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नारायणपुर-कांकेर सीमा पर है महादेव जलप्रपात 50 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी, खोह में शिवलिंग भी


राजकुमार बघेल | नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा पर नया जलप्रपात मिला है। अपने अद्भुत सौंदर्य के चलते यह जलप्रपात आसपास के इलाके में महादेव जलप्रपात के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि कांकेर जिले के अंतागढ़ तहसील के दोनों जिलों की सीमा पर बसे गांव फूलपाड़ में ये जलप्रपात स्थित है, जहां ऊपर से करीब 50 फीट नीचे पानी गिरता है। जलप्रपात का नाम महादेव इसलिए पड़ा, क्योंकि इस पर्वत श्रृंखला को महादेव पर्वत के नाम से जाना जाता है। वहीं झरने के नीचे बने खोह में शिवलिंग स्थापित है। नारायणपुर से 31 किमी की दूरी पर स्थित इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए करीब 2 किमी की ऊंची पहाड़ी चढ़ना पड़ता है।

सालभर रहता है पानी दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग
फूलपाड़ के सरपंच रजबती नुरेटी और ग्रामीण श्रवण दुग्गा व जित्तूराम नुरेटी ने बताया कि ये जलप्रपात कई सालों से यहां मौजूद है। यहां साल के बारहों महीने पानी बहता है। महाशिवरात्रि पर यहां दूर-दूर से लाेग भगवान शिव की पूजा करने पहुंचते हैं।

ऐसे पहुंचा जा सकता है महादेव जलप्रपात तक
नारायणपुर जिला मुख्यालय से अंतागढ़ रोड में नारायणपुर से 21 किमी की दूरी पर दंडकवन कैंप से 8 किमी दूर फूलपाड़ गांव है। रास्ते में दंडकवन, अबूझमाड़, बैहासालेभाट होते हुए फूलपाड़ से 2 किमी की दूरी पर महादेव पर्वत है।

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Mahadev falls on the Narayanpur-Kanker border, water falls from a height of 50 feet, Shivling is also in the lair.

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