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सेरीखेड़ी डिवाइडर बंद होगा, मंदिरहसौद चौक पर भी ब्रिज


संयुक्त सड़क सुरक्षा समिति ने राजधानी और आउटर की उन सड़कों-चौराहों का सर्वे शुरू कर दिया, जहां काफी हादसे हो रहे हैं। समिति के विशेषज्ञों ने सोमवार-मंगलवार को ऐसे आधा दर्जन स्पाॅट्स का सर्वे करने के बाद मंदिरहसौद चौक पर ओवरब्रिज बनाने का सुझाव दिया है। यही नहीं, सेरीखेड़ी का डिवाइडर भी बंद करने की अनुशंसा है। इसके अलावा कई और अनुशंसाएं तथा सुझाव को मिलाकर रिपोर्ट तैयारी की जाएगी, जिसे शासन को भेज दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि हादसा रोकने के लिए सभी एजेंसियों की संयुक्त टीम ऐसे प्लान पर काम कर रही है, ताकि हादसे कम हों। इसी का पता लगाने के लिए टीम सबसे पहले मंदिरहसौद चौक पहुंची। यह काफी व्यस्त चौराहा है और चौबीसों घंटे ट्रैफिक दबाव रहता है। इसलिए अभी वहां तुरंत रोड मार्किंग कर कैट आई लगाई जाएगी। यहां ऑटोमेटिक सिग्नल लगेगा और पुलिस स्टॉप लाइन-जेब्रा क्रॉसिंग का सख्ती से पालन करवाएगी। बनाया जाएगा। इसी तरह, सेरीखेड़ी के पास 500 मीटर पर दो डिवाइडर कट हैं, जिनमें से एक बंद किया जाएगा। यही नहीं, जोरा चौक पर काफी संख्या में लोग रांग साइड पहुंच रहे हैं। उन्हें भी रोकने के लिए सर्विस रोड को डिवाइड करने का सुझाव है। यहां भी चौक पर नए सिग्नल के साथ-साथ जेब्रा क्रासिंग बनेगी, जिसका पालन करवाया जाएगा। पचपेड़ीनाका ब्रिज और संतोषी नगर ब्रिज पर लाइटें लगाई जाएंगी और ब्रिज के दोनों सिरे बंद कर दिए जाएंगे, ताकि अचानक कोई भी गाड़ी लेकर सड़क पर न आ सके।
ब्रिज से पहले भी कई सुझाव : समिति का सुझाव है कि जब तक मंदिरहसौद ब्रिज को मंजूरी नहीं मिलती, नेशनल हाईवे को वहां सिग्नल तथा चौक पर कैट आई जैसे सिस्टम तुरंत लगाने चाहिए। इससे करीब आधा किमी पहले एक ढाबे के सामने खुला डिवाइडर बंद किया जाएगा। ऐसे में लोगों को छेरीखेड़ी ब्रिज के लिए घूमकर पहुंचना होगा। जोरा में सिग्नल लगाने के साथ सर्विस रोड को बांटा जाएगा। यही नहीं, रिंग रोड पर टोल प्लाजा का ढांचा हटाने की अनुशंसा की गई है, ताकि हादसे रुकें। इसी तरह, टाटीबंध से लेकर मंदिर हसौद चौक तक नेशनल हाइवे के सभी चौक-चौराहों की मार्किंग की जाएगी। रिफ्लेक्टर लगाया जाएगा, ताकि रात में भी लोगों को चलने में सुविधा हो। आउटर की सभी प्रमुख सड़कों पर हाइवे पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है। यही नहीं, हर सड़क से अनिवार्य रूप से मवेशियों को हटाने का सिस्टम बनेगा। कुछ जगह पर स्टॉपर भी लगाने का निर्देश दिया गया हैं।

संयुक्त सर्वे में कई अफसर
जिला सड़क सुरक्षा समिति की 2 सितंबर को बैठक हुई थी, जिसमें सभी एजेंसियों के अलावा रायपुर सांसद और विधायक उपस्थित थे। उन्होंने सभी एजेंसी की संयुक्त टीम बनाकर जांच करने के निर्देश दिया था। उसके बाद संयुक्त समिति बनाई गई। इसमें एनएचएआई के परियोजना निदेशक संजय वर्मा, आईपीएस रत्ना सिंह, ट्रैफिक एएसपी एमआर मंडावी, डीएसपी सतीश ठाकुर, निगम अधिकारी आभाष मिश्रा, परिवहन अधिकारी अनिल कुमार के अलावा पीडब्ल्यूडी समेत कुछ और विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसी टीम ने आधा दर्जन से ज्यादा सड़कों का निरीक्षण किया और सुझाव तैयार किए।

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Serikheri divider will be closed, bridge also on Mandir Hassaud Chowk

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