सरकार ने बस ऑपरेटरों का जून तक टैक्स माफ किया, 30% बसें चल सकती हैं बसें; 4.5 लाख लोग क्वारैंटाइन पूरा कर घर लौटे

छत्तीसगढ़ सरकार ने बस ऑपरेटरों के जून तक का टैक्स माफ कर दिया है। इसके साथ ही जिन वाहनों का परिचालन नहीं किया जा रहा है, उनको भी अग्रिम दो माह के टैक्स में छूट दी गई है। सरकार का दावा है कि इससे बस संचालकों को 5 करोड़ रुपए का लाभ होगा। टैक्स माफ किए जाने के बाद बस ऑपरेटरों ने राज्य में 20 से 30 फीसदी बसें शुरू करने पर सहमति दे दी है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला बुधवार को बैठक के बाद ही होगा।

बालोद में मंगलवार को कोरोना के दो नए मरीज मिले हैं। राजस्थान से 21 जून को लौटा बीएसएफ जवान और गुंडरदेही ब्लॉक के चिचलगोंदी निवासी एम्स हॉस्पिटल के वार्ड शामिल हैं। जवान के संपर्क में 14 लोग आए हैं। अफसरों का कहना है कि जवान जिद कर होम आइसोलेट में गया, लेकिन बाहर दोस्तों के साथ मिला। वहीं एक युवक को ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज भी किया गया है।

संचालक ऑनलाइन ले सकेंगे स्पेशल परमिट

  • प्रदेश में छोटी-बड़ी 4 हजार बसें चलती है। लॉकडाउन की अवधि में यात्री बसों का निर्धारित मार्ग पर संचालन बंद था। इससे पहले यात्री बसों के अप्रैल और मई माह के टैक्स में छूट दी थी।
  • बस संचालक अब शादी, पिकनिक, मेला और तीर्थयात्रा आदि विशेष काम के लिए ऑनलाइन अनुमति ले सकेंगे। अस्थायी परमिट के लिए परिवहन कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी।
  • स्पेशल परमिट के आवेदन से लेकर परमिट हेतु टैक्स और फीस पटाने की सुविधा भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। आवेदन के बाद परमिट स्वतः अनुमोदित भी हो जाएगा।
  • इस सुविधा के लिए बस संचालकों को परिवहन विभाग की वेबसाइट www.parivahan.gov.in पर जाकर स्वयं फार्म भरकर स्पेशल परमिट के लिए आवेदन करना होगा।

प्रदेश में अभी 1.67 लाख लोग क्वारैंटाइन सेंटरों में
छत्तीसगढ़ में 4.5 लाख प्रवासी श्रमिक क्वारैंटाइन अवधि को पूरा कर चुके हैं। इन सभी को सेंटर से घर भेज दिया गया है। हालांकि ये लोग एहतियातन अब 10 दिनों तक होम क्वारैंटाइन रहेंगे। वहीं 1.67 लाख लोग प्रदेश के 11,940 केंद्रों में अब भी मौजूद हैं। प्रदेश में प्रवासी श्रमिकों के लिए 21183 क्वारैंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। दूसरी ओर सरकार का अनुमान है कि अभी करीब 45 हजार मजदूरों की वापसी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना अपडेट
रायपुर :
रायपुर में मरीजों की संख्या 324 पहुंच गई है। इनमें 309 मरीज 1 जून से 30 जून के बीच मिले हैं। यानी प्रतिदिन का औसत 10 से ज्यादा है। शहरी क्षेत्र में रोज नए मरीज मिलने से ग्रामीण क्षेत्र भी पीछे हो गया है। सबसे ज्यादा मरीज एम्स के डॉक्टर, नर्सिंग, पैरामेडिकल, हाउसकीपिंग व भर्ती मरीज हैं, जो संक्रमण के बाद कोरोना से पीड़ित हुए। इसके बाद किर्गिस्तान से लौटे मेडिकल स्टूडेंट हैं। मरीजों के संपर्क में आए परिवार के सदस्य भी हैं।

बिलासपुर : हाईकोर्ट ने राज्य के न्यायालयों में अर्जेंट मामलों के सुने जाने की व्यवस्था 15 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी है। पूर्व के आदेश से यह व्यवस्था 30 जून तक के लिए लागू की गई थी। इस अवधि में सुनवाई हेतु लगे मामलों में पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को न्यायालय में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही होगी। यह व्यवस्था कोरोना महामारी को‌ देखते हुए की गई है।

भिलाई : यात्रियों को मजदूर बताकर बिहार जा रही बस को आरटीओ अधिकारियों ने पकड़ लिया। इंटर स्टेट परमिशन नहीं होने पर भी बस को दूसरे राज्य में लेजाने पर बस संचालक पर 12 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। आरटीओ अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि दुर्ग रोडवेज की बस के खिलाफ कार्रवाई की है। संचालक ने दूसरे प्रदेश में जाने के लिए यात्रियों को मजदूर बताकर शासन से ई-पास जारी करा लिया।



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ये तस्वीर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे स्टेशन में प्लेटफार्म नंबर एक की है। यहां से बुधवार से नियमित रूप से स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। इसे देखते हुए एक दिन पहले ही कोरोना के खतरे से निपटने के लिए प्लेटफार्म को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है।

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