JEE Advanced में बेहतर प्रदर्शन के लिए, जानें कैसे करें तैयारी

किसी भी व्यक्ति का भविष्य आगे किस तरफ जाएगा यह उसके द्वारा चुने गए करियर पर निर्भर करता है। इसलिए ये माना जाता है कि 10वीं और 12वीं में की गयी तैयारी व पढ़ाई आपके भविष्य की नींव रखने में आपकी बहुत मदद करती है। आधुनिक समय में शायद ही कोई ऐसा छात्र हो जिसे इंजीनियरिंग के करियर के बारे में न पता हो। ऐसे में हर दूसरे विद्यार्थी का ये सपना होता है कि वो इंजीनियरिंग में अपना करियर स्थापित करे। लेकिन इसमें अपना करियर बनाने के लिए इससे जुड़ी परीक्षाओं को भी पास करना जरूरी होता है।

इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने के लिए कई प्रकार की परीक्षाएँ आयोजित की जाती हैं जिसमें JEE की परीक्षा नेशनल लेवल पर होने वाली कुछ परीक्षाओं में से एक है| बीते कुछ वर्षों से JEE की परीक्षाओं को 2 भागों में बाँट दिया गया है; JEE Main और JEE Advanced। JEE Main क्वालफाइ करने वाले छात्र ही JEE Advanced की परीक्षा दे सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी इन परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे हैं तो ये टिप्स आपको JEE की परीक्षाओं में सफलता दिला सकती हैं।

परीक्षा से पहले की तैयारी-


शारीरिक और मानसिक तौर पर रहें स्वस्थ-
किसी भी प्रकार की परीक्षा या सामान्य जीवन में शारीरिक और मानसिक रूप में स्वस्थ होना बेहद जरूरी है। खासकर विद्यार्थियों के लिए ये कहा जाता है कि उन्हें अपने खान- पान और सेहत का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए ताकि वे सही ढंग से पढ़ाई कर सकें। ऐसे में जब बात हो JEE जैसी नेशनल परीक्षाओं की तो सेहत का ज्यादा ध्यान देना पड़ता है क्योंकि इस राष्ट्रीय स्तर वाली परीक्षा में हर वर्ष लाखों छात्र परीक्षा देते हैं। ऐसे में अगर छात्र शारीरिक और मानसिक रूप में सेहतमंद रहता है तब ही वो परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी कर पाता है।

लास्ट मिनट की तैयारी से बचें –
कई बार ये देखा गया है कि घबराहट में आकर विद्यार्थी पेपर के कुछ समय पहले सब कुछ याद और समराइज़ करने में लग जाते हैं। इस तरह की तैयारी से छात्रों को कुछ भी हासिल नहीं होता बल्कि स्ट्रेस लेवल बढ़ जाता है। मनोविज्ञानिको की मानें तो “Last Minute Preparation” से मिलने वाला ज्ञान स्ट्रेस लेवल को बढ़ा देता है, जिससे पहले से तैयार किया हुआ कांसेप्ट पूरी तरह से याद नहीं रह पाता। इस वजह से इसका असर परीक्षा के बेहतर प्रदर्शन पर पड़ता है। इसलिए परीक्षा के कुछ दिन पहले से ही ऐसा रूटीन बना लेना चाहिए कि उस दौरान पहले से पढ़े हुये कांसेप्ट ही रिवाइज़ करें। इसके अलावा किसी भी नए सबजेक्ट या टॉपिक को न हाथ लगाएँ।


परीक्षा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान-


रखें खुद पर भरोसा-
राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले इस परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों का घबराना कुछ हद तक लाज़मी भी है क्यूंकी यही परीक्षा आगे चल कर उनके करियर की राह को मजबूत करती है। लेकिन कई बार ये देख गया है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते कई छात्र परीक्षा के दौरान तनाव में आ जाते हैं जिस कारण कई बार आते हुये प्रश्नों के भी सही उत्तर नहीं दे पाते। इस तनाव की वजह से इसका असर उनकी परफ़ोर्मेंस पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में छात्रों को खुद को शांत रखते हुए काम करना चाहिए। इसलिए हमेशा परीक्षा के दौरान व तैयारी करते समय सकारात्मक सोच रखनी चाहिए और शांत मन से परीक्षा में बैठना चाहिए। इस तरह के प्रयास से परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों को निश्चित रूप से सकारात्मक नतीजे प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

टाइम मैनेजमेंट का रखें खास ध्यान-
टाइम मैनेजमेंट काफी हद तक आपकी अच्छी तैयारी को पूरा करता है। अगर आपको सभी प्रश्नों के उत्तर आते है लेकिन टाइम मैनेजमेंट में कमजोर हैं तो आपको विफलता का मुँह देखना पड़ सकता है। क्योंकि टाइम मैनेजमेंट की मदद से छात्र ज्यादा से ज्यादा प्रश्नों के उत्तर देने में सक्षम हो पाते हैं। ऐसे में अगर हम JEE ADVANCED के सिलेबस को ध्यान से देखें तो हर प्रश्न के लिए स्टूडेंट को लगभग 2 मिनट का समय मिलता है। इसलिए किसी एक प्रश्न पर ज्यादा समय लगे तो उसे छोड़ कर बाकी प्रश्नों पर ध्यान दें ताकि आपका समय ठीक ढंग से मैनेज हो सके।

मजबूत पहलू को पहले हल करें-
JEE की परीक्षा के दौरान अगर आप सफलता पाना चाहते हैं तो तैयारी के साथ परीक्षा देनें की कुछ खास टिप्स को भी समझना जरूरी है। पेपर को हल करते समय हमेशा उस सबजेक्ट को पहले चुनें जिसमें आपकी तैयारी सबसे अच्छी हो। इस तरह आप पेपर सही समय पर कर पाते हैं और जो विषय आपका मजबूत रहता है उस विषय के प्रश्न छूटने की संभावनाएँ भी कम हो जाती हैं। इसके साथ ही छात्र का आत्मविश्वास लंबे समय तक बरकरार रहता है जिससे परीक्षा में छात्र का प्रदर्शन बेहतर हो जाता है।

ऐसे में एक बेहतर तैयारी के लिए न केवल छात्र की लगन व मेहनत काम आती है बल्कि सफलता प्राप्त करने में एक कोचिंग या शिक्षण संस्थान का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है जिससे छात्र के सफल होने की संभावनाएँ प्रबल हो जाती हैं। इसलिए बेहतर तैयारी के लिए हमेशा ऐसे इंस्टीट्यूट को चुनें जो आपकी कमजोरियों को दूर कर के आपको सभी विषयों में श्रेष्ठतर तैयारी करवाए और साथ ही आपके आत्मबल को भी मजबूत करे।

जहां JEE परीक्षा की बात आती है वहाँ छात्रों की जुबान पर सबसे पहले FIITJEE का ही नाम आता है जो बीते 28 वर्षों से सफल छात्रों की सौगात भारत की इंजीनियरिंग क्षेत्र को देता आ रहा है। आइए जानें क्या है खास इस इंस्टीट्यूट में जो इसे बाकी इंस्टीट्यूट से बेहतर बनाता है।

सक्षम व अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता-

FIITJEE की सफलता का मुख्य कारण सक्षम, अनुभवी और फुल-टाइम शिक्षकों की उपलब्धता है। जो यहाँ पढ़ने वाले छात्रों को सभी विषयों में एक बेहतर और सटीक शिक्षा प्रदान करती है। यहाँ पर पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों कोFIITJEE फैकल्टी का हिस्सा बनने से पहले एक व्यवस्थित और मजबूत प्रशिक्षण प्रक्रिया को पार करना पड़ता है। इस कारण यहाँ पर पढ़ाने वाले सभी फैकल्टी मेम्बर न केवल सही ढंग से प्रशिक्षित होते हैं बल्कि छात्रों को भी एक मजबूत और व्यवस्थित शिक्षा देने में सक्षम होते हैं।

