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प्रदेश के मुकाबले दुर्ग जिले में 14% ज्यादा कोरोना मरीज स्वस्थ, राहत : 4 सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में दुर्ग का रिकवरी रेट बेहतर, चिंता : ये लगातार घट रहा


कुल कोरोना मरीजों की संख्या को लेकर दुर्ग का यकीनन प्रदेश में रायपुर के बाद दूसरा स्थान है, लेकिन रिकवरी के मामले में पीछे रहने वाले दो जिलों से भी यहां बेहतर स्थिति है। मई से लेकर अगस्त के बीच की बात करें तो दुर्ग की औसत रिकवरी 95% रही है, जबकि इसी दौरान बिलासपुर की रिकवरी 70%, राजनांदगांव की 62% और रायपुर में सबसे कम 56% पर जाकर ठहर गई है।

प्रदेश के कुल 27 जिलों में सबसे ज्यादा मरीज रखने वाले टॉप 4 जिला क्रमश: रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर का रिकवरी रेट देखने पर ऐसा तथ्य समाने आया है। मई की शुरूआत से ही दुर्ग की रिकवरी बेहतर रही तो वह अब तक 4 जिलों में सबसे अच्छी बनी हुई है। बीते पांच माह (मई से सितंबर) में दुर्ग में 11463 मरीज मिले, जिसमें 10376 रिकवर हो गए। यह आंकड़ा प्रदेश के अन्य जिलों से बेहतर है।

कोरोना के 12000 मरीज पार

शनिवार को जिले में 306 नए कोरोना मरीज मिले हैं। हर बार की तरह इस बार भी इनमें हेल्थ वर्कर, फोर्स के जवान और अन्य शामिल हैं। इन मरीजों से जिले में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 12230 हो गई है। 9141 मरीजों के रिकवर हो जाने से एक्टिव मरीजों की संख्या 3023 रह गई है। नए पॉजिटिव मरीजों के अलावा 24 घंटे में जिले में कुल 9 कोरोना मरीजों की मौत भी हुई है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इसमें से 4 मौतें ही शनिवार को हुई हैं।

शेष पांच मौतें एक दिन पहले यानी कि शुक्रवार की बताईं गईं हैं। इन मौतों से जिले में होने वाली कुल कोरोना मौतों का आकड़ा 397 पहुंच गया है। कचांदुर सेंटर में हुई मौत 72 घंटे बाद आकड़ों में शामिल: कचांदुर के कोविड अस्पताल में अनट्रेंड स्टॉफ की वजह वेंटिलेटर के बंद होने के अगले दिन उस पर रखे जिन दो मरीजों की मौत हुई।

16 साल के बच्चे की भी मौत

कोरोना से मृतकों में से-6 के 57 वर्षीय पुरूष, खुर्सीपार के 52 वर्षीय पुरूष, धमधा के 57 वर्षीय पुरूष, बोरसी के 53 वर्षीय पुरूष, न्यू खुर्सीपार के 78 वर्षीय पुरूष, 43 वर्षीय पुरूष, सुपेला के 16 वर्षीय बालक, पचरीपारा की महिला शामिल है।

अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था हैं…

जिले में कोरोना नियंत्रण के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। जल्द से जल्द मरीज को ट्रेस कर ट्रीटमेंट पर फोकस है। कोरोना के केस देरी से आ रहे हैं, यह सबसे बड़ी समस्या है। फीवर क्लीनिक ज्यादा महत्वपूर्ण है। हेल्थ टीम लगातार मॉनीटरिंग कर लोगों को स्वस्थ कर रही है।
डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, कलेक्टर, दुर्ग

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शनिवार को भी जुनवानी स्थित कोविड अस्पताल से 20 से ज्यादा मरीज डिस्चार्ज।

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