झीरम नरसंहार के षडयंत्र की जांच नहीं होने दी गई। पता नहीं रमन सिंह किसे बचाने में लगे रहे। पार्टी के शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने 2018 में ऐतिहासिक निर्णय देते हुए भारतीय जनता पार्टी को 14 सीटों पर समेट दिया है। यह समय है कि राज्य में और अपनी पार्टी में हाशिए पर धकेल दिए गए रमन सिंह आत्ममंथन करें और अपने रिटायरमेंट की चिंता करें।



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तस्वीर कांग्रेस दफ्तर की है। पिछले कुछ दिनों से डॉ रमन मौजूदा सरकार के काम-काज पर सवाल उठा रहे थे, इसी के जवाब में दो मंत्रियों ने सियासी बयान दिए।

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