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प्रदेश का पहला कीमोथैरेपी केंद्र बना नवापारा स्वास्थ्य केंद्र, अब कैंसर मरीजों का मिलेगा मुफ्त इलाज


सरगुजा जिले के कैंसर रोगियों को अब इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, क्योंकि अब उन्हें अंबिकपुर के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में कीमोथैरेपी की सुविधा मिलेगी। केंद्र में स्वास्थ्य विभाग ने दीर्घायु योजना के तहत कीमोथैरेपी यूनिट तैयार कर लिया है और सप्ताहभर के भीतर ही इसका उद्घाटन भी होने की उम्मीद है। प्रदेश में यह दूसरी जगह जिला अस्पतालों में यूनिट शुरू हुआ है, लेकिन यहां जगह की कमी के कारण स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की पहल से इसे शहरी स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में सर्व सुविधा युक्त तैयार किया गया।
प्रदेश के किसी दूसरे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अभी कीमोथैरेपी की सुविधा नहीं है। इसके लिए प्रशिक्षित एक डाॅक्टर और दो नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति भी हो गई है। इससे कैंसर रोगियों को अंबिकापुर में ही इलाज हो सकेगा और उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी के साथ आर्थिक रूप से राहत मिलेगी। कीमोथैरेपी में एक डोज पर 5 से 20 हजार रुपए तक खर्च होता है। यूनिट में कीमोथैरेपी के साथ इससे संबंधित अन्य दवाइयां भी दी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यदि कोई मरीज बाहर में इलाज कराता है और उसे कीमो की जरूरत है तो निर्धारित डोज के तहत वह मरीज यहां भी निशुल्क कीमो करा सकता है। मरीज के फालोअप चेकअप के लिए टेलीमेडिसिन से कैंसर विशेषज्ञ की राय भी समय-समय पर ली जाएगी। इसके अलावा केंद्र में बीच-बीच में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर कैंसर विशेषज्ञ डाॅक्टरों को बुलाया जाएगा और उनसे इलाज करा रहे मरीजों का फाॅलोअप चेकअप कराया जाएगा।

बाहर कैंसर का इलाज कराने में एक डोज पर हजारों रुपए आता है खर्च
कैंसर का इलाज न सिर्फ शारीरिक रूप से परेशान करने वाला होता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी परिवार को कमजोर कर देता है। बाहर में इलाज कराने पर कीमो की एक डोज पर 5 से 20 हजार रुपए खर्च आता है। इसके अलावा साथ में दी जाने वाली दवाइयां और आने-जाने का खर्च अलग है। एक मरीज को कीमो का 6 से 7 डोज दिया जाता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसके ऊपर कितना आर्थिक बोझ पड़ता होगा। यहां सेंटर शुरू होने से यह खर्च पूरी तरह बच जाएगा।

डेढ़ हजार से अधिक हैं जिले में अलग-अलग कैंसर के मरीज
सरगुजा जिले में अलग-अलग कैंसर के मरीज अब सामने आने लगे हैं। मेडिकल काॅलेज अस्पताल में बीते कुछ महीनों के भीतर मुंह के कैंसर के 24 से अधिक मरीजों का ऑपरेशन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सिर्फ मुख के कैंसर के ही जिले में 11 सौ मरीज हैं। इसके अलावा गर्भाशय, यूरीन सहित अन्य कैंसर के अलग मरीज हैं।

सप्ताहभर में शुरू हो जाएगा कीमोथैरेपी यूनिट
शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डाॅ. अमिन फिरदौसी ने बताया कि कीमोथैरेपी यूनिट तैयार हो गया है। संभव है यह सेंटर इसी सप्ताह से शुरू हो जाए। यहां पूरा इलाज दीघार्यु योजना के तहत निशुल्क होगा। मरीजों का फालोअप चेकअप भी विशेषज्ञ डाॅक्टरों से कराया जाएगा।

प्रदेश के अन्य शहरी पीएचसी में शुरू करेंगे कीमो सेंटर: सिंहदेव
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि कीमोथैरेपी सेंटर की उनकी महत्वपूर्ण योजना में है। अंबिकापुर के नवापारा पीएचसी के बाद प्रदेश के हर जिले में जिला अस्पताल के अलावा शहरी पीएचसी में इसे शुरू किया जाएगा। इससे कैंसर के मरीजों को सीधे-सीधे घर के नजदीक ही इलाज मिलेगा। संभवत: यह देश का यह पहला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां कीमोथैरेपी मुफ्त होगा।

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स्वास्थ्य केंद्र में तैयार कीमोथैरेपी यूनिट।

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