पैटर्न प्रूफ टीचिंग-

FIITJEE हमेशा छात्रों को मौलिक रूप से तैयार करता रहा है। FIITJEE एक व्यापक तरीके से पढ़ाने में विश्वास करता है ताकि छात्र IIT-JEE (पैटर्न के बावजूद), बोर्ड, NTSE, KVPY, ओलंपियाड और अन्य इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करें। इस तरह से यहाँ पर पढ़ने वाले छात्र न केवल बेहतर शिक्षा प्राप्त कर पाते हैं बल्कि फंडामैंटल कान्सैप्ट को समझ कर हर लेवल की परीक्षा में सफलता हासिल कर पाते हैं। इसके साथ ही उन छात्रों से आगे निकल जाते हैं, जो अपनी तैयारी को केवल पैटर्न तक सीमित रखते हैं न कि फंडामैंटल कान्सैप्ट को समझने की कोशिश करते हैं।

पर्सनालाइज्ड कोचिंग-
FIITJEE में पढ़ने वाले सभी बच्चों को एक सामान शिक्षा देने के उद्देश्य से यहाँ छात्रों के विभिन्न बैच बनाए जाते हैं। इन सभी बैच में छात्रों की संख्या कम होती हैं ताकि ट्रेनिंग और पढ़ाई के दौरान शिक्षक द्वारा सभी छात्रों पर एक समान ध्यान दिया जा सके। इस तरह सभी स्टूडेंट्स को पर्सनालाइज्ड कोचिंग की सुविधा मिलती है और प्रत्येक छात्र हर विषय को बेहतर ढंग से समझ पाता है व सवालों में मुश्किल आने पर तुरंत समाधान प्राप्त कर पाता है।

उत्कृष्ट स्टडी मटेरियल-
FIITJEE में न केवल बेहतर शिक्षकों द्वारा शिक्षा प्रदान की जाती है बल्कि यहाँ छात्रों को अनुभवी शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए स्टडी मटेरियल भी उपलब्ध करवाए जाते हैं। इसी स्टडी मटेरियल के बल पर कई छात्र हर परीक्षा में अपना बेहतर प्रदर्शन दे पाते हैं। यहाँ से पढ़ कर सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों का ये मानना है कि FIITJEE में सभी विषयों के लिए शोध की गयी अध्ययन सामग्री मुहैया कराई जाती है। जिसकी बदौलत परीक्षा के समय घर बैठे भी सही तैयारी की जा सकती है।


तनाव मुक्त व सकारात्मक वातवरण-
FIITJEE में पढ़ाई के साथ यहाँ के वातावरण पर भी खास ध्यान दिया जाता है ताकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा में भी छात्र तनाव मुक्त वातावरण में पढ़ाई कर सके। इसके साथ ही यहाँ छात्रों की कमज़ोरी पर ध्यान देते हुए उनकी कमजोर कड़ी को दूर किया जाता है ताकि मानसिक रूप से छात्र सकारात्मक रहे और अपनी समस्याओं को उजागर कर उसका हल प्राप्त कर सके।


तो अगर आप भी आने वाले JEE परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के साथ सफलता हासिल करना चाहते हैं तो परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें । इसके साथ ही अपनी बेहतर तैयारी की नींव मजबूत करने के लिए अपनी सूझबूझ से एक सही कोचिंग संस्थान को चुने जो आपको सफलता दिलाने में आपकी मदद करे।



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For better performance in JEE Advanced, learn how to prepare

महंगाई दर साढ़े पांच साल में सबसे ज्यादा, दिसंबर में 5.54% से बढ़कर 7.35% हुई; कांग्रेस बोली- मोदी देश को 30 दिन का रोडमैप बताएं

नई दिल्ली. खुदरा (रिटेल) महंगाई दर दिसंबर में बढ़कर 7.35% पहुंच गई। यह साढ़े पांच साल में सबसे ज्यादा है। खुदरा महंगाई दर उन्हीं स्तरों पर पहुंच गई जितनी मोदी सरकार के आने के वक्त थी। जुलाई 2014 में यह दर 7.39% थी। पिछले नवंबर में 5.54% रही थी। सांख्यिकी कार्यालय ने सोमवार को आंकड़े जारी किए। सब्जियों खासकर प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से दिसंबर में खुदरा महंगाई दर ज्यादा प्रभावित हुई। सब्जियां दिसंबर में 60.5% महंगी हुईं। खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर बढ़कर 14.12% रही। नवंबर में 10.01% थी। मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीपसुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौनव्रत धारण कर जनता को भ्रम में नहीं डाल सकते। वेसामने आएं और महंगाई कम करने के लिएअगले 30 दिन का रोडमैप बताएं।वस्तु दिसंबर में महंगाई दर सब्जियां 60.5% फल 4.45% धान एवं संबंधित उत्पाद 4.36% मांस-मछली 9.57% अंडा 8.79% दालें एवं संबंधित उत्पाद 15.44% मसाले 5.76% बिजली-ईंधन 0.70% विशेषज्ञों ने कहा-2-3 महीने में हालात सुधरने की उम्मीदअर्थशास्त्रियों का कहना है कि सही वक्त परध्यान नहीं दिया गया तो देश स्टैगफ्लेशन में जा सकता है। बेरोजगारी में बढ़ोतरी, ऊंची महंगाई दर और मांग घटने को स्टैगफ्लेशन कहते हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट समीर नारंग ने कहा- खुदरा महंगाई दर अगले तीन महीनों में 6% और इसके बाद के तीन महीनों में 5% तक आ जाएगी। सब्जियों के दाम अभी से गिरने लगे हैं। उम्मीद है कि दो-तीन महीनों के भीतर खाद्य महंगाई सुविधाजनक स्तर तक आ जाएगी। आरबीआई 6फरवरी को जब अपनी सालाना मौद्रिक नीति की समीक्षा करेगा, तब महंगाई पर यथास्थिति बनाए रखेगा। क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्ट डीके जोशी ने कहा- खाद्य महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर पड़ेगा। लेकिन, यह मौसमी घटना है और अगले 2-3 महीने में यह कम हो जाएगी। अगर महंगाई कम करने की बात है तो आने वाले बजट से किसी को बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए।खुदरा महंगाई बढ़ने से रेपो रेट में कटौती की उम्मीद कमआरबीआई मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरें तय करते वक्त खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखता है। आरबीआई का लक्ष्य रहता है कि खुदरा महंगाई दर 4-6% के दायरे में रहे। यह जुलाई 2016 के बाद पहली बार 6% से ज्यादा यानी आरबीआई के अधिकतम लक्ष्य से ऊपर पहुंची है। बैकिंग सेक्टर के एक्सपर्ट आरके गौतमका कहना है कि खुदरा महंगाई 6% से ऊपर जाने की वजह से आरबीआई द्वारा प्रमुख ब्याज दर रेपो रेट में कटौती की गुंजाइश काफी कम रहेगी। आरबीआई 6 फरवरी को मौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद ब्याज दरों का ऐलान करेगा। केंद्रीय बैंक ने पिछले साल रेपो रेट में 1.35% कमी की थी।इकोनॉमी के लिए खुदरा महंगाई दर के आंकड़े कितने अहम : 2वजहखानपान से जुड़ी चीजें कितनी किफायती : यह दर बताती है कि आम आदमी के खानपान से जुड़ी चीजें महंगी हो रही हैं या सस्ती? क्योंकि खुदरा महंगाई दर में खाने-पीने की चीजों की हिस्सेदारी 50% के आसपास है। जैसे- सब्जियां, फल, धान, मांस-मछली।महंगाई भत्ता : केंद्र सरकार खुदरा महंगाई दर बताने वाले कंज्यूमर प्राइज इंडेक्स के आधार पर ही महंगाई भत्ते (डीए) की सालाना दर तय करती है। डीए में बढ़ोतरी का फायदा 50 लाख कर्मचारियों और 62 लाख पेंशनरों को मिलता है।खुदरा महंगाई दर : 157 देश इसी आधार पर नीतियां तय करते हैंचुनिंदा वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में कमी या बढ़ोतरी से महंगाई दर तय होती है। रिटेल इन्फलेशन यानी खुदरा महंगाई दर वह दर है जो जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। खुदरा महंगाई दर को बताने वाला सूचकांक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स होता है। यह इंडेक्स उपभोक्ताओं द्वारा किसी भी वस्तु या सेवा के लिए किए जाने वाले औसत भुगतान पर आधारित होता है। 157 देश खुदरा महंगाई दर के आधार पर ही नीतियां तय करते हैं। भारत में खुदरा महंगाई दर में खाद्य और पेय पदार्थ से जुड़ी चीजों और एजुकेशन, कम्युनिकेशन, ट्रांसपोर्टेशन, रीक्रिएशन, अपैरल, हाउसिंग और मेडिकल केयर जैसी सेवाओं की कीमतों में आ रहे बदलावों को शामिल किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों की 448 और शहरी क्षेत्रों की 460 चीजों और सेवाओं को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में शामिल किया जाता है। दूसरी तरह की महंगाई दर को थोक महंगाई दर कहते हैं। इसे होलसेल प्राइस इंडेक्स के आधार पर तय किया जाता है। इस इंडेक्स में 697 वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव के आधार पर बदलाव होता है।आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें Retail Inflation December 2019 Latest News and Updates: December India’s Retail inflation Hits to years High Retail Inflation December 2019 Latest News and Updates: December India’s Retail inflation Hits to years High Retail Inflation December 2019 Latest News and Updates: December India’s Retail inflation Hits to years High

