Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors. Please consider supporting us by whitelisting our website.

चीन से अब सबमरीन्स नहीं खरीदेगा थाईलैंड, बंगाल की खाड़ी में नहर का प्रोजेक्ट भी रद्द किया


चीन के दोस्त भी अब उससे दूर होते जा रहे हैं। थाईलैंड को एक वक्त उसके सबसे करीबी मित्र राष्ट्रों में गिना जाता था। हालांकि, यह तस्वीर भी अब बदल रही है। थाईलैंड सरकार ने दो चीन को नुकसान पहुंचाने वाले दो बड़े फैसले किए। पहला- 2017 में हुई सबमरीन डील टाल दी है। दूसरा- बंगाल की खाड़ी में नहर बनाने का कॉन्ट्रैक्ट चीन को देने से इनकार कर दिया।

अब दो पनडुब्बियां नहीं खरीदेगा थाईलैंड
यूरेशियन टाइम्स के मुताबिक, 2015 थाईलैंड ने चीन के नेवल इक्युपमेंट्स खरीदने की डील की थी। चीन से सबमरीन डील करने वाला थाईलैंड पहला देश था। 2107 में थाईलैंड ने 2 सबमरीन खरीदने का सौदा किया। पहली सबमरीन की डिलीवरी 2023 में होनी थी। लेकिन, इसके पहले ही थाई सरकार ने इस डील को टाल दिया। सरकार के प्रवक्ता ने कहा- प्रधानमंत्री जनता की फिक्र समझते हैं। देश आर्थिक तौर पर मुश्किल दौर से गुजर रहा है।

जनता नाखुश थी
रिपोर्ट के मुताबिक, सबमरीन डील 72.4 करोड़ डॉलर की थी। देश के अर्थव्यवस्था इन दिनों खराब दौर से गुजर रही है। विपक्ष और नागरिक लगातार इस महंगे करार पर सवाल उठा रहे थे। सरकार पर दबाव बढ़ रहा था। यही वजह है कि इस डील को टाल दिया गया है। इसके अलावा ट्रेड के लिहाज से चीन यहां बंगाल की खाड़ी में एक नहर भी बनाने जा रहा था। इसका कॉन्ट्रैक्ट भी अब रद्द कर दिया गया है। थाई सरकार अब इसे खुद बनाएगी। यह नहर 120 किलोमीटर लंबी होती।

नहर पर सख्त फैसला क्यों
फॉरेन पॉलिसी मैगजीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नहर वाले प्रोजेक्ट को अपने हाथ में लेने का फैसला थाईलैंड सरकार ने छोटे पड़ोसी देशों के हितों के मद्देनजर लिया है। म्यांमार और कम्बोडिया की सीमाएं चीन से मिलती हैं। थाईलैंड सरकार को लगता है कि चीन नहर के जरिए इन दोनों के हितों को प्रभावित कर सकता है। थाईलैंड के इस फैसले से इस क्षेत्र के देशों ने राहत की सांस ली है। अब दक्षिण चीन सागर में कोई देश चीन के साथ नहीं है।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


फोटो पिछले साल मई की है। तब चीन और थाईलैंड ने ज्वॉइंट मिलिट्री ड्रिल की थी। थाईलैंड ने चीन से नेवल इक्युपमेंट्स के अलावा दो सबमरीन खरीदने के लिए डील की थी। अब इसे टाल दिया गया है। दोनों देशों के करीबी रिश्तों को देखते हुए यह चीन के लिए बड़ा झटका माना जा सकता है।

Powered by WPeMatico

%d bloggers like this: