जिन्हें परीक्षा से छूट मिली उनका मूल्यांकन कैसे, पांच सदस्यीय कमेटी तैयार करेगी रिपोर्ट

उच्च शिक्षा से जुड़े राजकीय विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले फर्स्ट व सेकेंड ईयर के नियमित छात्रों को परीक्षा से छूट मिली है। आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर इनका रिजल्ट तैयार होगा। जून में इसके लिए निर्देश जारी हुआ। लेकिन यह कैसे होगा? राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में एक जैसी व्यवस्था कैसे होगी। यह सब देखने के लिए उच्च शिक्षा विभाग से अब पांच सदस्यीय कमेटी बनायी गई है। यह कमेटी न सिर्फ फर्स्ट व सेकेंड ईयर के नियमित छात्रों के मूल्यांकन के संबंध में अपनी रिपोर्ट देगी, बल्कि बचे हुए अंतिम वर्ष व प्राइवेट छात्रों की परीक्षाओं के लिए भी यह कमेटी रिपोर्ट तैयार करेगी।
रविवि के कुलपति डॉ. केएल. वर्मा को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह इस कमेटी में उच्च शिक्षा के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कुलसचिव, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलसचिव और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलसचिव शामिल हैं। शिक्षाविदों ने बताया कि यह कमेटी अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। इसके अनुसार ही मूल्यांकन से संबंधित कार्रवाई होगी। इससे पहले, रविवि समेत अन्य राजकीय विश्वविद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं मार्च में शुरू हो गईं थीं। कुछ दिन तक परीक्षाएं हुईं। लेकिन कोरोना वायरस की वजह से इसे स्थगित किया गया। जून में उच्च शिक्षा विभाग ने ग्रेजुएशन फर्स्ट व सेकेंड ईयर के नियमित छात्रों को परीक्षा से छूट देने का निर्णय लिया। इसके अनुसार यह तय किया गया कि 14 मार्च तक जितने पेपर की परीक्षाएं हुई है। उसका मूल्यांकन होगा। अन्य विषयों की परीक्षा नहीं होगी। इन विषयों में नंबर पिछले साल के प्राप्तांक, आंतरिक मूल्यांकन व असाइनमेंट कार्य के आधार पर दिए जाएंगे। यह घोषणा होने के महीने भर बाद भी रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। इसलिए अब कमेटी बनायी गई है।

पौने दो लाख छात्रों को मिली है छूटचार लाख की होगी परीक्षा
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर, बस्तर विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय अंबिकापुर, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग की वार्षिक परीक्षा में इस साल 5.80 लाख परीक्षार्थी हैं। इसमें से फर्स्ट व सेकेंड ईयर के नियमित छात्रों की संख्या करीब पौने दो लाख है। इन्हें ही परीक्षा से छूट मिली है। करीब चार लाख छात्रों के लिए अभी परीक्षा का आयोजन होगा। पांच सदस्यीय कमेटी इसके लिए भी रूपरेखा तैयार करेगी। गौरतलब है कि अंतिम वर्ष की परीक्षा का लेकर यूजीसी की भी गाइडलाइन जारी हुए है। इसमें परीक्षा के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आयोजन को लेकर जानकारी दी गई है।



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How to evaluate those who were exempted from examination, a five-member committee will prepare a report

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