हर मिनट 2.43 करोड़ रुपए कमाने वाले अमेजन के मालिक जेफ बेजोस ने 5 करोड़ रुपए दान किए, यूजर्स ने ट्रोल किया

नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया के आग राहत कोष में 4 करोड़89 लाख रुपए (6 लाख, 90 हजार डॉलर) की रकम दान करने पर अमेजन के संस्थापक और सीईओ जेफ बेजोस सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हुए। बेजोस ने इंस्टाग्राम पर ऑस्ट्रेलिया की आग राहत कोष में दान देने की घोषणा की थी। इस पोस्ट के बाद इंस्टाग्राम और ट्विटर यूजर्स ने कहा किवे जितनी रकम दान कर रहे हैं, उतनी उनकी पांचमिनट की कमाई है।बेजोसके पास 8.29 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है, जबकि उनकी कंपनी अमेजन का मूल्य 66.32 लाख करोड़ रुपए है। ब्लूमबर्ग मिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक अमेजन के फाउंडर और सीईओ जेफ बेजोस की नेटवर्थ में सोमवार को 3494 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। इस हिसाब से गणना करें, तो उनकी प्रति मिनट कमाई 2.43 करोड़ रुपए होती है। नेटवर्थ में बदलाव शेयरों की वैल्यू में उतार-चढ़ाव के आधार पर होता है।बेजोस ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, “हमारी संवेदनाएं जानलेवा आग से जूझ रहे ऑस्ट्रेलिया के लोगों के साथ हैं। अमेजन संकटग्रस्त राज्यों को 10 लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर की मदद दे रहा है। आप भी पता कीजिए कि अमेजन के ग्राहक के तौर पर इसमें किस तरह मदद कर सकते हैं।”View this post on InstagramOur hearts go out to all Australians as they cope with these devastating bushfires. Amazon is donating 1 million AU dollars in needed provisions and services. Find more about it and learn how customers can help as well. Link in bio.A post shared by Jeff Bezos (@jeffbezos) on Jan 11, 2020 at 10:17pm PST सोशल मीडिया यूजर बोले- कमाई के आगे दान न के बराबरकई लोगों ने कहा- दूसरे अमीर लोगों की तुलना में उनका योगदान नहीं के बराबर है।एक यूजर ने लिखा कि दुनिया भर के लोगों ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 7 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं। अगर बेजोस अकेले इतनी रकम दान करते, तब भी उनके पास 8 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बची रहती। यूजर्स ने बेजोस की दूसरे धनवान लोगों के साथ तुलना करते हुए कहा कि बेजोस की तरफ से दान की गई रकम उनके व्यवसाय की तुलना में कुछ भी नहीं है। एक यूजर ने कहा- बेजोस के लिए यह ऐसा ही है जैसे मैं कहीं 2 डॉलर दान कर दूं। एक अन्य यूजर ने कहा, “दान के लिए कोई भी रकम मायने रखती है, लेकिन जब आप दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं और अपनी कमाई की महज आधा प्रतिशत रकम दान करते हैं, तो यह मदद से ज्यादा प्रचार कातरीका ज्यादा नजर आता है।”ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में सितंबर, 2019 से लगी है आगऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग के लिए फेसबुक ने करीब 9 हजार करोड़ रुपए दान किए हैं। टेलीविजन सेलिब्रिटी काइली जेनर और मेटेलिका बैंड ने भी बड़ी रकम दान की है।ऑस्ट्रेलिया के झाड़ीनुमा जंगलोंमें पिछले साल सितंबर से आग लगी है। दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के 30 लाख हेक्टेयर क्षेत्रमें आग फैल चुकी है और करीब 63,000 वर्ग किमी जमीन का पूरा पारिस्थितिक तंत्र जलकर तबाह हो गया है।न्यू साउथ वेल्स में आग लगने के बाद से अब तक 1000 से अधिक घर जलकर खाक हो चुके हैं। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें अमेजन के संस्थापक और सीईओ जेफ बेजोस दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं।

निर्भया के दो दुष्कर्मियों की क्यूरेटिव पिटीशन भी सुप्रीम कोर्ट में खारिज, दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी

नई दिल्ली.निर्भया गैंगरेप केस में फांसी की सजा पाए 4 दोषियों में शामिल विनय शर्मा और मुकेश सिंह ने क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी। इसे भी सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने मंगलवार को खारिज कर दिया। देर शामदोषी मुकेश ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजी।इससे पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पिछले हफ्ते दोषीअक्षय ठाकुर (31), पवन गुप्ता (25), मुकेश सिंह (32) और विनय शर्मा (26) का डेथ वॉरंट जारी किया था। अदालत ने चारों दोषियों को एक साथ 22 जनवरी कीसुबह 7 बजे फांसी पर लटकाने का वक्त मुकर्रर किया है।दोषी विनय शर्मा के पास अब सिर्फ राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने का विकल्प बचा है।बाकी 2 दोषी अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता के पास क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका के 2 विकल्प बाकी हैं। उधर, तिहाड़ जेल में फांसी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।निर्भया की मां आशा देवी ने कहा- यह मेरे लिए बड़ा दिन है। मैं बीते 7 सालों से संघर्ष कर रही हूं। मगर सबसे बड़ा दिन 22 जनवरी को होगा जब दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा।तिहाड़ में फांसी की रिहर्सल की गई थीरविवार को दोषियों की डमी को फांसी दी गई थी। यह प्रक्रिया फांसी से पहले की रिहर्सल मानी जाती है। इसके लिएपत्थरों और मलबे से चारों दोषियों की डमी उनके वजन के हिसाब से तैयार की गई थी। हालांकि,इस प्रक्रिया के लिए जल्लाद नहीं बुलाया गया और जेल अधिकारियों ने ही इस प्रक्रिया को अंजाम दिया था।वारदात के 2578 दिन बाद डेथ वॉरंट जारी हुआ थाचारों दोषियों को जेल नंबर 3 में फांसी दी जाएगी। तीन दोषी जेल नंबर 2 में रखे गए हैं और एक को जेल नंबर 4 में रखा गया है। निर्भया के केस में वारदात के 2578 दिन बाद डेथ वॉरंट जारी हुआ था। 16 दिसंबर 2012 को निर्भया गैंगरेप का शिकार हुई थी। नौ महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। मार्च 2014 में हाईकोर्ट और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी थी।मेरठ के जल्लाद पवन सभी दोषियों को फांसी पर लटकाएंगेउत्तर प्रदेश के जल्लादपवन चारों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाएंगे। वे ऐसा कर दादा का रिकॉर्ड तोड़ेंगे। चारों दोषियों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। मेरठ के पवन का परिवार चार पीढ़ियों से जल्लाद का काम कर रहा है। 1950-60 के दशक में लक्ष्मण देश में मुंसिफो (कोर्ट) द्वारा फांसी की सजा दिए जाने के बाद मुजरिमों को फांसी पर चढ़ाने का काम करते थे। अब उन्हीं का पड़पोता पवन अपनी जिंदगी की पहली फांसी देने की तैयारी में जुटा है। पवन ने कहा, “मैं एक साथ अपनी जिंदगी की पहली फांसी में चार-चार मुजरिमों को टांगने वाला हूं।” आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें Nirbhaya Rape Case Curative Petition | Nirbhaya Case, Vinay Kumar Sharma, Mukesh, Curative Petition Supreme Court Hearing Today Updates On Delhi Gang Rape And Murder Case Convict Curative Petition Nirbhaya Rape Case Curative Petition | Nirbhaya Case, Vinay Kumar Sharma, Mukesh, Curative Petition Supreme Court Hearing Today Updates On Delhi Gang Rape And Murder Case Convict Curative Petition

