Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors. Please consider supporting us by whitelisting our website.

होम आइसोलेशन के लिए थ्री बीएचके की अनिवार्यता खत्म, मरीज के परिजनों को भी दी जाएगी दवा की किट


कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए होम आइसोलेशन के लिए थ्री बीएचके की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब मरीज के परिजनों को भी दवाइयों की किट दी जाएगी। कंटेनमेंट जोन घोषित करने का पूरा अधिकार कलेक्टर को दिया गया है। वहीं जिले के अस्पताल खाली बिस्तरों की जानकारी रोज अपडेट करेंगे। नई गाइडलाइन के अनुसार बाथरूम साथ अलग कमरे वाले घरों को होम आइसोलेशन की अनुमति दी जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टर, एसपी, सीईओ, सीएमएचओ और आयुक्तों की बैठक लेकर कोरोना संक्रमण के हालात और इससे बचाव के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की।

सीएम भूपेश ने कलेक्टरों से कहा कि जिलों में मरीजों के बेहतर उपचार की व्यवस्था की जाए। इसके लिए वे चाहें तो निजी अस्पतालों की सेवाएं भी ले सकते हैं। सीएम ने निजी अस्पतालों के लिए निर्धारित दर को भी लागू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोराेना से बचाव के लिए लगातार प्रचार-प्रसार करें, अस्पताल में भर्ती मरीजों का मनोबल बढ़ाएं, चिकित्सक अस्पताल के वार्डों में नियमित राउंड लगाएं। सीएम ने कहा कि जिन परिवारों के एक-दो सदस्य कोरोना संक्रमित हो चुक हैं उनके अन्य सदस्यों को बिना कोरोना जांच के प्रॉफिलैक्टिक ड्रग किट दिया जाए और उन्हें दवाओं के इस्तेमाल की पूरी जानकारी दी जाए। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को टेलीमेडिसीन व्हाट्सअप कॉलिंग के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श दिया जाए।

हार्ट, किडनी, लीवर, हाई ब्लड प्रेशर, हाई शुगर से पीड़ित मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाकर उनका इलाज किया जाए। सीएम ने इससे बचाव के लिए जागरुकता लाने पाम्पलेट, हैंडबिल बांटे जाएं। सीएम ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने काढ़ा चूर्ण का वितरण करने तथा कोराेना से जुड़ी दवाओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

गंभीर मरीजों को ही बड़े अस्पतालों में भेजें

सीएम ने कहा कि जिलों से बड़ी संख्या में संक्रमित मरीजों को रायपुर भेजा जा रहा है। यह ठीक नहीं है बल्कि सामान्य लक्षण वाले मरीजों का इलाज जिले में किया जाए और गंभीर बीमारी वालों को ही बड़े अस्पतालों में रिफर किया जाए। सीएम ने कोरोना के एक्टिव मरीजों के भोजन पानी एवं अन्य जरूरी व्यवस्थों की माॅनिटरिंग करने की जिम्मेदारी भी कलेक्टरों को दी है।

22 हजार 606 बेड रिक्त : सीएम ने कहा कि कोरोना के इलाज के लिए प्रदेश में लगभग 22हजार 606 बेड उपलब्ध हैं। प्रदेश और जिला स्तर पर रोज इसके बारे में प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि लोगों के मन में भ्रम और डर पैदा न हो।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


Essential for three BHK for home isolation is over, the patient’s family will also be given medicine kit

Powered by WPeMatico

%d bloggers like this: