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संक्रमण के आंकड़े 4 करोड़ के पार, करीब 3 करोड़ लोग रिकवर भी हुए; अमेरिका में एक दिन में 68 हजार मामले सामने आए; दुनिया में 11.15 लाख मौतें


दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 4 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 99 लाख 35 हजार 601 हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 11.15 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बीच संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को यहां 68 हजार नए मामले सामने आए। लंदन में लोग प्रतिबंध लगते ही सड़कों पर उतर आए।

इन 10 देशों में कोरोना का असर सबसे ज्यादा

देश

संक्रमित मौतें ठीक हुए
अमेरिका 83,13,754 2,23,951 54,05,946
भारत 74,86,714 1,13,779 65,87,287
ब्राजील 52,05,686 1,53,358 46,19,560
रूस 13,84,235 24,002 10,65,199
स्पेन 9,82,723 33,775 उपलब्ध नहीं
अर्जेंटीना 9,65,609 25,723 7,78,501
कोलंबिया 9,45,354 28,616 8,37,001
पेरू 8,62,417 33,648 7,69,077
मैक्सिको 8,41,661 85,704 6,12,216
फ्रांस 8,34,770 33,303 1,04,696

लंदन में विरोध प्रदर्शन
बोरिस जॉनसन सरकार ने संक्रमण को रोकने के लिए नए प्रतिबंधों का ऐलान किया। लंदन में इसके खिलाफ शनिवार को विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए। हालांकि, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की तादाद काफी कम थी और इनमें से ज्यादातर नशे में थे। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि यूरोप में बिगड़ते हालात को देखते हुए सख्ती के अलावा अब कोई उपाय नहीं बचा है। ब्रिटेन के कई हिस्सों में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है। यहां सभी बार, पब और रेस्टोरेंट्स अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।

अमेरिका में संक्रमण खतरनाक स्तर पर
शु्क्रवार को अमेरिका में करीब 68 हजार नए मामले सामने आए। जुलाई के बाद यह एक दिन में संक्रमण का सबसे बड़ा आंकड़ा है। राष्ट्रपति चुनाव अब महज दो हफ्ते दूर है। ऐसे में बढ़ते मामले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुश्किलों में इजाफा कर सकते हैं। इसके पहले 31 जुलाई को 68 हजार मामले सामने आए थे। अगस्त और सितंबर में मामले कम हुए थे। लेकिन, अक्टूबर में संक्रमण की दूसरी लहर सामने आई। पिछले हफ्ते औसतन यहां 55 हजार मामले रोज मिले। सितंबर की तुलना में यह 60 फीसदी ज्यादा है।

अमेरिका में संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए कई जगह लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। हैलोवीन से संबंधित प्रोग्राम भी फिलहाल टाले जा रहे हैं।

यूरोपीय देशों में दहशत
यूरोपीय देशों में संक्रमण की दूसरी लहर घातक साबित हो रही है। फ्रांस में तो परेशानी बेहद ज्यादा है। यहां तीन हफ्ते में करीब चार लाख नए संक्रमित पाए गए हैं। हालात ये हैं कि अस्पतालों में 70 फीसदी आईसीयू फुल हैं। पहली बार देखा गया है कि युवा भी वायरस की चपेट में आ रहे हैं। पेरिस समेत देश के 9 बड़े शहरों में रात का कर्फ्यू लगाया जा चुका है। चेक रिपब्लिक, बेल्जियम, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड्स में भी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इटली सरकार ने साफ कर दिया है कि हालात को काबू में रखने के लिए हर तरह के उपाय किए जाएंगे। सरकार ने लोगों से भी सहयोग मांगा है।

पेरिस के एक अस्पताल के मेडिकल स्टोर में मौजूद स्टाफ। फ्रांस में तीन हफ्ते में चार लाख से ज्यादा नए केस सामने आए। देश के अस्पतालों के करीब 70 फीसदी अस्पतालोें में आईसीयू फुल हैं। 9 शहरों में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है।

विरोध के बाद राहत
इजराइल में नेतन्याहू सरकार के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। सरकार ने संक्रमण पर काबू पाने के लिए देश के कुछ हिस्सों में लॉकडाउन लगाया है, लेकिन लोग इसका पालन करने को तैयार नहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल के कई शहरों में लोगों ने लॉकडाउन के खिलाफ प्रदर्शन किए। इन लोगों का आरोप है कि मार्च के बाद से उनकी जिंदगी पर बुरा असर पड़ा है। कुछ सामाजिक संगठनों ने कहा है कि सरकार अपनी नाकामी का ठीकरा देश के लोगों पर फोड़ना चाहती है। सरकार ने दबाव में कुछ राहत देने का फैसला किया है। कुछ उपायों की घोषणा आज की जा सकती है।

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लंदन में संक्रमण रोकने के लिए कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। शनिवार को कुछ लोगों ने इसके विरोध में हंगामा किया और बाद में पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। ब्रिटेन सरकार ने संक्रमण से निपटने के लिए तीन चरणों का प्लान तैयार किया है। इसे थ्री टियर प्लान कहा गया है।

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