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10वीं पास युवक चला रहा था ठगी गैंग; मुद्रा लोन और प्राइवेट फायनेंस के नाम पर लोगों को करोड़ों का चूना लगाया


पुलिस से यूपी के बुलंदशहर से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। देश के कई राज्यों में इन ठगों ने लोगों से करोड़ों रुपए लोन दिलाने के नाम पर ठग लिए। छत्तीसगढ़ के भी एक युवक को ऐसी ही बातों में फंसाकर इन बदमाशों ने चूना लगाया था। केस की लगभग 4 महीने तक बारीकी से जांच के बाद पुलिस के हाथ इन तक पहुंच ही गए। अब इन्हें रायपुर लाया गया है। गिरफ्तारी के बाद युवकों ने बताया कि आखिर कैसे 10वीं पास ये युवक देश के लोगों की मेहनत की कमाई दूसरे शहर में बैठे-बैठे उड़ा लिया करते थे।

ऐसे करते थे ठगी
बीरगांव के रहने वाले पीयूष कुमार के पास मई के महीने में एक फोन कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को मुद्रा फायनेंस का कर्मचारी बताया। इसके बाद 5 लाख रुपए का लोन देने की बात कही, इसके बाद कभी रजिस्ट्रेशन, कभी जीएसटी, कभी इनकम टैक्स और कभी गारंटी के नाम पर किश्तों में कुल 1 लाख 45 हजार रुपए ले लिए। इस बीच ठग तरह-तरह के बैंक एग्रीमेंट, इंश्योरेंस के कागज भी पीयूष को भेज रहे थे। ठगों ने यह दावा भी किया था कि जो रुपए वो इस वक्त दे रहा है वो लोन अमाउंट में जोड़कर भेजे जाएंगे। इसकी शिकायत पीयूष ने उरला थाने में की।

युवकों ने वो दस्तावेज फर्जी बनवाए जिन्हें बनवाने में आम आदमी को कई चक्कर लगाने पड़ते, फोटो युवकों के पास से जब्त सामान की है।
युवकों ने वो दस्तावेज फर्जी बनवाए जिन्हें बनवाने में आम आदमी को कई चक्कर लगाने पड़ते, फोटो युवकों के पास से जब्त सामान की है।

ऐसे आए पकड़ में
पुलिस के पास जब ये मामला पहुंचा तो जांच के लिए अधिकारियों ने एक टीम बनाई। टीम ने खातों की जांच की, हर उस बैंक के से जानकारी मांगी जहां पीयूष ने ठगों को देने रुपए भेजे। पुलिस को दिल्ली में आरोपियों के छुपे होने का पता चला। टीम दिल्ली रवाना हुई। पुलिस 7 दिनों तक गाजियाबाद, नोएडा और बुलंदशहर में आरोपियों की तलाश करती रही, मगर कुछ हाथ नहीं लगा। आरोपियों के फोन नंबर, पते, आधारकार्ड की जानकारी सब फर्जी था। मगर बैंक खातों की जांच करते हुए पुलिस को पता चला कि युवक बुलंद शहर में हैं और टीम ने एक बार फिर रेड मारकर नीरज कुमार, आनंद स्वरूप और चंद्रवीर को पकड़ लिया।

लिंक क्लिक के साथ शुरू होता है खेल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह मुद्रा लोन दिलाने का विज्ञापन गूगल, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर देते हैं। कोई व्यक्ति यदि लिंक को एक्सेस करता था तो उसके मोबाइल नंबर का डाटा इनके पास आ जाता था। इसी के जरिए जरूरतमंद लोगों को फोन करके लोन दिलाने का झांसा देते थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि यह लोग बुलंदशहर में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस, मुद्रा लोन, इंडिया बुल्स, गणेश फाइनेंस, लक्ष्मी फाइनेंस, गणपति फाइनेंस, उज्जीवन फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, साई राम फाइनेंस के नाम पर लाखों रुपए के फर्जी स्टांप पेपर तैयार करते हैं।

फोटो ठगों की फेसबुक आइडी की है। इस तरह से लोगों को दोस्त बनाकर भी ये उन्हें अपना शिकार बनाते थे।
फोटो ठगों की फेसबुक आइडी की है। इस तरह से लोगों को दोस्त बनाकर भी ये उन्हें अपना शिकार बनाते थे।

ठगों का गांव
लोगों को यही पेपर, फर्जी चेक, लोन सर्टिफिकेट, तैयार कर उसके वीडियो बनाकर भेजते हैं ताकि वह इनके जाल में पूरी तरह से फंस जाएं। पुलिस के मुताबिक इन आरोपियों ने भारत के विभिन्न हिंदी भाषी राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश में करोड़ों की ठगी की है। युवकों के पूरे प्रकरणों का ब्यौरा तैयार कर संबंधित राज्य की पुलिस को भेजा जाएगा। बुलंदशहर जिले के अंबेडकर नगर, शाहपुरकलां चौकी, रुद्री जैसे गांव में घर का लगभग हर सदस्य इस तरह की ठगी में संलिप्त है। यह लोग गांव में किसी भी हिस्से में तालाब, खेत और रोड में कहीं भी बैठकर घटनाओं को अंजाम देते हैं। इसलिए इस गैंग को पकड़ने में रायपुर पुलिस को बहुत दिक्कत हुई। अब रायपुर के एसएसपी ने जांच टीम को 20 हजार रुपए बतौर इनाम देने की घोषणा की है।

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फोटो रायुपर की है। करीब 1 हफ्ते तक पुलिस इन्हें यूपी के अलग-अलग ठिकानों में तलाश करती रही, आखिरकार ये मिल ही गए।

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