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बड़े लीडर्स का नहीं माना फरमान इसलिए 5 साथियों को मार डाला


नक्सलियों ने फिर से अपने 5 साथियों की हत्या कर दी है। यह हत्या भी नक्सलियों के बड़े नेताओं के फरमान को नहीं मानने और पांचों के सरेंडर करने के डर के बीच की गई है। नक्सलियों ने अपने 5 साथियों की हत्या एक साथ नहीं, बल्कि पिछले एक पखवाड़े में अलग-अलग की है।
इन हत्याओं की वारदातों को बीजापुर के पीड़िया के जंगलों में अंजाम दिया गया है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने दावा किया है कि नक्सलियों ने अपने पांच साथियों को मौत के घाट उतार दिया है। उनका कहना था कि अभी लगातार नक्सलियों की विचारधारा से परेशान होकर उनके कैडर समर्पण कर रहे हैं। अपने संगठन को टूटता देख नक्सली बौखला गए हैं और वे अपने साथियों पर ही शक करने लगे हैं और इसी शक में वे अपने साथियों को मौत के घाट उतार रहे हैं। आईजी ने बताया कि अभी खबरें आई हैं कि नक्सलियों ने पिछले कुछ दिनों में अपने 5 साथियों को मौत के घाट उतार दिया है अभी जिन लोगों के मारे जाने की सूचना है उनमें कमलू पूनम, संदीप पुरसम, संतोष लखमू, हेमला, दसरू मंडावी के नाम शामिल हैं। इससे पहले डिवीजन कमांडर मुडियम विज्जा की हत्या भी नक्सलियों ने कर दी थी। मुडियम ने आदिवासियों को मुखबिर बताकर हत्या करने का विरोध किया था।

मुड़ियम विज्जा के अंतिम संस्कार में पहुंची पुलिस
इधर आईजी बस्तर सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सलियों द्वारा मुड़ियम विज्जा की हत्या की सूचना पर 6 दिन पहले उसके गांव पुलिस टीम को भेजा गया था। पुलिस की टीम जब गांव पहुंची तो परिजन उसके शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे। मौके पर पहुंची टीम ने वीडियो और फोटोग्राफी भी की है। आईजी ने कहा कि जिन पांच अन्य लोगों को भी नक्सलियों ने मारा है उनके संबंध में भी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

एक्सपर्ट व्यू: ये पुलिस का प्रोपेगेंडा भी हो सकता है
इधर नक्सल मामलों के जानकार कह रहे हैं कि नक्सली और पुलिस अक्सर एक-दूसरे के खिलाफ प्रोपेगेंडा वार करते रहते हैं। अभी तक नक्सलियों की ओर से इस तरह की किसी भी हत्या की खबर की अधिकृत जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ समय पहले बड़े लीडर गणपत्ती के सरेंडर की खबरें भी पुलिस ने फैलाई थी। जिसका नक्सलियों के प्रवक्ता अभय ने खंडन कर दिया था।

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