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जलता कोयला मालगाड़ी में लाद दिया, रेलवे की सतर्कता से भीषण हादसा टला


एसईसीएल कुसमुंडा की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यहां के स्टॉक यार्ड में पिछले तीन माह से कोयले में आग लगी हुई है। इसी स्टॉक का कोयला कुसमुंडा रेलवे साइडिंग से गुरुवार को मालगाड़ी में लाद दिया गया। मौके पर मौजूद रेलवे के अधिकारियों ने इसे रोका, हालांकि रात को रवाना हुई मालगाड़ी जब 8 किलोमीटर दूर कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंची तो कुछ वेगन में फिर धुंआ उठने लगा। तब उसे बुझाया गया।
वहां से गुरुवार की देर रात रवाना किया गया मगर फिर से कुछ वैगन में धुंआ उठते देखकर उसे पहले उरगा और फिर वहां से सरगबुंदिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर ले जाकर खड़ा किया गया। इसी तरह से सुबह 6 बजे कुसमुंडा से ही रवाना हुई, दूसरी मालगाड़ी में भी सुलगता हुआ कोयला था। उसे भी रेलवे के अधिकारियों ने सतर्कता बरतते हुए सरगबुंदिया रेलवे स्टेशन पर प्लेट फार्म नंबर 3 पर खड़ा करवाया। जहां कोरबा, बालको, लैंको की फायर ब्रिगेड भेजी गई। लगातार प्रयास के बाद भी शाम 6 बजे तक तक केवल एक मालगाड़ी के वैगनों में जल रहे कोयले पर की आग पर काबू पाया जा सका है।

रेलवे अफसरों ने रुकवाई थी कोयले की लोडिंग
गुरुवार को ही रेलवे साइडिंग में जब कोयला भरा जा रहा था तो उसमें आग लगी हुई देखकर रेलवे के अधिकारियों ने कोल लोडिंग रुकवा दी मगर तब तक 4 वैगन में भरे कोयले से धुआं उठने लगा था। आनन फानन में टैंकर लाकर किसी तरह आग पर काबू पाया गया।

सरगबुंदिया ले जाकर बुझाई गई आग
पहली मालगाड़ी जब कोरबा रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी तो भारी मात्रा में धुआं उठते देख उसे रोक लिया गया। जहां आग बुझाने की कोशिश की गई। बाद में इस मालगाड़ी को सुरक्षा के लिहाज से उरगा भेजा गया। वहां ऐसी व्यवस्था नहीं है कि वहां तक फायर ब्रिगेड पहुंच सके तो माल गाड़ी को शुक्रवार की सुबह सरगबुंदिया ले गए। जहां विभिन्न उपक्रमों की फायर ब्रिगेडों से आग को बुझाया गया।

दमकलों से 12 फेरे लगाकर आग बुझाई
दमकलों के करीब 12 फेरों के बाद एक मालगाड़ी से धुंआ उठना बंद हुआ। मालगाड़ी के सभी वैगन में पानी का छिड़काव किया गया। उसके बाद उस मालगाड़ी को रवाना किया गया। वहीं दूसरी मालगाड़ी में शुक्रवार की रात तक करीब 15 वैगन में लदे कोयले से धुंआ निकल रहा है। जिसके कारण उसे अभी सरगबुंदिया में ही रोककर रखा गया है। इस पूरे मामले में एसईसीएल के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

बोगी के पास फंसा वाहन खींचकर निकाला गया

आग को बुझाने के दौरान एक फायर ब्रिगेड बोगी की तरफ आकर फंस गई थी। जिसे खींचकर निकाला गया। वहीं कुसमुंडा में कोल स्टॉक में लगी आग को बुझाने में दो ठेका कर्मचारी मुकेश कुमार यादव और ओम प्रकाश यादव झुलस गए थे।

लोडर से कोयला डालने में सुलगता हुआ बोगी में चला गया: एआरएम
एआरएम मनीष कुमार अग्रवाल ने कहा है कि इस पूरे मामले में एसईसीएल की जिम्मेदारी भी बनती है और उनके अधिकारियों की लापरवाही भी है। साइडिंग में मौजूद रेलवे के अधिकारियों ने गुरुवार को ही जलता हुआ कोयला लेने से मना कर दिया था चूंकि कोयला स्टॉक यार्ड से बड़ी मात्रा में आता है व वैगन में उसे लोडर से उसे डाला जाता है तो यह साफ पता नहीं चलता कि सुलगता हुआ कोयला भी उसमें चला गया है। हमने एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन से कहा है कि हम उनके कोल स्टॉक यार्ड से आया हुआ कोयला लोड नहीं करेंगे, वे हमें खदान से सीधे फ्रेश कोयला लाकर मालगाड़ी में लोड करवाएं। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के कारण पांच रैक कोयला का डिस्पैच आज नहीं हो सका है।

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सरगबुंदिया रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी पर पानी डालती फायर बिग्रेड।

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