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खांसी-बुखार और सांस में तकलीफ हो तो शहर में 37 जगह मुफ्त जांच


राजधानी में पिछले 20 दिन से कोरोना के रोजाना 700 से 1000 मरीज निकल रहे हैं। जब लोगों को लक्षण महसूस होते हैं, तब कोरोना जांच, अस्पताल-कोविड सेंटरों में भर्ती और होम आइसोलेशन का सिस्टम परेशान करता है, क्योंकि ज्यादातर को इसकी जानकारी नहीं है। सिर्फ यही नहीं, और भी दिक्कतें हैं जिन्हें दूर करने लायक सुविधा शहर में जुटाई जा चुकी लेकिन लोगों को पता नहीं है। दैनिक भास्कर की ओर से रोजाना ऐसी ही जानकारियां आसान प्रश्न और उत्तर के रूप में दी जाएंगी, जो सबके काम की हैं।

सवाल : किस तरह के लक्षण से पता चलेगा कि कोरोना जांच करवाना है?
जवाब : कोरोना सेल के मीडिया प्रभारी डा. सुभाष पांडे के अनुसार – अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगे। थोड़ा चलने पर धड़कन बढ़े, चलना मुश्किल हो या लगे कि फेफड़ों के ज्यादा हवा की जरूरत है। सर्दी-खांसी, बुखार और सिर दर्द हो, भूख नहीं लग रही है, कमजोर महसूस होने के साथ-साथ स्वाद और गंध का पता नहीं चल रहा हो, गले में खराश हो तो ऐसे समय में जांच करवाना जरूरी है। अगर किसी पाजिटिव के संपर्क में आए तो अविलंब जांच करवा लें।

सवाल : अगर लगता है कि जांच करवानी है, तो शहर में कहां-कहां सुविधा है?
जवाब : कोरोना नोडल अधिकारी राजीव कुमार पांडे के अनुसार जिला अस्पताल पंडरी, एम्स, बिरगांव, शंकरनगर, खोखोपारा, दीनदयाल ऑडिटोरियम, भाठागांव जोन दफ्तर और कालीबड़ी टीबी अस्पताल में मुफ्त जांच की जा रही है। इसी हफ्ते 9 और सैंपल जांच केंद्र कचना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हीरापुर, गोगांव, देवपुरी, मठपुरैना, राजातालाब, भाठागांव, कांशीराम नगर और बोरियाकला में खुलने वाले हैं। कुल 37 जगह जांच हो रही है। जिनमें शहर में 6 निजी लैब और इतने ही निजी अस्पताल हैं। हालांकि ये शुल्क पर जांच कर रहे हैं।

सवाल : जांच रिपोर्ट का पता कैसे चलेगा? पाॅजिटिव आ गए तो क्या करना होगा?
जवाब : सीएमएचओ डा. मीरा बघेल के अनुसार एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट उसी दिन, ट्रू-नाॅट की अगले दिन सुबह तक तथा आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट दो से तीन दिन में पाजिटिव आने पर संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर मैसेज से आएगी। इसके साथ ही काॅल सेंटर से फोन कर सूचित किया जाएगा कि रिपोर्ट पाजिटिव है। लक्षण के आधार पर बताया जाएगा कि अस्पताल जाएं, कोविड केयर सेंटर जाएं या होम आइसोलेशन की सुुविधा ले सकते हैं। एंबुलेंस आने तक घर में आइसोलेट रहने के लिए कहा जाएगा।

सवाल: लक्षण नहीं है और होम आइसोलेशन लेना है, तो फिर क्या करना होगा?
जवाब : कलेक्टर डा. आर भारतीदासन के अनुसार होम आइसोलेशन के लिए अलग एप जारी किया गया है। इस एप को ओपन करके मरीज से संबंधित थोड़ी जानकारी भरी जाती है और इसे सबमिट करना होता है। कोरोना कमांड सेंटर से जो काॅल आएगा, उसमें भी होम आइसोलेशन का विकल्प बता सकते हैं। एप और काॅल की जानकारियां एक जगह रखी जाती हैं। इसके बाद प्रशासन पता लगाता है कि संबंधित व्यक्ति के घर में ऐसी व्यवस्था है कि वह आइसोलेट रह पाए। अगर है तो मोबाइल पर ही अनुमति दे दी जाती है।

सवाल : ऐसे कौन-कौन से फोन नंबर हैं, जो होम आइसोलेशन में मददगार होंगे?
जवाब : निगम कमिश्नर सौरभ कुमार के मुताबिक होम आइसोलेशन वाले मरीज परेशानी पर वाइस या वीडियो काॅल से डाक्टरों से सलाह ले सकते हैं। इसके लिए तीन पाली में टीमें तैनात हैं जिनके नंबर 7566100283, 7566100284 व 7566100285 पर कभी भी संपर्क कर सकते हैं। हर जोन में डॉक्टर्स की टीम भी है। होम आइसोलेशन के संचालन के लिए सहायक नोडल अधिकारी नायब तहसीलदार नोविता सिन्हा हैं। इनके जिम्मे जोन 01 से 05 और नायब तहसीलदार अंजलि शर्मा के जिम्मे जोन 06 से 10 हैं।

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If there is cough, fever and shortness of breath, 37 free places in the city

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