Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors. Please consider supporting us by whitelisting our website.

जांच कराने जा रहे लोग गलत मोबाइल नंबर व पता बता रहे, संक्रमितों को ढूंढ नहीं पा रहे स्वास्थ्य कर्मी


स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को 39 मरीजों की सूची भेजी है, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है लेकिन गलत जानकारी की स्वास्थ्य कर्मी उन तक पहुंच नहीं सके हैं। माना जा रहा है कि ये लोग संक्रमित होंगे और बाजार में घूम फिर कर न केवल घर वालों को बल्कि दूसरों के लिए खतरा पैदा कर रहे होंगे। पता लगने पर इनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।

एक ओर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कोरोना को काबू में करने पूरी ताकत से जूझ रहा है लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही जिले के लिए खतरा बन रही है । जांच के लिए सैंपल देने पर नाम और पते गलत लिखाए जा रहे हैं। इससे रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर संक्रमित को तलाशना मुश्किल हो जाता है। गलत जानकारी देने वालों में शहर की बड़ी कॉलोनी में रहने वाले और अच्छे परिवारों से ताल्लुक रखने वाले लोग हैं।

स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार यदि किसी को बुखार, सर्दी, खांसी जैसे लक्षण है तो उसे रैपिड एंटीजन टेस्ट कराने के बाद यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उसका आरटीपीसीआर टेस्ट भी कराना जरूरी होता है, कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनमें लक्षण हैं एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आने पर गायब हो रहे हैं। फोन करने पर ये लोग स्वास्थ्य कर्मियों को डांटने-धमकाने लगते हैं।

एक स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार एक हफ्ते के भीतर ही 50 से अधिक लोग पॉजिटिव आए हैं लेकिन उनकी जानकारी गलत निकली है, हर रोज 8-10 लोग ऐसे आ रहे हैं । इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम यह भी कह रही है जिन संक्रमित के घर में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग हैं तो वे तुरंत जांच कराएं। समय पर जांच होने पर ही मरीज को ठीक समय पर इलाज दिया जा सकता है। देरी होने से खतरा बढ़ने की संभावना है।

बुजुर्ग व्यक्ति फिर भी जानकारी छुपाई

पार्क एवेन्यू कॉलोनी के 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने 13 अक्टूबर को अपनी जांच कराई। जिसके बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, लेकिन जब स्वास्थ्य विभाग ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने मोबाइल में कोई रिप्लाई नहीं दी।

रिपोर्ट आने के बाद काल किया तो बंद मिला नंबर

चक्रधरनगर बंगलापारा निवासी 29 वर्षीय युवक ने चांदमारी टेस्टिंग सेंटर अपनी जांच कराई लेकिन उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, लेकिन जब उनसे संपर्क किया गया तो उनका नंबर बंद मिला, जिसके बाद वार्ड में भी पता करने की कोशिश की गई तो वहां भी जानकारी नहीं मिली।

जांच के दौरान आईडी प्रूफ लेंगे
टेस्ट कराने सेंटर आने वालों में कई लोग सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। अब सभी से सैंपल देते वक्त आईडी ली जाएगी। कोरोना संक्रमित होने या लक्षण के बाद भी जानकारी छिपाकर बचने वालों का पता लगाएंगे और ऐसे लोगों पर एफआईआर कराई जाएगी।
डॉ एसएन केशरी, सीएमएचओ

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


फाइल फोटो

Powered by WPeMatico

%d bloggers like this: