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लॉकडाउन में सप्लाई नेटवर्क टूटा, खाने-पीने में हो रही दिक्कत, मिनपा मुठभेड़ में 23 नक्सलियों के मारे जाने का जिक्र


कोरोना कॉल ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। लॉकडाउन से जहां काम धंधे खत्म हुए, वहीं कोरोना वायरस के खतरे ने आम इंसान को चिंता में डाला हुआ है। कोरोना का असर नक्सलियों और उनके संगठन पर भी पड़ा है।
कोरोना से बचने के लिए जो लॉकडाउन किए गए उस वजह से नक्सलियों का पूरा सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त हो गया है। यही नहीं अभी हालात ऐसे हैं कि नक्सलियों को खाने-पीने के सामान के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है और लॉकडाउन में तो उन्हें कई स्थानों पर खाना भी नहीं मिला। यह खुलासा चार दिनों पहले सुकमा जिले के एंटापाड़ के जंगलों में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के बाद बरामद किए गए दस्तावेजों और डायरियों से हुआ है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि 9 सितंबर को सुकमा जिले के एंटापाड़ में नक्सलियों से मुठभेड़ हुई थी। इसके बाद नक्सली मौके पर अपना सामान छोड़कर भाग निकले थे। इन समानों में कई अहम दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों के अवलोकन से पता चला कि लॉकडाउन के कारण नक्सलियों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। दस्तावेजों से एक और बड़ा खुलासा भी हुआ है। जो दस्तावेज मिले हैं उनमें 21 मार्च 2020 को सुकमा के मिनपा मुठभेड़ का भी जिक्र है। दस्तावेजों में लिखा है कि मिनपा मुठभेड़ में करीब 23 नक्सली मारे गए हैं। मारे जाने वाले नक्सलियों में जगरगुण्डा एरिया कमेटी के 12 एवं पश्चिम एरिया कमेटी के 11 कुल 23 मिलिशिया व नक्सली कैडर शामिल हैं।
मिनपा मुठभेड़ में 17 जवान हुए थे शहीद
आईजी ने बताया कि स्थानीय पुलिस के जरिए मारे गए नक्सलियों के संबंध में अधिक जानकारी एकत्र करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि मिनपा मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हुए थे। इसके बाद नक्सलियों की ओर से जो जानकारी साझा की गई थी उसमें मुठभेड़ में सिर्फ तीन नक्सलियों की मौत का जिक्र किया गया था। आईजी बस्तर सुंदरराज पी ने कहा है कि संभाग में नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा। आम जनता को नक्सल हिंसा से मुक्ति दिलाने की दिशा में लगातार सुरक्षाबलों द्वारा समर्पित होकर कार्य किया जाएगा।

बारिश में भी ऑपरेशन ताकि दबाव कम न हो
पुलिस ने बारिश में भी ऑपरेशन जारी रखा है। पुलिस विभाग के आला अफसरों का कहना है कि अभी नक्सली खासे दबाव में हैं। ऐसे में इस दबाव को बरकरार रखने के लिए लगातार नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

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