ब्रेकिंग:दो प्रमुख सचिव रेणु पिल्ले और सुब्रत साहू को प्रमोशन.. दोनो सीनियर आईएएस को एडिशनल चीफ सिकरेट्री बनाया गया..

रायपुर।राज्य सरकार ने दो प्रमुख सचिवों रेणु पिल्ले और सुब्रत साहू को प्रमोशन देते हुए उन्हें एडिशनल चीफ सिकरेट्री बना दिया है।

राज्य सरकार ने दो प्रमुख सचिवों को पदोन्नत किया है। इनमें 91 बैच की रेणु पिल्ले और 92 बैच के सुब्रत साहू शामिल हैं।
एडिशनल सिकरेट्री बनने के बाद भी दोनों के विभाग यथावत रहेंगे। रेणु के पास कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार विभाग और सुब्रत साहू के पास गृह और पंचायत बना रहेगा

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ब्रेकिंग:नये जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के OSD पुलिस IPS सूरज सिंह को बनाया गया

रायपुर। राज्य सरकार ने नये जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के विशेष कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी(पुलिस) आई पी एस सूरज सिंह को बनाया गया है। सूरज सिंह अभी दंतेवाड़ा के एडिश्नल एसपी है। 2015 बैच के IPS दंतेवाड़ा से पहले कई अन्य जिलों में भी रह चुके हैं।

OSD की जिम्मेदारी निभाते तक वो बिलासपुर आईजी कार्यालय में अटैच रहेंगे और नये जिले की व्यवस्था देखेंगे। इस दौरान बिलासपुर एसपी के साथ कार्डिनेशन कर वो नये जिले में पुलिसिंग की पूरी व्यवस्था देंगे।

बता दे इससे पहले राज्य सरकार ने आईएएस शिखा राजपूत को नये जिले पेंड्रा गौरेला मरवाही का नया ओएसडी बनाया था।  2009 बैच की अफसर शिखा नये जिला पूर्ण अस्तित्तव में आ जाने के बाद जिले की कलेक्टर रहेगी।

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राजधानी नगर निगम के नये कमिश्नर IAS सौरभ कुमार..तायल बेमेतरा के कलेक्टर..आईएएस शिखा नये जिले पेंड्रा- मरवाही की OSD बनायी गई..

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने नए अस्तित्व में आए जिला गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में आईएएस शिखा राजपूत तिवारी को पदस्थ किया है। इससे पहले शिखा बेमेतरा जिले की कलेक्टर थीं। रायपुर नगर निगम में पदस्थ रहे आयुक्त शिव अनंत तायल को निगम की जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए उन्हें बेमेतरा जिला का कलेक्टर बनाया है।

आईएएस अधिकारी सौरव कुमार का तबादला रायपुर नगर निगम में कर दिया गया है। उन्हें तायल की जगह सरकार ने आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी है. सौरव कुमार इससे पहले महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थ थे।

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छत्तीसगढ़ के व्यापार और उद्योग जगत में नहीं, नक्सलियों की भर्ती में आयी मंदी: CM भूपेश बघेल..मुख्यमंत्री ने TV एंकर की चुनौती स्वीकारी, कार्यक्रम के दौरान हथेली पर चलाया भौंरा..

हम नक्सली क्षेत्रों में लोगों को हल पकड़ा रहे हैं, रोजगार से जोड़ रहे हैं, नहीं तो वे बंदूक पकडे़ंगे

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज एनडीटीव्ही द्वारा आयोजित ’देश का नया विश्वास छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में राज्य सरकार के काम-काज, सरकार के विजन और राष्ट्रीय परिदृश्य पर विचार-विमर्श कर रहे थे। इस दौरान टीव्ही एंकर ने अचानक मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या वे भौंरा चलाकर दिखा सकते हैं। एंकर ने अपनी जेब से भौंरा निकालकर मुख्यमंत्री को दिया। श्री बघेल ने बात-चीत के दौरान भौंरें पर डोरी लपेटी और मंच पर ही बड़ी आसानी से भौंरा चलाकर दिखाया, उन्होंने भौंरे को अपनी हथेली पर लेकर नचाया ।नजारा देख तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हाल गूंज गया।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार की पिछले एक वर्ष की योजनाओं से छत्तीसगढ़ के व्यापार और उद्योग जगत में नया उछाल आया है। छत्तीसगढ़ मंदी के प्रभाव से अछूता रहा है। छत्तीसगढ़ के व्यापार और उद्योग जगत में नहीं, बल्कि नक्सलियों की भर्ती में मंदी आयी है। उन्हें भर्ती के लिए लोग नही मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक व्यक्ति का विकास है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाओं के साथ सुरक्षा देने का काम राज्य सरकार कर रही है। हम लोगों को रोजगार से जोड़ रहे हैं। उन्हें हल पकड़ा रहे हैं, नही तो वे बंदूक पकड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने इस आशय के विचार आज यहां एक निजी होटल में एनडीटीव्ही द्वारा आयोजित कार्यक्रम ’देश का नया विश्वास छत्तीसगढ़’ में व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद किसानों के कर्ज माफ किए गए, 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी की गई, तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक बढ़ाकर चार हजार रूपए प्रति मानक बोरा किया गया। 15 लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ की गई। लोगों को छोटे-छोटे रोजगारों से जोड़ने का काम किया गया। बिजली बिल हाफ किया गया, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में 200 स्कूल प्रारंभ किए गए, दूरस्थ अंचलों में स्थित हाट बाजारों में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य क्लिनिक योजना प्रारंभ की गई, महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर पूरे प्रदेश में सुपोषण अभियान प्रारंभ किया गया। वित्तीय समावेशन और कौशल विकास के क्षेत्र में देश के आंकांक्षी जिलों में छत्तीसगढ़ का नारायणपुर जिला प्रथम स्थान पर है। नीति आयोग द्वारा माह नवंबर 2019 के लिए जारी डेल्टा रेंकिंग में नारायणपुर सहित छत्तीसगढ़ के तीन जिले टाप पांच जिलों में शामिल हैं। नीति आयोग की डेल्टा रेंकिंग में राजनांदगांव जिला तीसरे और सुकमा जिला पांचवें स्थान पर है। कुपोषण मुक्ति की दिशा में किए गए विशेष प्रयास से कुपोषण मुक्ति अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए देश के 115 आकांक्षी जिलों में से दन्तेवाड़ा जिले को सिल्वर स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया।
श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से प्रदेश के ऑटोमोबाईल सेक्टर में 25 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है, जबकि पूरे देश में इस सेक्टर में 19 प्रतिशत की गिरावट आयी है। इसी प्रकार रियल इस्टेट में दोगुनी, सराफा में 84 प्रतिशत और टेक्सटायील सेक्टर में 30 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है। इसका कारण यह है कि आम आदमी, किसान, आदिवासी और मजदूरों की जेब में पैसा आया, जिससे छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योग जगत फल-फूल रहा है। प्रदेश में बेरोजगारी में भी कमी आयी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई उद्योग नीति में प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में उद्योग लगाने पर अनेक रियायतें और सुविधाएं देने के प्रावधान किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की प्राचीन और गौरवशाली संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों से लोगों को पिछल 19 वर्षों में पहली बार यह लग रहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य उनका है। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को देश और दुनिया में पहचान मिली।
श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार के कामों से लोगों में राज्य सरकार के प्रति विश्वास कायम हुआ है। राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों का विश्वास हासिल करने के साथ-साथ, उस क्षेत्र के विकास और लोगों को सुरक्षा प्रदान करने की नीति पर काम कर रही है। राज्य में नक्सल घटनाओं में 40 प्रतिशत की कमी आयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में इस्पात संयंत्र के लिए लगभग 1700 आदिवासियों और किसानों से अधिग्रहित की गई 4200 एकड़ जमीन उन्हें वापस कर दी है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में छोटे-छोटे अपराधों में जेलों में बंद किए गए लोगों को रिहा करने के लिए जस्टिस पटनायक की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिसकी अनुशंसा पर लोगों को लोगों को रिहा करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई है। बस्तर में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्थानीय युवाओं की भर्ती का निर्णय लिया गया है। वन अधिकार कानून के तहत वन क्षेत्रों के निवासियों को व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टे देने का काम प्रारंभ किया गया है।

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राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय युवा उत्सव का रंगारंग आगाज..राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीप प्रज्जवलित कर किया शुभारंभ..

       

रायपुर। राजधानी रायपुर में आज तीन दिवसीय युवा उत्सव कार्यक्रम का रंगारंग आगाज किया गया इस अवसर पर राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीप प्रज्जवलित कर किया शुभारंभ।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरण दास महंत, कषि मंत्री रविन्द्र चौबे, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, राजस्व मंत्री जय सिह अग्रवाल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन मंडावी, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, महापौर एजाज ढेबर, भारत के सुप्रसिद्ध मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता विजेन्दर सिंह सहित प्रदेश भर से आए सात हजार युवा और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे

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मकर संक्रांति पर पराेसें नए स्वाद, शेफ से जानिए कैसे बनाएं अखरोट की बर्फी और कॉकटेल समोसा

फूड डेस्क. इस बार मकर संक्रांति के मौके पर तिल के लड्डू के साथ नए स्वाद परोसें। अखरोट की बर्फी,हॉट जैगरी और वॉलनटकॉकटेल समोसा बनाकर फेस्टिवल को यादगार बनाएं। जाने माने शेफ से जानिए इसे कैसे तैयार करें…

अखरोट की बर्फी : शेफ सब्यसाची गोराई

अखरोट की बर्फी

सामग्री :1/2 कप कैलिफोर्निया अखरोट, 1/4 कप दूध, 250 ग्राम खोया /मावा, 1/4 कप चीनी, 1 टेबल स्पून और उससे अधिक चिकनाई वाला घी, 1/2 टी स्पून इलायची पाउडर।

तैयारी

  • 1/2 कप कैलिफोर्निया के अखरोट बाउल में लें, उसमें 1/4 कप दूध डालें और अखरोट को उसमें एक घंटे तक सूखने दें। अब इसे ब्लैंड करें और इसकी प्यूरी सी बना लें।
  • अब पैन में एक टेबल स्पून घी डालें। इसमें 1/4 कप अखरोट डालें और इसे तब तक सेकें जब तक लाल नहीं हो जाता। इससे घी निकाल लें और इसे अलग रख लें।.
  • अब इसी घी में खोया और चीनी ढंग से मिलाएं। अब इसमें अखरोट की प्यूरी मिलाएं और इसे ढंग से मिलाएं।
  • इसे तब तक ठंडा करें जब तक यह गाढ़ी नहीं हो जाए। इसमें इलायची पाउडर और भुनी हुए अखरोट ढंग से मिलाएं।
  • इसे तेल लगी हुई प्लेट पर फैलाएं और इसे कुछ घंटों के लिए छोड़ दीजिए ताकि यह सूख जाए।
  • इसके टुकड़े करें, घिसे हुए अखरोट के टुकड़े डालें। अब यह बर्फी तैयार है।

हॉट जैगरी एंड वॉलनट्स रोटी : शेफ अनाहिता धोंडी

हॉट जैगरी एंड वॉलनट्स रोटी

सामग्रीः 1 कप सादा आटा, 1/4 टीस्पून नमक, 2 अंडे फेंटे हुए, 1 टेबल स्पून पिघला हुआ मक्खन, चिकनाई के लिएतेल या मक्खन।
सॉस के लिए : 1 1/4 कप दूध, 1/2 कप गुड़, 1 कप दूध, 1/2 कपवॉलनट्स आधे टुकड़ों में टूटे हुए।
सजावट के लिए :छिड़कने के लिये शहद और खाने वाले फूल।

बनाने की विधि

  • एक बाउल में, सारी सामग्रियों को डालकर अच्छी तरह मिला लें।
  • एक नॉनस्टिक पैन को गर्म करें और उसमें तेल या मक्खनकी कुछ बूंदें डालें।
  • एक करछुल लें और पैनकेक बनाने के लिये पैन पर इसे डालें।
  • दोनों तरफ से पकायें। इसे पैन से उतारें और ठंडा कर लें।
  • एक अलग पैन में, गुड़ और दूध को सॉस बनाने के लिये पिघलायें।
  • इस सॉस को पैन में पैनकेक के ऊपर डालें और वॉलनट्स में मिलायें।
  • इसे और भी वॉलनट्स के टुकड़ों, शहद, खाने वाले फूल से सजायें और परोसें।

वॉलनट कॉकटेल समोसा : शेफ सब्यसाची गोराई

वॉलनट कॉकटेल समोसा

सामग्री : 1/2 कप मैदा, 1/2 कप गेंहू का आटा, स्वादानुसार नमक, 1/2 बडा चम्मच तेल, 2 छोटे चम्मच चीनी, जरूरतानुसार पानी।
स्टफिंग के लिए : 2 छोटे चम्मच तेल, 1/2 छोटा चम्मच धनिया के बीज, 1/2 बडा चम्मच अदरकलहसुन का पेस्ट, 1 हरी मिर्च, 1 प्याज, 1/4 कप मटर, 1/2 कप कैलिफ़ोर्निया वॉलनट्स कटे हुए, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, थोड़ा सा नमक, 1/4 छोटा चम्मच गरममसाला, थोडी सी धनिया पत्ती कटी हुई, 1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर, 2 उबले आलू।

विधि

  • स्टफिंगके लिए एक पैन में तेल गरम करें।
  • उस में धनिया के बीज डालें, फिर उसमे प्याज ,हरी मिर्च और अदरक लहसुन का पेस्ट डालकर अच्छी तरह से चलाएं।
  • इसी बीच इसमें मटर और कैलिफ़ोर्निया वॉलनट्स डालें , फिर इस में उबले हुए आलू के साथ सभी मसाले डालकर तब तक चलाएं जब तक कि यह अच्छी तरह मिक्स न हो जाए।
  • तैयार मिश्रण को एक बाउल में निकाल कर एक तरफ रखें ,अब समोसा बनाने के लिए एक बाउल में मैदा,आटा, चीनी व नमक डालें और उसे घी व पानी से अच्छी तरह गूंदे, फिर उसकी छोटी छोटी लोइयां बनाकर पतला गोलाकार में बेलें।
  • इसके बाद चाकू की मदद से इन्हें दो भागों में बाटें, फिर एक भाग को उठाते हुए उस के किनारों को त्रिकोण आकार में मोड़ते हुए उस में स्टफिंग भरें।
  • किनारों से स्टफिंग बाहर न निकले इस बात का विशेष ध्यान रखें, फिर एक पैन में तेल गरम कर तैयार समोसों को सुनहरा होने तक तलें।
  • इमली व धनिया चटनी के साथ गरमगरम सर्व करें।


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वैक्सीनेशन गाइड से समझिए कब-कौन सा टीका लगवाएं क्योंकि टीका लगने के 10 दिन बाद बनता है सुरक्षा-चक्र

हेल्थ डेस्क. लां सेट ग्लोबल हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतें सर्वाधिक भारत में होती हैं। महिलाओं को होने वाले इस सर्वाइकल (गर्भाशय) कैंसर और कई तरह के संक्रमण से एचपीवी नामक टीके (वैक्सीन) से बचाव किया जा सकता है। इसी तरह बिहार के गोरखपुर और दूसरे इलाकों में बच्चों की मौतों के लिए जिम्मेदार जापानी बुखार से बचाव के लिए जेईवी (जापानी एंसेफेलाइटिस) नामक वैक्सीन दी जा सकती है। वैक्सीनेशन के बाद ढेर सारी बीमारियों और संक्रमण से 90 फीसदी तक बचाव किया जा सकता है। इसके लिए सबसे जरूरी बात है कब-कौन सा टीका लगवाना चाहिए। फिजिशियन और बाल रोग एवं एलर्जी विशेष डॉ अव्यक्त अग्रवाल ने वैक्सीनेशन गाइड में बताया कब-कौन सा टीका लगवाएं…

वयस्कों को भी लगवाने चाहिए ये टीके
सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए लड़कियों को 10 से 45 वर्ष की उम्र तक एचपीवी का टीका लगता है। हालांकि इसे लगवाने की आदर्श उम्र 29 साल तक है, लेकिन 45 साल तक भी इसे लगवाया जा सकता है। इसे गर्भावस्था के दौरान नहीं लगवाना चाहिए। इसके अलावा टाइफॉइड, चिकनपॉक्स, हेपेटाइटिस-ए, स्वाइन फ्लू और मीजल्स, रुबेला और मम्प्स से बचने के लिए भी टीके लगवाने चाहिए। हालांकि इनमें अधिकांश टीके बचपन में लग जाते हैं, लेकिन अगर किन्हीं कारणों से नहीं लगे हैं, तो आप अभी भी लगवा सकते हैं।

  • टाइफॉइड कॉन्जुगेट : यह टाइफॉइड का नया टीका है। इसकी कीमत 1800 रुपए के करीब है। यह पांच वर्षों के लिए 90 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान करता है। इसे 9 माह की उम्र या उसके बाद भी लगवाया जा सकता है।
  • हेपेटाइटिस ए : बच्चों व बड़ों में होने वाले पीलिया के 90 प्रतिशत मामले हेपेटाइटिस ए की वजह से होते हैं। इसके लिए इस टीके का एक डोज़ जीवन भर सुरक्षा देता है। इसकी कीमत 1500 रुपए के करीब है। एक अन्य प्रकार का टीका भी बाज़ार में उपलब्ध है। हालांकि इसके दो डोज़ लगवाने पड़ते हैं।
  • वैरिसेला वैक्सीन : यह वैक्सीन चिकनपॉक्स (छोटी माता) से बचाव करता है। अलग-अलग ब्रांड्स की दवाओं में इसकी कीमत 1600 से 2100 रुपए के बीच है। इसका एक डोज़ भी 90 प्रतिशत से ज़्यादा सुरक्षा देता है। लाइफटाइम में इसके दो डोज़ लगते हैं।
  • स्वाइन फ्लू वैक्सीन : यह वैक्सीन स्वाइन फ्लू के अलावा सामान्य फ्लू से भी रक्षा करता है, लेकिन यह सिर्फ एक साल के लिए ही सुरक्षा प्रदान करता है। इसका टीका हर साल लगवाना पड़ता है। इसे इंजेक्शन के अलावा स्प्रे रूप में भी ले सकते हैं। इंजेक्शन 6 माह से ऊपर किसी भी उम्र में लगवाया जा सकता है। वहीं स्प्रे 2 साल की उम्र के बाद लिया जा सकता है। इसकी कीमत 700 से 800 रुपए के लगभग है। गंभीर मस्तिष्क ज्वर और रक्त संक्रमण से बचाव में मैनिगोकोकल वैक्सीन सुरक्षा प्रदान करती है। इसकी कीमत लगभग 5000 रुपए है।

जन्म से लेकर 5 वर्ष तक के टीके

  • जन्म : बीसीजी, ओपीवी (पोलियो ड्रॉप), हेपेटाइटिस बी
  • 6 सप्ताह : डीपीटी, इंजेक्शन पोलियो, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, ओरल पोलियो, रोटावायरस, Pneumococcal (Pcv)
  • 10 सप्ताह : हेपेटाइटिस बी छोड़कर छठवें सप्ताह में लगे सारे वैक्सीन
  • 14 सप्ताह : छठवें सप्ताह में लगने वाले वैक्सीन दोबारा
  • 9 महीने : एमएमआर, टाइफॉइड कॉन्जुगेट वैक्सीन
  • 1 वर्ष : हेपेटाइटिस ए
  • 15 महीने : एमएमआर
  • 16 महीने : चिकनपॉक्स
  • 18 महीने : डीपीटी, इंजेक्शन पोलियो, ओरल पोलियो, पीसीवी बूस्टर
  • 2 साल : टाइफॉइड
  • 5 साल : टाइफॉइड, डीपीटी, चिकनपॉक्स
  • 10 साल : टिटनेस, टाइफॉइड

कैसे काम करते हैं टीके?
अधिकांश टीकों में मरे हुए वायरस अथवा बैक्टीरिया होते हैं या फिर कमज़ोर कर दिए गए जीवित वायरस मौजूद होते हैं, जिससे यह टीके शरीर में जाकर इन कीटाणुओं के ख़िलाफ़ लड़ने वाली प्राकृतिक एंटीबाडी बनाते हैं। हालांकि मरे हुए होने या कमज़ोर होने से ये खुद बीमारी की वजह नहीं बनते। अलग-अलग बीमारियों में उत्पन्न एंटीबाडी अलग-अलग समय तक जीवित रहती हैं। जैसे चिकनपॉक्स, खसरे, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस ए में जीवन भर सुरक्षा बनी रहती है, जबकि टिटनेस, टाइफॉइड जैसी बीमारियों में कुछ वर्ष सुरक्षा रहती है। वहीं इन्फ्लुएंजा, स्वाइन फ्लू वायरस साल दर साल खुद में बदलाव करता है, इसलिए यह वैक्सीन हर साल लगवानी पड़ती है। टिटनेस के टीके के बारे में भी लोगों को भ्रम है। अगर आपने टिटनेस का टीका लगवाया है, तो पांच साल के दौरान चोट लगने पर अलग से इंजेक्शन लगवाने की जरूरत नहीं है। वैसे लगवाते हैं तो नुकसान भी नहीं है।

वैक्सीन के 10 दिन बाद मिलती है सुरक्षा
कोई भी वैक्सीन 100 प्रतिशत सुरक्षा नहीं देता। 90 प्रतिशत से ज़्यादा सुरक्षा देने वाला वैक्सीन बहुत अच्छा माना जाता है। वैक्सीन लगने के 10 दिन के बाद ही सुरक्षा मिलनी शुरू होती है। जैसे आज चिकनपॉक्स का टीका लगवाया है, लेकिन यदि आपने चिकनपॉक्स वायरस का संक्रमण एक हफ्ते पहले ग्रहण किया था तो अगले दो दिन में टीका लगा होने के बावजूद आप बीमार हो सकते हैं।

