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महिला का कथित प्रेमी ही आरोपी, मां-बेटे की हत्या के बाद मनाया था जन्मदिन


महिला के कथित प्रेमी ने ही सकरी में मां-बेटे की हत्या की थी। इस वारदात को बहुत ही शातिराना ढंग से योजना बनाकर अंजाम दिया था ताकि पकड़ा न जाए। अपने जन्मदिन को उसने इस वारदात के लिए चुना था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। महिला के साथ उसका प्रेम संबंध था और वह साथ रखने की जिद कर रही थी, जबकि युवक ऐसा नहीं चाहता था। वह दूसरी शादी करने के पक्ष में था और लड़की भी देख ली थी। महिला को जब पता चला तो लड़की के घर जाकर उसकी शादी तुड़वा दी। इससे वह गुस्से में था और बदला लेना चाहता था। घटना के लिए उसने 5 सितंबर को चुना। सकरी के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में निगम कर्मी रामेश्वर कौशिक 35वर्ष की पत्नी सरिता कौशिक 34 वर्ष और बेटे अरमान कौशिक 11 वर्ष की इस दिन शाम को उनके घर पर ही रक्त रंजित लाश मिली थी। दोनों को किसी धारदार हथियार से मारा गया था। हत्या करने वाले का पता नहीं था। पुलिस ने जांच शुरू की तो सबसे पहले महिला के कथित प्रेमी परसदा निवासी संजू वस्त्रकार पर शक गया। संजू के साथ महिला का अवैध संबंध था। पुलिस ने उसकी खोजबीन की तो घर पर नहीं मिला। परिजनों ने बताया वह रायपुर में बहन के घर है। पुलिस ने पिता को थाने लाकर संजू को फोन करवाया और थाने बुलावाया। संजू थाने पहुंचा पर हत्या में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। बयान से पुलिस को विरोधाभास मिला तो कड़ाई बरती गई और वह टूट गया। उसने दोनों की हत्या करना कबूल लिया। दोनों को उसने टांगी से मारा था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर टांगी सकरी पेंड्रीडीह बाइपास से बरामद कर ली है। इस वारदात को सुलझाने में टीआई आरएन यादव, एसआई शंकर गोस्वामी, हेड कांस्टेबल राजेश्वर क्षत्रिय, कांस्टेबल सतीश यादव की भूमिका रही।

आरोपी संजू ने बताया कि महिला से उसका प्रेम संबंध था पर वह गले की फांस बन गई थी। वह दूर जाना चाहता था पर महिला ऐसा नहीं चाहती थी। वह लगातार परेशान कर रही थी। वह चाहती थी कि संजू उसके पास ही रहे। संजू के घरवालों ने मस्तूरी क्षेत्र के एक गांव में उसकी शादी तय कर दी थी। पता चलने पर महिला एक दिन लड़की के घर पहुंच गई और अपने प्रेम-संबंध के बारे में बताकर शादी तुड़वा दी। संजू की सगाई हो चुकी थी। इसके बाद वह बदला लेने के फिराक में लग गया। इसी बीच उसने हत्या करने की योजना बना डाली। इस वारदात को सुलझाने में टीआई आरएन यादव,एसआई शंकर गोस्वामी, हेडकांस्टेबल राजेश्वर क्षत्रिय,कांस्टेबल सतीश यादव सहित अन्य की भूमिका रही।

15 दिन गांव से बाहर रहा फिर रायपुर से आया तैयारी कर
योजना के अनुसार संजू पहले 15 दिन गांव से बाहर रहा। 4 सितंबर की रात को 2 बजे अपनी बहन मंजू वस्त्रकार के घर रायपुर पहुंचा। 5 सितंबर को उसका जन्मदिन था। रात को बहन के घर सोया। 5 सितंबर की सुबह 11 बजे वह अपनी बहन-जीजा को मार्केट जाने की बात कहकर बाइक से निकला। बहन ने उसे खाना खाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। दोपहर सवा 1 बजे वह सकरी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पहुंचा। बाइक रोड किनारे खड़ीकर बैग लेकर महिला के घर आ गया। बैग में छोटी टांगी छिपाकर लाया था। महिला तब टीवी देख रही थी। संजू के पुलिस को दिए बयान के अनुसार उसने इस बीच सरिता से माफी मांगी और पैर पड़े पर वह गालियां देने लगी। इसके बाद संजू पानी पीने के बहाने बाहर आया और बैग से टांगी लेकर भीतर गया और सरिता पर वार कर दिया। बाहर सरिता का बेटा 11 वर्षीय आयुष दोस्तों के साथ खेल रहा था। मां की आवाज सुनकर भीतर गया। घटना देखकर आयुष बाहर भागा । संजू ने आयुष को पकड़ लिया और भीतर ले गया और उसके सिर पर भी टांगी से वार कर दिया। इससे वह गश खाकर गिर पड़ा। फिर संजू टांगी अपने बैग में रखकर चुपचाप बाहर आ गया। वह बाइक के पास पहुंचा और स्टार्ट कर सकरी-पेंड्रीडीह बाइपास होते हुए रायपुर आ गया। रास्ते में उसने खून लगी शर्ट व पैंट काे उतारा और टांगी में लपेटकर एक खेत में फेंक दिया।

हत्या करने के बाद बहन के घर आकर काटा केक
मां-बेटे की हत्या करने के बाद संजू रायपुर बहन के घर पहुंचा भांजी के साथ केक खरीदने बाजार गया। केक लाया और काटकर बहन-जीजा व भांजी के साथ खाना खाया फिर सो गया। संजू के अनुसार उसने घटना की किसी को जानकारी नहीं दी थी।

गवाह बना आयुष का नाबालिग साथी
पुलिस ने महिला के बेटे आयुष के दोस्त को इस मामले में चश्मदीद बनाया है। आरोपी संजू जब आयुष को बाहर से खींचकर भीतर ले जा रहा था तब उसने देखा था। वह संजू को पहचानता था। इस बात की जानकारी उसने बाद में अपने घरवालों को दी।

टांगी व कपड़े बरामद कराने गया तो गुमराह किया
आरोपी संजू को लेकर पुलिस जब टांगी व कपड़े जब्त करने गई तो वह चार घंटे तक पुलिस को इधर उधर घुमाया। कभी कहता बचने के लिए उसने सबूत नष्ट कर दिए हैं। बाद में सच बताया और पुलिस ने खेत से शर्ट पेंट व टांगी बरामद कर ली।

मोबाइल रायपुर मे ही छोड़ा आया था ताकि लोकेट न हो
वारदात को अंजाम देने जब संजू बिलासपुर आया तो मोबाइल रायपुर में ही बहन के घर छोड़ आया था जिससे घटना के समय लोकेशन रायपुर में बताए। इससे काफी हद तक पुलिस गुमराह हुई पर शक की सुई में केवल वही एक अकेला था जो सरिता की हत्या कर सकता था। पुलिस लगी रही।

रायपुर से पीछा करते आई पुलिस और झूठ पकड़ा
संजू के पिता को सकरी थाने से उसे फोन कर बुलाया तो वह आने के लिए निकला। तब सकरी पुलिस रायपुर में थी। वह संजू का पीछा करते बिलासपुर तक आई। पूछताछ में उसने कई बार झूठ बोला। लेकिन कड़ाई बरतने पर टूट गया।

पहले कहा कि वह रायपुर से बिल्हा चकरभाठा होते हुए सकरी आया है। फिर बाइपास से आने की बात कही। एक बार तो वह ऑटो सीधे थाने के पास आकर उतरा है। पुलिस का शक तब गहरा गया और कड़ाई बरतने पर टूट गया।

महिला के साथ उसके पति की हत्या की बनी थी योजना
संजू ने सरिता ने पहले उसके पति की हत्या की योजना बनाई थी। दोनों ने इसके लिए तैयारी भी की थी। संजू उससे शादी करना नहीं चाहता था पर दूसरी शादी कर उसके संपर्क में रहना चाहता था। इस बात के लिए उनके बीच में रजामंदी हो गई थी।

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