खेल मंत्री रिजिजू बोले- पूर्व खिलाड़ी सम्मान के हकदार, सरकार हर जरूरतमंद खिलाड़ी को आर्थिक सहायता देती रहेगी

खेल मंत्री किरन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि सरकार पूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक मदद जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व खिलाड़ियों ने देश की सेवा की है। ऐसे में वे सम्मान के हकदार हैं। रिजिजू ने चीफ एथलेटिक्स कोच बहादुर सिंह के वर्चुअल फेयरवेल के दौरान यह बात कही।

बहादुर सिंह ने 30 जून को चीफ एथलेटिक्स कोच पद छोड़ दिया था। खेल मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, 70 साल से ज्यादा का कोई भी व्यक्ति कोचिंग स्टाफ के तौर पर नेशनल कैम्प में शामिल नहीं हो सकता।

चीफ एथलेटिक्स कोच बहादुर सिंह (दाएं) ने 1973-85 के बीच एशियन गेम्स और एशियन चैम्पिनयनशिप के शॉटपुट इवेंट में 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। इसके अलावा वे 1980 के मॉस्को ओलिंपिक के फाइनल में भी पहुंचे थे।

हर जरूरतमंद खिलाड़ी की मदद करेंगे: रिजिजू

रिजिजू ने कहा कि खेल मंत्रालय हर जरूरतमंद पूर्व और मौजूदा एथलीट की मदद कर रहा है। 1998 बैंकॉक एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले मुक्केबाज डिंको सिंह इसके उदाहरण हैं। कैंसर से जूझ रहे इस मुक्केबाज की तबियत खराब होने की जानकारी मिलने के बाद खेल मंत्रालय ने एयर एंबुलेंस के जरिए उन्हें दिल्ली पहुंचाया था और एम्स में इलाज कराया था।

‘खिलाड़ियों की आर्थिक तंगी देखकर दुख होता है’

उन्होंने आगे कहा कि मुझे तब बहुत दुख होता है, जब यह पता चलता है कि पूर्व खिलाड़ी पैसों की कमी के कारण अपना इलाज नहीं करा पा रहे हैं। अब तक हमने इस मुश्किल में फंसे कई पूर्व और मौजूदा खिलाड़ियों की मदद की है।

समाज में खिलाड़ीसम्मान का हकदार

खेल मंत्री ने कहा कि बहुत सारे एथलीट हैं, जिनकी मेडल जीतने के बाद कमर्शियल वैल्यू बढ़ जाती है और बहुत खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं, जिन्होंने देश के खेल के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया होता, लेकिन किसी वजह से कामयाब नहीं हो पाते हैं। ऐसे खिलाड़ियों को समाज भुला देता है।

रिजिजू ने कहा कि खिलाड़ियों को समाज में हर स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए। अगर हम ऐसा नहीं कर रहे हैं, तो इससे गलत संदेश जाएगा। मुझे तब बहुत दुख होता है, जब खिलाड़ियों को सम्मान नहीं मिलता है।

बहादुर सिंह खिलाड़ियों और कोच के लिए प्रेरणा

उन्होंने एथलेटिक्स कोच बहादुर सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उनका जाना भारतीय खेल में एक दौर का अंत है। दो दशक तक टॉप एथलीट, एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना (शॉटपुट)और फिर कोच के तौर पर 30 साल लंबा करियर, इसे हासिल करना आसान नहीं। आप भविष्य के खिलाड़ियों और कोच के लिए भी प्रेरणा बने रहेंगे।

भारतीय ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने भी बहादुर सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी वजह से एथलेटिक्स का कल्चर डेवलप हुआ और मुझे उम्मीद है कि एथलीट्स उनके नक्शेकदम पर चलेंगे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
चीफ एथलेटिक्स कोच बहादुर सिंह (दाएं) ने 1973-85 के बीच एशियन गेम्स और एशियन चैम्पिनयनशिप के शॉटपुट इवेंट में 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।

Powered by WPeMatico

%d bloggers like this: