गैंगस्टर विकास दुबे के घर का मलबा जस का तस पड़ा, 20 घरों के लोग फरार; गांव में 150 पुलिसवाले तैनात

कानपुर के बिकरुगांव में गैंगस्टर विकास दुबे और पुलिस के बीच मुठभेड़ के4 दिन पूरे होचुके हैं। विकास का पांचवें दिन भी कोई सुराग हाथ नहीं लगाहै। उस पर अब तक ढाई लाख रु. का इनाम घोषित किया जा चुका है। यूपी एसटीएफ औरकानपुर मंडल की 40 टीमें उसकीतलाश में लगी हैं। उधर, बिकरुगांव में डीएसपी समेत 8 पुलिसवालों की हत्या के बाद से अब तक हालात सामान्य नहीं हुए हैं। डर और आशंकाओं के बीच गांव की गलियां सूनी हैं। कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

शनिवार को प्रशासन ने घर मेंबंकर बनाए जाने और असलहे छिपाकर रखे जाने की आशंका के चलतेविकास काकिलेनुमाघर ढहा दिया था, उसका मलबा अभी जस का तस पड़ा है। 150 पुलिसकर्मी गांव के चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं। एक रिपोर्ट-

गैंगस्टर के पड़ोसीफरार, आसपास के घरों में महिलाएं अंदर बंद
जिला मुख्यालय से 39 किमी की दूरी पर बिकरु गांव है।गांव की मुख्य सड़क से जैसे ही गैंगस्टर विकास दुबे केघर की तरफ बढ़ते हैं तोरास्तेभर बड़ी संख्या में पुलिस दिखाई देने लगती है। विकास के घर की ओर जाने वाली सड़क के मुहाने पर ‘माननीय विकास दुबे’ के नाम का पत्थर लगा है।

उस सड़क पर जाने वालों से पुलिसकर्मी सबसे पहले पूछताछ करते हैं। तभी आगे जाने देते हैं। हालांकि, यह पुलिस वाले अलग-अलग थानों के हैं,जिनकी ड्यूटी लगाई गई है। आगे चलने पर सड़क के दोनों ओर पर बने घरों में सन्नाटा-सा दिखता है। विकास के घर से 200 मीटर दूर एक नल पर कुछ बुजुर्ग महिलाएं जरूर मिलीं, लेकिन उन्होंने कोई बात करने से इनकार कर दिया।

बस यही बोला कि करीब 20 घरोंके मर्द डर के मारे फरार हैं। घर में केवल औरतें ही हैं। यह कहते हुए हड़बड़ाहट में बुजुर्ग महिला घर की ओर बढ़ गई। आगे विकास के घर के आसपास जिन घरों से पुलिस टीम पर हमला किया गया था, वे सभी घर बंद मिले।

गांव में विकास के नाम पर शिलापट।

जिस घर में डीएसपी की हत्या हुई, वह भी बंद पड़ा
विकास के घर के ठीक सामने उसके मामा प्रेम कुमार पांडेय का घर है। शुक्रवार सुबह पुलिस ने प्रेम प्रकाश और अतुल दुबे कोमुठभेड़ में मार गिराया था। प्रेम के घर में ही डीएसपी देवेंद्र मिश्र की हत्या की गई थी। अब यह घर वीरान पड़ा है। परिवारकानपुर चला गयाहैजबकि बेटा शशिकांत अभी भी फरार है। हालांकि, विकास के घर के सामने पुलिसवालों का जमावाड़ा लगा है, लेकिन ग्रामीण कोई नजर नहीं आया।

पुलिस की कार्रवाई से डरकर भागे लोगों के घरों में लगे ताले।

विकास के घर के पीछे चहल-पहल
विकास के घर के पीछे बने घरों में जरूर चहल-पहल दिखी। महिलाएं गाय-गोबर हटाने का काम करती दिखीं। पुरुष और युवाघर के बाहर चहलकदमी करते मिले। हालांकि, कोई भी बात करने को राजी नहीं था। दरवाजे पर बैठे एक बुजुर्ग से जब घटना वाली रात के बारे में जानने की कोशिश की गई तो वे बोले कि हमेंकुछ पता नहीं चला। जब सुबह पुलिस आई, तभी पता चला है।

खेल के मैदान में भी सन्नाटा
गांव के बाहर ही एक बड़ा-सा मैदान है। यहां बच्चे दिनभर कुछ न कुछ खेला करते हैं। मंगलवार को यहां सन्नाटा पड़ा था। मैदान में पुलिस की गाड़ियां खड़ी हैं। जबकि बच्चे घरों में दुबके हुए हैं। गांव की मुख्य सड़क के दूसरी ओर तालाब के किनारे कुछ घर बने हैं। वहां से भी मर्दों को पुलिस उठा ले गई है।

उन घरों की महिलाएं मीडिया वालों से ही सलाह लेती दिखीं कि हमारा घर तो विकास के घर से बहुत दूर है और हमारे घर के मर्द तो उस समय सो रहे थे तो क्या पुलिस पूछताछ के बाद इन्हें छोड़ देगी?

गांव में मुस्तैद पुलिसबल।

बिकरु गांव छावनी बना, गांव वालों से पूछताछ हो रही
गांव में इस समय पुलिस ही पुलिस दिखाई पड़ रही है। पुलिस गांव के कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। विकास के संपर्क में रहने वाले लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। उनकी तलाश भी हो रही है। लेकिन पुलिस को अभी तक ऐसा कोई सबूत नही मिला, जिससे विकास की कोई ठोस लोकेशन मिल सके।

गांव की सूनी पड़ी गली।

गांव की जातीय राजनीति को हवा देकर विकास ने दबदबा बनाया था
विकास का बिकरु गांव ब्राह्मण बाहुल्य है। इन परिवारों के लिए विकास मदद करने को तत्पर रहता था। गांव में पिछड़ी जातियां भी हैं। विकास इनकीभी हर दुख-दर्द में मदद करता था। इसवजह से विकास का गांव में सिक्का चलता था। लेकिन, गांव के ही कुछ मुस्लिम परिवारों से उसकी नहीं बनती थी।

गांव के ही एक बुजुर्ग ने बताया कि अपने अहाते में ही विकास कचहरी लगाकर गांव के छोटे-बड़े मामलों का निपटारा करता था। ब्राह्मणों और पिछड़ी जातियों का वोटबैंक भी अपने इशारे पर वह चुनाव में प्रयोग करता था। इस वजह से उसे राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त होता था।



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यह फोटो कानपुर के बिकरु गांव में गैंगस्टर विकास दुबे के घर की है। शनिवार को प्रशासन ने उसके घर को ढहा दिया था। घऱ का मलबा चार दिन बीत जाने के बाद भी अब तक वैसे ही पड़ा है।

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