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डिवाइडरों में निगम लगा रहा था 60 लाख के ‘असली’ खजूर पेड़, स्मार्ट सिटी ने बो दिया ‘नकली’ नारियल


अमिताभ अरुण दुबे | राजधानी में नई शहर सरकार बनने के बाद नगर निगम ने गौरवपथ समेत बाकी सड़कों के डिवाइडर पर करीब 60 लाख रुपये में खजूर के असली पेड़ लगाने की एक योजना लांच की थी। फरवरी में इसका टेंडर भी हुआ। इसके बाद योजना अचानक रसातल में चली गई। निगम के उद्यान विभाग को भी पता नहीं है कि टेंडर का आखिर क्या हुआ? यह योजना ठीक से गिर भी नहीं पाई थी कि कोरोना काल में स्मार्ट सिटी ने आनन-फानन में नकली डेकोरेटिव नारियल और खजूर पेड़ लगाने की एक नई योजना लांच कर दी। सिर्फ लांचिंग ही नहीं, डिवाइडरों पर इसे लगा भी दिया गया और ये जगमगा रहे हैं। यह 20 लाख की योजना है और एक नकली पेड़ लगभग 25 हजार रुपए का पड़ रहा है। लगभग सौ पेड़ लगाए जाने हैं, इसलिए योजना की राशि बढ़कर 25 लाख रुपए भी हो सकती है। कोरोना की वजह से राजधानी में इस साल वृक्षारोपण का अभियान सही तरीके से परवान नहीं चढ़ पाया। हाल मरीन ड्राइव और आसपास डिवाइडर पर यह पेड़ लगाए गए हैं। यह रात में खूबसूरत दिखते हैं, इसलिए गाड़ी चलाने वालों का ध्यान भटकता है। लाल-पीले-हरे-नीले इन खजूर पेड़ों के साथ-साथ डिवाइडरों के खंभों में थीमैटिक लाइटिंग लगा दी गई है।

इससे पहले यह शहर के दूसरे छोटे शहरों में लग चुकी है। अफसरों का दावा है कि इससे सड़क रात में सुंदर दिखने लगी है। यह बात अलग है कि राजधानी में अब भी रात का कर्फ्यू लागू है।

50 हजार पेड़-पौधे लगाने थे
नगर निगम रायपुर के 2020-21 के बजट में इस साल स्मार्ट सिटी और अन्य सरकारी गैर सरकारी एजेंसियों के साथ शहर में करीब 50 हजार पेड़-पौधे लगाने का टारगेट था। मानसून के सीजन में कोरोना के मामले बढते रहे, इसलिए कई योजनाएं स्वाभाविक रूप से पूरी तरह परवान नहीं चढ़ पाईं। इनमें से यह भी एक है। हालांकि स्मार्ट सिटी का दावा है कि उसने पिछले साल तय किए गये 20 हजार पेड़ लगाने के लक्ष्य को पूरा कर लिया है।

डिवाइडर पर ड्रिप इरिगेशन
गौरवपथ पर स्मार्ट सिटी का एक नया प्रोजेक्ट और भी चल रहा है। इसके तहत करीब 43 लाख में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके माध्यम से तेलीबांधा तालाब के अतिरिक्त पानी से गौरवपथ और इस सड़क के बाग बगीचो की हरियाली को जिंदा रखा जाएगा। सवाल ये भी है कि ड्रिप इरिगेशन जैसी योजना पर काम करते हुए स्मार्ट सिटी को नकली नारियल खजूर के पेड़ लगाने की जरूरत महसूस क्यों हुई।

“डिवाइडर पर खजूर के पेड़ लगाने की योजना मुख्यालय से जारी नहीं हुई है। शायद जोन के उद्यान विभाग ने टेंडर जारी किया हो।”
-हेमंत शर्मा, चीफ इंजीनियर, निगम उद्यानिकी

“सौंदर्यीकरण के लिए आर्टिफिशियल और थीमैटिक लाइट वाले पेड़ लगा रहे हैं। इससे गौरवपथ को नया लुक देने की योजना है।”
-एसके सुंदरानी, जीएम, स्मार्ट सिटी

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Corporation was planting 60 lakh ‘real’ date trees in the dividers, Smart City planted ‘fake’ coconut

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