Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors. Please consider supporting us by whitelisting our website.

3 लाख के इनामी नक्सली ने अफसरों के सामने किया समर्पण


3 लाख रुपए के इनामी नक्सली डूमाम एलओएस डिप्टी कमांडर कोसा मुचाकी ने भी अब हिंसा का हथियार डाल दिया है। अपने ही गांव बड़े गुडरा में स्थित सीआरपीएफ 195 बटालियन कैम्प में जाकर अफ़सरों के सामने सरेंडर करने की इच्छा जताई। यहां पदस्थ अफसरों ने बटालियन के सीओ व
एसपी डॉ अभिषेक पल्लव को सूचना दी व इन सभी अफसरों के सामने सरेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई। कोसा मुचाकी ने अफ़सरों को बताया कि बड़ा भाई भी नक्सली संगठन में शामिल था। साल 2016 को एनकाउंटर में मारा गया। अब पुलिस घर वापसी अभियान चला रही है। मैं भी भाई की तरह नहीं मरना चाहता हूँ,इसलिए हिंसा का हथियार आप सभी के सामने डालकर सरेंडर कर रहा हूँ। कोसा के सरेंडर करने पर अफसरों ने उसका स्वागत किया व 10000 रुपए प्रोत्साहन राशि भी दी। एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर कई नक्सली संगठन छोड़ घर लौट रहे हैं। 3 लाख का इनामी नक्सली कोसा की भी घर वापसी हुई है।

इन घटनाओं में नक्सली रहा है शामिल
कोसा कटेकल्याण एरिया कमेटी का सक्रिय नक्सली रहा है। कमांडर मंगतू के कहने पर साल 2014 को नक्सल संगठन में संघम सदस्य के रूप में भर्ती हुआ था। 4 साल बाद कटेकल्याण एरिया कमेटी डूमाम एलओएस का डिप्टी कमांडर बनाया गया। आगजनी, हत्या, सड़क काटने, नक्सल विचारधारा का प्रचार करने जैसी कई घटनाओं में शामिल रहा है।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

Powered by WPeMatico

%d bloggers like this: