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प्रदेश के निजी अस्पतालों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटा गया, राजधानी में 6200 से 17 हजार रुपए प्रतिदिन इलाज खर्च


छत्तीसगढ़ के निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए दरें तय कर दी गई हैं। निजी अस्पतालों को सुविधा के दृष्टिकोण से जिलों की तीन श्रेणियों में बांटा गया है। सबसे ज्यादा खर्च ए-श्रेणी के शहर-जिलों के लिए तय किया गया है। राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश प्रमुख शहरों वाले जिले ए-श्रेणी में हैं। सी-श्रेणी वाले जिलों में इलाज का खर्च सबसे कम निर्धारित है। श्रेणी के हिसाब से निजी अस्पतालों में इलाज के लिए कोरोना मरीज को रोजाना 3700 से 17 हजार रुपए तक खर्च करने होंगे। राज्य शासन ने जिलों को ए, बी और सी श्रेणी में बांट कर अलग-अलग दरें तय की हैं। ए-श्रेणी में 6, बी-श्रेणी में 8 और सी-श्रेणी में 14 जिलों को रखा गया है।
एनएबीएच मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में सामान्य मरीजों के इलाज के लिए 6200 रुपए प्रतिदिन का शुल्क तय किया गया है। इसमें सपोर्टिव केयर, आइसोलेशन बेड, आक्सीजन एवं पीपीई किट की सुविधा मिलेगी। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को इलाज के लिए रोजाना 12 हजार रुपए देना होगा। इसमें वेंटिलेटर केयर के बिना आईसीयू और पीपीई किट शामिल है। अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 17 हजार रुपए प्रतिदिन देना होगा।

इसमें वेंटिलेटर केयर, आईसीयू (इनवेसिव/नॉन-इनवेसिव) एवं पीपीई किट शामिल हैं। वहीं एनएबीएच से गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों के लिए सामान्य, गंभीर और अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6200 रुपए, 10 हजार और 14 हजार रुपए शुल्क तय किया गया है।

दो योजनाओं के तहत शुल्क
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी अस्पताल डायग्नोसिस के लिए आयुष्मान भारत एवं डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत आईपीडी मरीजों के लिए तय शुल्क ही लेंगे। जहां ये योजनाएं लागू नहीं है, वहां सीजीएचएस दरों के आधार पर शुल्क लिया जाएगा। सभी अस्पतालों में दवाईयों की कीमत वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीएमआर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए एपेडमिक डिसीज एक्ट-1897, छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट-1949 तथा छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिसीज कोविड-19 रेगुलेशन-2020 के तहत यह आदेश जारी किया गया है।

राजधानी में 6200 से 17 हजार रुपए प्रतिदिन इलाज खर्च
ए श्रेणी
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव और रायगढ़।
इन जिलों में निजी अस्पतालों में इलाज का रोजाना रेट 62 सौ से 17 हजार रुपए तय।

बी श्रेणी
सरगुजा, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार- भाटापारा, कवर्धा और बस्तर।
सुपर स्पेशियालिटी सुविधा वाले अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए ए-श्रेणी का 80% रेट ले सकेंगे।

सी श्रेणी
ए और बी वाले जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिले इसी श्रेणी में रखे गए हैं।
इस श्रेणी में जिलों के अस्पताल 60 प्रतिशत शुल्क ले सकेंगे।

होम आइसोलेशन में डॉक्टरी परामर्श के लिए 25 सौ रुपए
कोरोना के बिना लक्षण वाले और हल्के लक्षण वाले ऐसे मरीज जो हाेम आइसोलेशन मेें रहकर इलाज कराना चाहते हैं। उनको वीडियो कॉल या टेली कॉल के जरिए निजी डॉक्टरों के द्वारा 10 दिनों तक चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए मरीजों को प्रतिदिन के हिसाब से 250 रुपए फीस देना होगा। इस हिसाब से 10 दिनों के इलाज के लिए उनको 2500 रुपए परामर्श शुल्क के रूप में देना होगा। आईएमए, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में सहमति बनी।

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राजधानी स्थित अंबेडकर अस्पताल का कोविड केयर सेंटर (फाइल फोटो।)

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