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हर साल छोटी-बड़ी 300 से अधिक प्रतिमाएं बनती थीं, इस बार सिर्फ 50 ही बन पाईं


नवरात्रि पर्व शनिवार से शुरू होगा। कोरोना संक्रमण के चलते मूर्ति कलाकार सिर्फ एक चौथाई मूर्तियों का निर्माण ही कर पाए हैं। हर बार छोटी-बड़ी करीब 300 से अधिक प्रतिमाएं बनती थीं। लेकिन इस बार मुश्किल से 50 ही 6 फीट से बड़ी प्रतिमाएं बनी हैं। बंगाली कलाकार मिट्टी की मूर्ति बनाते हैं, लेकिन उनके नहीं आने से भी प्रतिमाएं इस बार ज्यादा नहीं बनाई गईं हैं। मूर्तिकारों की मानें तो प्रशासन ने गाइडलाइन जारी करने में बहुत देर कर दी। आदेश आने के बाद वे मूर्तियों का ऑर्डर देने पहुंचे, लेकिन मूर्तिकारों ने मना कर दिया। उनका कहना है कि अगर ऑर्डर ले भी लेते तो मां की प्रतिमाएं समय से सूख नहीं पातीं।

100 प्रतिमाएं बनाते थे, इस बार सिर्फ 5 ही तैयार कर पाए
मूर्तिकार अमित सूत्रधर के मुताबिक हर साल मां दुर्गा की 12 से 18 फीट से बड़ी करीब 100 प्रतिमाओं का निर्माण करते थे, लेकिन इस बार सिर्फ 5 प्रतिमाओं का निर्माण कर पाए। वे भी लगभग 6 फीट की हैं। हर साल बाहर से 25 कारीगर आते हैं, लेकिन इस बार देरी से अनुमति मिलने से नहीं आ पाए हैं। मूर्तिकार सूत्रधर ने कहा कि संक्रमण के कारण 90 प्रतिशत काम प्रभावित हुआ है। 10 प्रतिशत से भी कम काम किया है। गणेश पूजा के दौरान भगवान गणेश के समय प्रतिमाएं पहले से तैयार की थीं, पर नुकसान हो गया था। इसलिए मां की प्रतिमाएं जितना समय से बना सकते थे, उतने का ही ऑर्डर लिया।

कोरोना का संहार करेंगी माता जी…
मूर्तिकार सुजीत सूत्रधर ने बताया कि हर साल 40 से अधिक बड़ी प्रतिमाओं का निर्माण करते थे। इस बार 12 मूर्ति ही बनाई है। जितनी मूर्तियां बनाया हूं, सब ऑर्डर की हैं। सीएमडी ग्राउंड, मसानगंज, कतियापारा, साव धर्मशाला, गोंडपारा, करोना चौक सहित अन्य जगह की मां की प्रतिमा का निर्माण किया हूं। प्रशासन का आदेश आने के बाद लोग मूर्तियों का निर्माण कराने पहुंच रहे हैं। पर अब ऑर्डर नहीं ले रहे हैं। दुर्गा प्रतिमाओं में भी कोरोना संक्रमण का प्रभाव दिख रहा है। दुर्गा माता से ही इस वायरस के अंत की उम्मीद है।

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Every year, more than 300 statues were made, big and small, this time only 50 could be built.

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