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भिलाई में 17 सितंबर से जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर वाले 50 बेड; कोविड निगेटिव और संदिग्ध मरीजों का होगा इलाज


छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला अस्पताल में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। अब जिला अस्पताल में 17 सितंबर से ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त 50 बेड की व्यवस्था होगी। इन्हें मेल और फीमेल वार्ड के लिए अलग-अलग तैयार किया जा रहा है। यह सुविधा ऑक्सीजन की जरूरत वाले कोविड निगेटिव या संदिग्ध मरीजों के लिए होगी।

जिला अस्पताल में 17 सितंबर से ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त 50 बेड की व्यवस्था होगी। इन्हें मेल और फीमेल वार्ड के लिए अलग-अलग तैयार किया जा रहा है। यह सुविधा ऑक्सीजन की जरूरत वाले कोविड निगेटिव या संदिग्ध मरीजों के लिए होगी।

फीवर क्लीनिक में गंभीर और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर
फीवर क्लीनिक में सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था की गई है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने मंगलवार को जिला अस्पताल और फीवर क्लीनिक का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने होम आइसोलेशन वाले मरीजों की व्यवस्था के निर्देश दिए।

मेडिकल किट के साथ हिदायतों का पंफलेट भी दें
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि होम आइसोलेशन चाहने वाले मरीजों को चिकित्सक की अनुमति के बाद नियम विस्तार से बताएं। साथ ही उन्हें मेडिकल किट के साथ हिदायतों वाला पंफलेट भी दिया जाए। उन्होंने वहां पर इस संबंध में जानकारी देने के लिए एक फ्लैक्स भी लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में न्यूनतम समय लगना चाहिए।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि होम आइसोलेशन चाहने वाले मरीजों को चिकित्सक की अनुमति के बाद नियम विस्तार से बताएं। साथ ही उन्हें मेडिकल किट के साथ हिदायतों वाला पंफलेट भी दिया जाए।

सैंपल पॉजिटिव आते ही दिए जाएंगे मेडिकल किट
सभी फीवर क्लीनिक में सैंपल पाजीटिव आते ही मेडिकल किट भी मरीजों को दिए जाएंगे। साथ ही हिदायतें भी बता दी जाएंगी। आइसोलेशन कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार मरीजों के स्वास्थ्य की मानिटरिंग की जाएगी। कलेक्टर आदर्श नगर और पोटिया पहुंचे। वहां उन्होंने 80 सैंपल रोज का लक्ष्य करने के निर्देश दिए।

50 से अधिक आयु के मरीजों को चिन्हित करने और टेस्ट के निर्देश
कलेक्टर डॉ. भुरे ने कहा, आयु बढ़ने से सामान्य तौर पर प्रतिरोधक क्षमता घटती है। इसके साथ ही गंभीर बीमारियां हों तो कोविड जैसे रोग में विषम स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में 50 वर्ष से अधिक आयु के कोरोना लक्षण वाले मरीजों को चिह्नांकित किया जाए। जिससे तत्काल उनका इलाज शुरू हो सके। इससे उनकी जान आसानी से बचाई जा सकेगी।

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ये फोटो दुर्ग के फीवर क्लीनिक की है। जहां लोग सैंपल जांच कराने के लिए पहुंचे हैं। निरीक्ष्ण करने पहुंचे कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर ने सैंपल पाजीटिव आते ही मेडिकल किट भी मरीजों को देने के निर्देश दिए।

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