मुफ्त हैं यह टीके
बच्चों में उल्टी-दस्त होने का सबसे बड़े कारण रोटावायरस है। इससे बचने के लिए लगने वाला रोटावायरस वैक्सीन का डोज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त है। प्राइवेट में इसकी कीमत 700 से 1400 रुपए तक है। रोटावायरस वैक्सीन के डोज़ छह सप्ताह से ज्यादा के बच्चों को लगते हैं। इसके तीन डोज़ एक-एक महीने के अंतराल से और 6 माह की उम्र के भीतर तीनों डोज़ हो जाना चाहिए। इसके अलावा न्यूमोनिया, मस्तिष्क ज्वर, सेप्टिसमिया (गंभीर रक्त संक्रमण), कान एवं गले के इन्फेक्शन से रक्षा के लिए पीसीवी या pneumococcal नाम का टीका लगता है। यह भी मुफ्त है, वहीं अगर निजी रूप से लगवाना चाहते हैं, तो इसकी कीमत 1600 से 3800 रुपए तक है।



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Understand the vaccination guide when to get vaccinated because the safety cycle is made 10 days after the vaccine.

खानपान में शामिल करें मोटा अनाज, हरी सब्जियां, ये मेटाबॉलिज्म सुधारकर वजन कंट्रोल करेंगे

हेल्थ डेस्क. शरीर की कार्यप्रणाली ठंड में भी शरीर को गर्म बनाए रखती है। लेकिन इसके लिए शरीर ज्यादा भोजन की मांग करता है, यानी इस मौसम में भूख अधिक लगती है। इससे कई लोगों का वजन भी बढ़ जाता है। तो सवाल यह है कि इस मौसम में क्या और किस तरह खाएं ताकि शरीर की गर्मी बनी रहे और वजन भी न बढ़े।

आज हम आपको सर्दी के मौसम में खान-पान की चीजें सुझाने के अलावा एक सामान्य डाइट प्लान भी बता रहे हैं। हमने इसमें ड्राई फ्रूटस या महंगे फलों जैसी चीजें नहीं सुझाई हैं ताकि सभी वर्ग के लोग इसका पालन कर सकें। इस प्लान में अधिकतर उन चीजों को शामिल किया गया है जो हेल्दी होने के साथ गर्म तासीर वाली भी हैं। डाइट एंड वेलनेस एक्सपर्ट डॉ. शिखा शर्मा से जानिए सर्दियों में कैसा हो खानपान-

ये खाने में करें शामिल

मोटा अनाज : ये शरीर को गर्म रखते हैं
सर्दी के मौसम में मक्का, ज्वार, बाजरा और रागी का भरपूर सेवन किया जाना चाहिए। इन्हें दलिया, रोटी या डोसे के रूप में लिया जा सकता है। इससे गेहूं के उपयोग में अपने आप कमी आएगी जो न केवल हमारे वज़न को नियंत्रित करने में मदद करेगा, बल्कि मोटे अनाजों की गर्म तासीर की वजह से शरीर में गर्मी भी रहेगी। हां, इनके साथ घी बहुत ज्यादा न हो जाए, इसका विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

कच्चा लहसुन, हल्दी और अदरक : ये मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर वजन कंट्रोल करते हैं
सर्दी के मौसम में इन तीनों जड़ों का अधिक से अधिक सेवन किया जाना चाहिए। अदरक के अलावा हरी लहसुन और हरी हल्दी (कच्ची हल्दी) भी इस मौसम में ख़ूब आती हैं। इन तीनों में कई तरह के औषधीय गुण होने के अलावा इनकी तासीर भी गर्म होती है। ये मेटाबॉलिज्म भी बढ़ाती है जिससे वजन नियंत्रण में रहता है। कच्चे लहसुन को चटनी और कच्ची हल्दी को अचार के रूप में खाया जा सकता है।

तिल, मूंगफली और गुड़ : स्किन मुलायम और चमकदार रहती है
इन तीनों को एक साथ या अलग-अलग भी खाया जा सकता है। ये न केवल तासीर में गर्म है, बल्कि आयरन के भी अच्छे स्रोत हैं जो ठंड में हमारे लिए जरूरी है। सर्दियों की एक बड़ी समस्या त्वचा का रूखा-सूखा होना है। तिल और मूंगफली के नियमित सेवन से त्वचा चमकदार और मुलायम बनी रहती है। इन दिनों चाय या गाजर के हलवे जैसी चीजों में भी शक्कर की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

हरी पत्तेदार सब्जियां : खत्म करती हैं कफ
इस मौसम में मैथी, पालक, सरसों, बथुआ आदि हरी सब्जियां बहुतायत में मिलती हैं। इनमें विटामिन ए, ई, के, फॉलिक एसिड, आयरन, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व बहुतायत मात्रा में होते हैं। हर दो मील्स में से कम से कम एक में यानी लंच या डिनर में इन्हें किसी न किसी रूप में अवश्य लेना चाहिए। ये वजन को नियंत्रित रखने के साथ-साथ कफ नाशक भी होती हैं जो सर्दी के मौसम की एक अन्य बड़ी समस्या है।

ग्रीन सलाद : पाचन सुधरेगा और पोषक तत्वों की पूर्ति होगी
ठंड के मौसम में गाजर, मूली, टमाटर, खीरा, चुकंदर, हरा प्याज आदि भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है। इन्हें लंच और डिनर दोनों समय के मील्स में जरूर शामिल करना चाहिए। ग्रीन सलाद से शरीर को न केवल कई तरह के विटामिन्स और मिनरल्स मिलेंगे, बल्कि इससे पाचन भी सुधरता है और मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है। मेटाबॉलिज्म में बढ़ोतरी हमारे वजन को नियंत्रित करने में मदद करेगी।



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हांगकांग में बांस से बनी बास्केट में पकाया जाता है केक और फ्रांस में सबसे छोटे केक खाने का चलन

आशीष चोपड़ा, फूड हिस्टोरियन-लेखक और टीवी होस्ट
केक और पेस्ट्रीज़ के बिना सेलिब्रेशन अधूरा सा है। फ्लफी, लेयर्स वाले, चीज़ केक्स या फिर फ्रूट्स केक… इतनी विविधताएं और सबका इतना जुदा स्वाद है कि बस आप खाते जाइए और झट से ये मुंह में घुल जाएंगे। आप दुनिया के किसी भी कोने में हों, रेस्तराओं में केक और पेस्ट्रीज़ डिज़र्ट मेन्यू में मिल ही जाएंगे। केक खरीद रहे हैं या घर पर बनाने की सोच रहे हो, आपका अपना चुनाव है। यूट्यूब पर भी केक की ढेरों रेसिपीज़ मिल जाएंगी। तो आज हम बात दुनिया के सर्वश्रेष्ठ और सर्वाधिक चर्चित केक की करेंगे।

