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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने में देरी, 13 महीने में सिर्फ 25 फीसदी काम हुआ


इंद्रावती नदी और दलपत सागर में शहर का गंदा पानी मिलने से रोकने के लिए नगर निगम 54 करोड़ की लागत से बालीकोटा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा रहा है। सालों पुरानी शहरवासियों की मांग को पूरा करते हुए नगर निगम ने इस काम को तो शुरू करवा दिया है लेकिन यह काम तय समय पर पूरा होगा, इसको लेकर कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
2 साल में ट्रीटमेंट प्लांट को पूरा करने के लिए निगम ने जिस कंपनी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है वह कंपनी पिछले 1 साल में अब तक केवल 25 फीसदी काम ही पूरा कर पाई है आने वाले 9 महीने में यह काम पूरा होगा, इसको लेकर कंपनी के कर्मचारी कुछ भी करने से बच रहे हैं। नगर निगम ने यह कार्य नई दिल्ली की इनवायरो इंफ्रा कंपनी को दी है।
गौरतलब है कि इस योजना के तहत काम शुरू होने के बाद 18 जुलाई को कलेक्टर रजत बंसल में निगम के अधिकारियों के साथ ही इस कार्य का जायजा लिया था जहां उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से इस काम को तय समय में पूरा करने के लिए कहा था कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देश के बाद भी कंपनी इस काम को तय समय पर कर पाएगी इस की आशंका बनी हुई है।

25 लाख लीटर पानी साफ किया जाएगा
इस ट्रीटमेंट प्लांट में हर दिन 25 लाख लीटर पानी को साफ किया जाएगा। इस साफ पानी का उपयोग किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराने के साथ ही इंद्रावती नदी में छोड़ा जाएगा। निगम के अधिकारियों ने कहा कि प्लांट बनने के बाद आवश्यकता के हिसाब से इस पानी का उपयोग किया जाएगा।

स्टॉप डैम शुरू नहीं तो पाइपलाइन का पता नहीं
शहर के 11 नालों के पानी को नदी और दलपतसागर में जाने से रोकने के लिए 10 किलोमीटर की पाइपलाइन और 11 स्टाफ डैम बनाए जाने हैं। लेकिन यह काम अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। निगम के अधिकारियों ने बताया कि नालों का निर्माण शहर में अलग-अलग जगहों पर किया जाएगा। जहां से पाइपलाइन के माध्यम से इसे बालीकोंटा में बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा। पाइपलाइन नदी के किनारे से लेकर शहर के कई जगहों से होते हुए गुजरेगी। अधिकारियों ने कहा कि पाइप लाइन बिछाने के दौरान शहर में आवाजाही प्रभावित होगी। इसके बावजूद इस काम को कंपनी द्वारा अब तक शुरू नहीं किया जाना लापरवाही की पोल खोल रहा है।

देरी पर हर दिन 1 लाख के हिसाब से होगी वसूली
नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक एसबी शर्मा ने कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए कंपनी को 2 जुलाई 2021 तक का समय दिया गया है। यदि इस काम को कंपनी तय समय में पूरा नहीं कर पाती है तो एनजीटी के आदेश के तहत कंपनी से हर दिन 1 लाख वसूली की जाएगी।

यह है पूरी योजना
इंद्रावती नदी और दलपत सागर में शहर के नालों का गंदा पानी ना जाए इसके लिए नगर निगम ने नई दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। निगम यह काम अमृत योजना के तहत करवा रही है। इस कार्य पर 54 करोड़ रुपए खर्च होना है। इस सिस्टम की देखरेख कंपनी 15 साल तक करेगी। इसके लिए अलग से पौने 11 करोड़ दिए जाएंगे।

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Delay in construction of sewerage treatment plant, only 25% work done in 13 months

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