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डीआईजी पाल दूसरी बार पॉजिटिव, इससे पहले जुलाई में संक्रमित हुए थे, प्रदेश में अब तक ऐसे 11 केस


प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही किसी मरीज के दूसरी बार संक्रमित होने का डर भी लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को डीआईजी ओपी पाल दूसरी बार कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इससे पहले वे जुलाई में संक्रमित हुए थे। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छुट्‌टी दे दी गई थी।

अंबेडकर अस्पताल के वरिष्ठ डाॅ. आरके पंडा ने कहा कि प्रदेश में इससे पहले 10 केस और आ चुके हैं। यह 11वां है। इस बीच रविवार देर रात तक हेल्थ विभाग के मुताबिक 24 घंटे में प्रदेश में 2228 नए केस सामने आए हैं। इनमें रायपुर के सबसे ज्यादा 621 केस हैं। वहीं सीएम भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल, कबीर शोधपीठ के अध्यक्ष कुणान शुक्ला और भरतपुर विधायक गुलाब कमरो संक्रमित मिले हैं।

राजनांदगांव, दुर्ग, रायगढ़, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर में भी लगातार केस बढ़ रहे हैं। रायपुर के अलावा बिलासपुर में 309, राजनांदगांव में 253, रायगढ़ में 150, बलौदाबाजार में 108 सबसे ज्यादा नए मरीज मिले हैं। प्रदेश में कोराना से 16 मरीजों की मौत भी हुई है, जिसमें रायपुर के 11 मरीज हैं। पिछले 24 घंटे में 1015 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है।
अब तक 31931 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं। वहीं प्रदेश में 3736 मरीज घर पर रहकर स्वस्थ हो चुके हैं।

होम आइसोलेशन के लिए ये है गाइडलाइन
स्वास्थ्य विभाग द्वारा होम आइसोलेशन में मरीजों के इलाज के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार दस दिनों के होम आइसोलेशन की अवधि पूरी करने के बाद मरीज को अगले सात दिनों तक एहतियातन पूरी सावधानी बरतते हुए घर पर ही रहना है। मरीज की निगरानी कर रहे डॉक्टर द्वारा 17 दिनों के बाद कंट्रोल रूम को उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा होम आइसोलेशन की समाप्ति के संबंध में कार्यवाही की जाएगी।

डाॅ. आरके पंडा बोले- अस्पताल से छुट्टी के तीन महीने बाद तक पाॅजिटिव रिपोर्ट
प्रदेश के डीआईजी ओपी पाल की रिपोर्ट संक्रमण के दो माह बाद फिर पाॅजिटिव आने को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य जगत में चर्चाएं छिड़ गई हैं। हालांकि कोरोना कोर कमेटी के सदस्य तथा अंबेडकर अस्पताल के वरिष्ठ डाॅक्टर आरके पंडा ने साफ किया है कि पॉजिटिव मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो जाता है, फिर भी उसके शरीर में कोरोना का डेड वायरस पड़ा रहता है।

इस वजह से 3 माह तक फाॅल्स पाॅजिटिव रिपोर्ट आ सकती है। प्रदेश में अभी तक 10 ऐसे मामले आए हैं, जिसमें मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज करने के बाद दोबारा जांच पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हालांकि वे सभी स्वस्थ हैं। डाॅ. पंडा ने बताया कि जिनकी रिपोर्ट फॉल्स पॉजिटिव आ रही है, उनमें वायरल लोड इतना कम रहता है कि दोबारा संक्रमण की आशंका कम रहती है।

प्रदेश में होम आइसोलेशन के मरीजों को अब 17 दिन में डिस्चार्ज सर्टिफिकेट
घरों में रहकर कोरोना इलाज करवा रहे मरीजो को अब डिस्चार्ज सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। हर जिले में सीएमएचओ इसको जारी करेंगे। हेल्थ विभाग के मुताबिक मरीजों को होम आइसोलेशन की अवधि पूरी होने पर उनके स्वास्थ्य की स्थिति के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा होम आइसोलेशन की समाप्ति के संबंध में प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

मरीज के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉक्टर द्वारा होम आइसोलेशन की अवधि पूरी होने और मरीज के ठीक होने की जानकारी कंट्रोल रूम को देने के बाद सीएमएचओ कार्यालय द्वारा होम आइसोलेशन की समाप्ति के लिए प्रमाण पत्र जारी करने की कार्यवाही की जाएगी।

मरीजों के लिए रायपुर में 560 ऑक्सीजन बेड जल्द

प्रदेश के कोविड मरीजों के लिए जल्द ही 560 और ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है। इनमें राजधानी के लालपुर अस्पताल में 100 बेड और आयुर्वेदिक अस्पताल में 400 बेड और ईएसआईसी अस्पताल में 60 बेड बढ़ाए जा रहे हैं। इसके बाद प्रदेश में कुल 30 हजार 270 बेड हो जाएंगे, जिनमे गंभीर मरीजों के लिए 560 ऑक्सीजन युक्त बेड भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो दिन पहले ही पूरे इंतजामों का रिव्यू कर अफसरों से कोविड अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने कहा था।

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक इंडोर स्टेडियम में भी ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में कुल 29 कोविड अस्पताल और 186 कोविड केयर सेंटर है। अस्पतालों में 3551 बेड और कोविड केयर सेंटर में 25560 बेड उपलब्ध हैं। राज्य के 19 निजी चिकित्सालय भी कोविड मरीजों का इलाज कर रहे है, जिनमें 1304 बेड हैं।

कोविड अस्पतालों में 2775 जनरल, 406 आईसीयू और 370 हाई डिपेंन्डेन्सी बेड (एचडीयू) बेड हैं। मार्च में जहां 54 आईसीयू बेड थे जिसे जून में 406 तक बढ़ाया गया। एच डी यू हाई डिपेंन्डेन्सी बेड मार्च में नही थे, जिसे मई में 100 किया गया, अगस्त में 370 किया गया। मार्च में जनरल बेड केवल 446 थे जिसे अगस्त में 28335 किया गया जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।

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भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़।

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