मंत्रालय में अब सचिव की अनुमति से ही फरियादी व मीडिया को प्रवेश

मंत्रालय में अब विशेष वजह या अफसरों की अनुमति के बिना किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया जाएगा। मंत्रालय सुरक्षा में तैनात एक अफसर के कोरोना पाजीटिव आने के बाद प्रवेश पर सख्ती कर दी गई। जीएडी की नजर अब उन कर्मचारियों पर है जो कोरोना पीड़ित के संपर्क में आए और जिनकी टेस्ट रिपोर्ट आनी है। यदि कुछ परेशानी वाली बातें सामने आई तो बड़ा फैसला लिया जाएगा। मंत्रालय में दो महीने बाद 1 जून से पूरे स्टाफ को काम पर बुलाया गया था। कोरोना केस मिलने पर जीएडी ने आदेश दिया है कि अब मंत्रालय में प्रवेश के लिए सचिव की अनुशंसा जरूरी होगी। इनकी सहमति पर ही प्रवेश पास बनेगा। सचिव डीडी सिंह ने बताया कि अभी तक मंत्रालय में मंत्री या सचिव के स्टाफ, उप सचिव, अवर सचिव आदि की अनुशंसा पर गेट पास मिल जाते थे। अब जीएडी ने बकायदा आदेश जारी कर दिया।
सिंह ने स्पष्ट किया कि मीडिया को रोकने यह व्यवस्था की बात गलत है। उन्होंने कहा कि कोरोना किसी को भी हो सकता है चाहे वह स्टाफ हो, फरियादी या प्रेसकर्मी या और कोई। शासन के निर्देश सबके लिए हैं।
कर्मचारी फिर नाराज
कोरोना पीड़ित मिलने के बाद कर्मचारियों में फिर नाराजगी है। उनका कहना है कि मंत्रालय में यह व्यवस्था कितने दिन लागू रहेगी कुछ तय नहीं है। इंतजाम सही नहीं हैं। बसों में भरकर लाया जा रहा है। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा। बसों को सेनेटाइज नहीं किया जा रहा। जबकि अफसरों का कहना है कि बसों को सेनेटाइज करने के बाद चलाने की अनुमति दी गई है। मंत्रालय में गेट पर टायलेटों में सभी जगह सेनेटाइजर रखे गए हैं।



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