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पीसीबी ने 240 खिलाड़ियों और अधिकारियों से कोरोना टेस्ट के पैसे मांगे, बोर्ड के पास लैबोरेट्री और हॉस्पिटल की सुविधा भी नहीं


पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की कोरोना के कारण आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। बोर्ड ने अब घरेलू टूर्नामेंट में खेलने वाले 240 खिलाड़ियों और अधिकारियों से कोरोना टेस्ट के पैसे तक मांग लिए हैं। सूत्रों की मानें तो बोर्ड के पास कोरोना टेस्ट के लिए लैबोरेट्री और हॉस्पिटल सुविधा भी नहीं है।

दरअसल, पाकिस्तान में 30 सितंबर से रावलपिंडी और मुल्तान में नेशनल टी-20 चैम्पियनशिप शुरू होनी है। इसके लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों को शुरुआती दो कोरोना टेस्ट अनिवार्य कराना है। पीसीबी ने कहा कि पहले टेस्ट के रुपए पैसे चुकाने होंगे, जबकि दूसरी जांच का खर्च बोर्ड उठाएगा।

घरेलू टूर्नामेंट्स का शेड्यूल जारी
पाकिस्तान बोर्ड ने घरेलू टूर्नामेंट्स का शेड्यूल जारी कर दिया है। कायदे-आजम ट्रॉफी के मैच 18 अक्टूबर से अगले साल 5 जनवरी तक कराची में खेले जाने हैं। वहीं, नेशनल टी-20 चैम्पियनशिप 30 सितंबर से 18 अक्टूबर तक खेली जाएगी।

जिम्बाब्वे का दौरा अक्टूबर में, टी-20 और वनडे सीरीज खेलनी है
वहीं, जिम्बाब्वे को अगले महीने पाकिस्तान दौरे पर टी-20 और वनडे की सीरीज खेलना है। इसके लिए जिम्बाब्वे टीम 20 अक्टूबर को पाकिस्तान पहुंचेगी। कोरोना के बीच सीरीज कराने के लिए पाकिस्तान ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से बायो-सिक्योर माहौल बनाने के लिए मदद मांगी है। यह दोनों सीरीज मुल्तान और रावलपिंडी में होगी।

पीसीबी को स्पॉन्सर तक नहीं मिल रहा था
कोरोना के कारण पाकिस्तान की सभी क्रिकेट सीरीज और सितंबर में होने वाला एशिया कप टलने से बोर्ड का काफी नुकसान हुआ है। हालत यह हुई थी कि उसे जुलाई में इंग्लैंड दौरे के लिए स्पॉन्सर तक नहीं मिल रहा था। इसके बाद पेप्सी और मोबाइल कंपनी इजी पैसा ने आखिरी मौके पर स्थिति संभाली और अपना कॉन्ट्रैक्ट बढ़ा लिया।

पीसीबी ने कर्मचारियों को भी नौकरी से निकाला
आर्थिक तंगी के चलते पीसीबी ने हाल ही में अपने 5 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। बोर्ड में इस समय करीब 800 लोग काम करते हैं। सभी के परफोर्मेंस पर नजर रखी जा रही है। पीसीबी ने गैर जरूरी और खराब परफॉर्मेंस वाले कर्मचारियों को निकालने की पूरी तैयारी कर ली है। इसी दौरान एक पीसीबी अधिकारी ने कहा था कि बोर्ड की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। यदि यही स्थिति रही तो पीसीबी 2 से 3 साल तक चल सकता है।

भारत से सीरीज नहीं होने पर पीसीबी को 663 करोड़ का नुकसान
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भारत-पाकिस्तान के बीच सीरीज नहीं होने से पीसीबी को करीब 90 मिलियन डॉलर (करीब 663 करोड़ रुपए) का नुकसान हुआ है। दोनों देशों के बीच तनाव के कारण क्रिकेट नहीं खेला जा रहा है।

7 साल से नहीं हुई भारत-पाकिस्तान सीरीज
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछली बार दिसंबर 2012 में 3 वनडे की द्विपक्षीय सीरीज खेली गई थी। पिछली सीरीज में भारत को अपने ही घर में 1-2 से हार मिली थी। यदि मैच की बात करें तो दोनों टीमों के बीच पिछले साल ही वनडे वर्ल्ड कप में मुकाबला हुआ था। इस मैच में भारतीय टीम ने हर बार की तरह वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल की थी।

‘भारत-पाकिस्तान सीरीज से 2 हजार करोड़ तक की कमाई संभव’
हाल ही में पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने पाकिस्तान को आर्थिक संकट से निकालने के लिए भारत के साथ सीरीज कराने की बात कही थी। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं चाहता हूं कि इस संकट के समय में भारत-पाकिस्तान के बीच खाली स्टेडियम में मैच होना चाहिए। यदि दोनों देशों के बीच 3 वनडे या टी-20 की सीरीज होती है, तो करोड़ों लोग इसे घर बैठे देखेंगे। कई कंपनियां इस पर खुलकर पैसा लगाएंगी। इससे 200 से 300 मिलियन डॉलर (करीब 1500 से 2 हजार करोड़ रुपए) कमाई हो सकती है, जिसे दोनों देश आधा-आधा रख सकते हैं।’’

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जिम्बाब्वे को पाकिस्तान दौरे पर टी-20 और वनडे की सीरीज खेलना है। इसके लिए जिम्बाब्वे टीम 20 अक्टूबर को पाकिस्तान पहुंचेगी। -फाइल फोटो

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