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प्रदेश में बारिश ने सितंबर के औसत को भी पार किया, 1152 मिमी बरसा पानी, अगले एक-दो दिन हल्की से मध्यम बारिश की संभावना


प्रदेश में 15 सितंबर तक बारिश ने बारिश ने मानसून के साथ-साथ सितंबर के औसत को भी पार कर लिया है, जबकि अभी मानसून वापसी में 15 दिन का समय है। जून से अब तक 1152 मिमी पानी बरस चुका है, जबकि 1150 मिमी बारिश तो औसतन 30 सितंबर तक होनी चाहिए। इस तरह, मानसून के 15 दिन बचे हैं और इस दौरान जो भी बारिश होगी, वह एक्सेस यानी औसत से ज्यादा ही रहेगी। मौसम विज्ञानियों ने अगले एक-दो दिन प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। 10 जून को मानसून आने के बाद अब तक यानी 97 दिन में पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश हुई है। खास बात यह है कि इस साल बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में लगभग सामान्य रहा है। आमतौर पर बस्तर संभाग में औसत से बहुत ज्यादा बारिश हो जाती है और उत्तर तथा पश्चिमी छत्तीसगढ़ में कुछ कम बारिश होती है। शेष|पेज 8

बस्तर की अधिक बारिश कम वर्षा वाले जिलों की कमी को पूरा कर देती है। इससे राज्य की बारिश औसत के आसपास पहुंच ही जाती थी। इस साल प्रदेश के सभी जिलों में समान रूप से अच्छी बारिश हुई है। सरगुजा और कांकेर जिले ही कम बारिश वाले हैं। बीजापुर में बहुत भारी तथा कोंडागांव, महासमुंद और सुकमा भारी बारिश हुई। शेष सभी जिलों में अब तक औसत बारिश है।
राजधानी में भी बौछारें
लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर तटीय आंध्रप्रदेश पर निम्न दाब का क्षेत्र है। यहीं काफी ऊंचाई पर एक चक्रवाती घेरा भी है। मानसून द्रोणिका बीकानेर, गुना, नागपुर, जगदलपुर और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर निम्न दाब के केंद्र पर है। एक पूर्व-पश्चिम शियर जोन 3.1 से 5.8 किमी ऊंचाई तक 15 डिग्री उत्तर में है। इसके असर से 16 सितंबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

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फाइल फोटो।

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