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हर हफ्ते ड्रग्स की बड़ी खेप आती थी रायपुर, कारोबारी-ठेकेदार युवा सब चपेट में, हफ्ते में 60-60 हजार का कोटा


राजधानी में सफेद नशे की बड़ी खेप हर हफ्ते पहुंच रही थी। ड्रग्स के चंगुल में फंसे बड़े कारोबारी और बिल्डिंग कांट्रेक्टर के लिए हर हफ्ते बड़ी खेप आती थी। कुछ तो ऐसे हैं जो एक महीने में 60-60 हजार का नशा करते थे। मंगलवार को पुलिस ने तीन बिल्डिंग कांट्रेक्टरों से पूछताछ की। उन्होंने कुछ और ड्रग्स पैडलर्स के नाम बताए हैं। नए नाम सामने आने के बाद पुलिस अब जेल में बंद ड्रग्स पैडलर्स श्रेयांस झाबक और विक्की उर्फ विकास बंछोर को दोबारा रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। अफसरों के अनुसार ड्रग्स पैडलर्स से अब इस नए एंग्ल को लेकर पूछताछ की जाएगी।
पुलिस की जांच में फंसे दोनों बिल्डिंग कांट्रेक्टर का पेशा भले एक है, लेकिन वे अलग-अलग ड्रग्स खरीदते थे। पुलिस ने उनसे प्रारंभिक पूछताछ के बाद बताया कि तीनों नियमित ग्राहक हैं। वे नशे के इतने आदि हो चुके हैं कि एक दिन भी नशे के बिना नहीं रह सकते। ड्रग्स खरीदने के लिए उन्हें केवल वाट्सएप पर मैसेज करना पड़ता था। माल उनके पास पहुंच जाता था। माल मिलते ही वे पेमेंट कर देते थे। पुलिस ने गिरफ्तार पैडलर्स श्रेयांस झाबक और विक्की उर्फ विकास बंछोर के मोबाइल चैट के आधार पर डेढ़ दर्जन संदिग्धों की सूची तैयार की है। उनके बारे में पुलिस को शक है कि वे ड्रग्स के ग्राहक हैं। इस वजह से उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। इसमें राजधानी के अलावा बड़े शहरों के युवक-युवतियां शामिल हैं।

नशे का धंधा पूरी तरह से कैश में : पुलिस ने पैडलर विकास और श्रेयांस से जब्त तीनों मोबाइल की जांच कर ली हैं। उसमें लोगों का चैट मिला है। अधिकांश लोग आरोपियों से माल या पावडर के नाम से ऑर्डर करते थे। कुछ लोगों ने हैश शब्द का उपयोग किया हैं। सफेद नशे का पूरा कारोबार कैश पर चलता है। पावडर मिलते ही ग्राहक को उसी समय पूरा पैसा कैश में देना पड़ता था। वे उधार में किसी से कारोबार नहीं करते। बिल्डिंग कांट्रेक्टरों से पूछताछ के बाद पता चला है कि विक्की और श्रेयांस जैसे शहर में और भी पैडलर्स है। उनका लिंक मुंबई और नागपुर के ड्रग्स माफिया से जुड़ा है। ये पैडलर्स राज्य के कई शहरों में ड्रग्स की सप्लाई करते हैं।

रिमांड पर लेकर करेंगे सवाल-जवाब
ड्रग्स के कारोबार की परतें खुलने के बाद पुलिस जेल में बंद श्रेयांस का रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। उनसे नए सिरे से पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद जितने बड़े रैकेट का पता नहीं चला था, उससे ज्यादा अब क्लू मिल रहे हैं। उन तथ्यों की जांच के लिए ही श्रेयांस का रिमांड पहले लिया जाएगा। उसके बाद उसके साथी की रिमांड ली जाएगी। हालांकि इससे पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने इतना बड़ा रैकेट फूटने के बाद आरोपियों को जेल भेजने में जल्दबाजी क्यों की?
एक युवती और तीन युवकों को नोटिस
पुलिस ने बुधवार को पूछताछ के लिए चार लोगों को बुलाया है। इसमें एक युवती शामिल है। एक युवक होटल कारोबार से जुड़ा युवक है। उनकी वीआईपी रोड इलाके में होटल है। विकास के मोबाइल में मिली लंबी चैटिंग के आधार पर चारों को बुलाया गया है। पिछले तीन महीने के चैट में इन चारों ने ड्रग्स का ऑर्डर किया है। वे हर महीने श्रेयांस से ड्रग्स खरीद रहे थे। पुलिस अभी केवल राजधानी के ग्राहकों को बुला रही है। आने वाले दिनों में राज्य के अन्य जिलों के खरीदारों को बुलाया जाएगा।

क्वींस क्लब में पार्टी में शामिल आरोपी ने ड्रग्स को लेकर किया पोस्ट
लॉकडाउन में क्वींस क्लब में बर्थ डे पार्टी करने वाली एक युवती ने पिछले महीने सोशल मीडिया में एक वीडियो पोस्ट किया था। ड्रग्स का मामला फूटने के बाद इस वीडियो को हटा दिया गया है। पुलिस के अनुसार वीडियो में कार में बैठे युवक-युवतियों के हाथों में ड्रग्स की पुड़िया दिखाई दे रही है। फिर उसे लेने का का तरीका भी वीडियो में दिख रहा है। अब ये पोस्ट जमकर वायरल हो रहा है। तेलीबांधा पुलिस इसकी भी जांच कर रही है, क्योंकि क्लब की पार्टी में शराब के साथ सूखा नशा भी उड़ने का पता चला था। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।

अपने बच्चों पर ध्यान दें परिजन : एसएसपी अजय यादव ने युवाओं ड्रग्स जैसे नशा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने इस महंगे नशे के सौदागरों को पकड़ने के लिए टीम बनाई है। सभी टीमों को अलग-अलग बिंदु देकर टॉस्क दिया गया है। एसएसपी ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर ध्यान दें। बच्चों को नशे की लत से बचाएं। पढ़ने-लिखने और कुछ करने की उम्र में युवक-युवतियां इस तरह की नशा कर रहे हैं, तो समाज के लिए चिंता की बात है।

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प्रतीकात्मक फोटो।

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