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क्षमता से छह गुना ज्यादा लोग झोपड़ी और तिरपाल डालकर रह रहे थे, आग से सबकुछ जला; देखें फोटोज…


यूरोप का सबसे बड़ा माइग्रेंट कैंप बुधवार को आग की वजह से पूरी तरह बर्बाद हो गया है। हालांकि, किसी की जान नहीं गई। अधिकारियों के मुताबिक- नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है। इस रिफ्यूजी कैंप में करीब 13 हजार शरणार्थी रहते थे। क्षमता सिर्फ 2200 लोगों की है। ये शरणार्थी सीरिया और अफगानिस्तान जैसे देशों के हैं।

ग्रीस के एक लेस्बोस द्वीप पर बने मोरिया कैंप में आग लगने के बाद सामान लेकर जाते शरणार्थी।
सीएनएन के मुताबिक कैंप में 35 लोगों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद लॉकडाउन लगाया गया था। लोग इसका विरोध कर रहे थे। पुलिस को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े थे।
ग्रीक अधिकारियों के मुताबिक, आग बुझ चुकी है लेकिन, इसके लगने की वजह अब तक साफ नहीं है। शरणार्थी लौटने लगे हैं।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, आग जानबूझकर भी लगाई जा सकती है। मोरिया कैंप में हजारों लोग झोपड़ियों में और तिरपाल डालकर रहते हैं।
कैंप में हालात बेहद खराब है। दैनिक जरूरतों के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ता है। कभी-कभी तो उन्हें पूरा दिन खाने की लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।

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ग्रीस के लेस्बोस द्वीप पर बने मोरिया कैंप में आग लगने के बाद सामान लेकर कैंप से भागते लोग।

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