  • इटैलियन डिज़र्ट में तिरामिसु केक खास जगह रखता है। किसी भी इटैलियन रेस्तरां में यह आसानी से मिल जाएगा। कॉफी फ्लेवर वाला यह इटैलियन डिज़र्ट कई सारी लेडीफिंगर्स (भिंडी नहीं) को कॉफी में डिप करके बनाया जाता है। स्ट्रॉबैरी और पिस्ताशियो जैसे कई और फ्लेवर्स भी तिरामिसु केक में मिल जाते हैं।
  • ब्लैक फॉरेस्ट केक जर्मनी का खास केक है। चैरीज़ के साथ चॉकलेटी स्पॉन्जी केक खाने पर लगता है कि जैसे किसी कॉकटेल पार्टी का मज़ा उठा रहे हों। अमेरिका में चीज़केक का कल्चर है। वैसे आज जो चीज़ केक हम खाते हैं, वह सत्रहवीं सदी में क्रीम चीज़ आने के बाद पॉपुलर हुए। प्राचीन ग्रीक लोग भी चीज़ को मीठे के साथ खाते थे। रोमन इसे बेक करके खाना पसंद करते थे। इसमें बहुत सारा शहद और महक के लिए तेज़ पत्ता भी मिलाते थे।
  • मलेशिया और सिंगापुर में कलरफुल पेन्डन केक आम और खास दोनों मौकों पर लोग खाते हैं। इसका मुख्य इंग्रेडिएंट पेन्डन के पौधे हैं। दक्षिण एशियाई कुकिंग में पेन्डन उतना ही आम है, जितना हमारे घरों में नमक। ये ग्रीन केक्स मलेशिया और सिंगापुर में लोग बहुत पसंद करते हैं। इसके अलावा पाइन गार्डन केक भी बहुत लोकप्रिय है।
  • फ्रांस के मेडेलीन्स केक्स पेस्ट्रीज़ के आकार में छोटे होते हैं। शीप के आकार के केक्स फ्रांस की परंपरा में गहरे तक जुड़े हुए हैं। सत्रहवीं शताब्दी से फ्रांस के राजा-महाराजों के कुज़ीन में भी मेडेलीन्स मौजदू था। 1920 में फ्रेंच दार्शनिक प्रोस्त ने मेडेलीन्स को पूरी दुनिया में मशहूर कर दिया।
  • ऑस्ट्रेलिया में चॉकलेट कोटिंग और नारियल के साथ बना लेमिंग्टन केक वहां का नेशनल आइकन है। पावलोवा केक को लेकर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच वैसी ही खटास पैदा हो गई थी, जैसे हमारे यहां रसगुल्ले को लेकर दो राज्यों में हुई थी। पावलोवा केक की लड़ाई में जीत न्यूजीलैंड की हुई। स्ट्रॉबैरीज़ और समर फ्रूट की इस पर टॉपिंग की जाती है।
  • हांगकांग का मा लाई गो केक लोग सुबह-सुबह खाते हैं। बांस से बनी हुई बास्केट में इस केक को पकाया जाता है। केक के सामान्य इंग्रेडिएंट्स के अलावा इसके बैटर को अतिरिक्त पफीनेस देने के लिए अधिक समय तक खमीर उठाकर रखा जाता है।
  • केक की फेहरिस्त बहुत लंबी है। मैक्सिको का ट्रेस लैसेस केक, ब्रिटेन का विक्योरिया स्पॉन्ज, तुर्की का बकलावा, इंडोनेशिया का लेपिस लेगिट, स्वीडन का स्वीडिश प्रिंसेस केक, जापान का दोरायकी, डेनमार्क का क्रानसीकेज केक भी बेहद लोकप्रिय हैं और लोग बड़े शौक से खाते हैं।


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cake history by food historian ashish chopra Cake is cooked in bamboo baskets in Hong Kong and the trend of eating the smallest cakes in France

नई तकनीक से गार्डन होंगे गुलजार, वर्टिकल गार्डन और ग्रोथ स्प्रे से बढ़ेगी बगिया की रौनक

लाइफस्टाइल डेस्क. गार्डनिंग के लिए अक्सर वर्टिकल गार्डन, ग्रोथ स्प्रे जैसी कई नई तकनीकें पौधों की गुणवत्ता और उनकी साज-सज्जा के लिए अपनाई जाती हैं। आपने भी इनका नाम सुना होगा पर इन्हें इस्तेमाल करने के फ़ायदे हैं भी या नहीं, ये जानना भी ज़रूरी है। बागवानी विशेषज्ञ जुबेर मुहम्मद से जानिए इनका कैसे और कब करें प्रयोग-

ग्रोथ के लिए प्रमोटर
पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए ग्रोथ प्रमोटर नई तकनीक है। इसे मिट्‌टी में मिलाया जाता है, लेकिन प्राकृतिक ग्रोथ प्रमोटर का इस्तेमाल करना ज़्यादा बेहतर है। ये काफ़ी महंगे भी होते हैं।

घर पर बनाएं ग्रोथ प्रमोटर
आमतौर पर चायपत्ती, केले के छिलके, थोड़ा-सा सिरका, पानी और अंडे के छिलकों को मिलाकर मिश्रण तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा नारियल जूट का बुरादा, वर्मीकम्पोस्ट और गोबर को बराबर मात्रा में मिलाकर ग्रोथ प्रमोटर बना सकते हैं। इनमें सब्ज़ियों के छिलके या पत्ते भी मिला सकते है।

सजावट के लिए छ़ोटे प्लॉट
इन दिनों मेज़ पर पौधे सजाने के लिए टेस्ट ट्यूब आकार के पारदर्शी जार ट्रेंड में हैं। इनमें वही पौधे ठहर सकते हैं जो धीरे-धीरे बढ़ते हैं, हालांकि ये सिर्फ़ सजावट के लिहाज़ से ही बेहतर हैं।

ऑरगैनिक स्प्रे
इस स्प्रे का इस्तेमाल ख़ासतौर पर पौधों में लगे कीड़ों को ख़त्म करने के लिए किया जाता है। ये सस्ता होने के साथ-साथ जैविक भी है, इसलिए इसे इस्तेमाल करना आसान है। इसे आप घर पर भी बना सकते हैं।

प़ोषण के लिए ग्रीन स्टिक
पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए इन दिनों ग्रीन स्टिक इस्तेमाल की जा रही है। ये छोटी-छोटी डंडी की तरह होती हैं, जिन्हें पौधे के आसपास मिट्‌टी में खड़ा दबाया जाता है, जिससे पौधों को पोषक तत्व मिलता है और उनकी वृद्धि अच्छी होती है। ये काफ़ी महंगी होती हैं, इसलिए जिन लोगों के पास समय का अभाव है, उनके लिए ये तकनीक मददगार है।

क्या होता है वर्टिकल गार्डन?
जो लोग कम जगह पर बाग़ीचा बनाना चाहते हैं, उनके लिए वर्टिकल गार्डन एक अच्छा विकल्प है। इन्हें बहुत छोटे-छोटे गमलों में लगाने के बजाय थोड़े बड़े गमलों में लगाना बेहतर है। छोटे गमलों में लगाने से इनकी उम्र कम हो जाती है और पौधों को अच्छी तरह से पोषण नहीं मिल पाता। अगर पौधों को लंबे समय तक रखना चाहते हैं तो बड़े गमलों का इस्तेमाल करें।



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New technology will increase the gardens beauty vertical garden and growth spray will increase the beauty of the garden

चेहरे की रौनक बढ़ाऐंगे लिपस्टिक के नए रंग, कोरल, ब्राउन और पीच शेड से बदलेगा लुक

लाइफस्टाइल डेस्क.अगर आप भी अमूमन एक या दो रंगों की ही लिपस्टिक लगाना पसंद करती हैं, तो अब वक़्त है कुछ नया करने का। किस मौक़े पर कौन-से रंग की लिपस्टिक चुनना है, ये तय करना अब आसान होगा। लिपस्टिक के बिना मेकअप अधूरा रहता है। ऐसे में आज हम आपकों लिपस्टिक के उन शेड्स के बारे में बता रहे हैं, जिनके बिना आपका मेकअप किट अधूरा है। जानिए लिपस्टिक के कौन से नए रंग ट्रेंड में हैं-

न्यूड शेड

इस शेड को दिन और रात दोनों समय लगाया जा सकता है। अगर आप न्यूड शेड की लिपस्टिक लगा रही हैं, तो आंखों का मेकअप बोल्ड रखें। न्यूड लिपस्टिक लेते समय इस बात का ख़्याल रखें कि लिपस्टिक का शेड आपकी त्वचा के रंग से एक शेड गहरा हो। हल्की या त्वचा के समान रंग के शेड वाली लिपस्टिक न ले।

बैरी कलर

दोस्तों के साथ आउटिंग, शॉपिंग या झटपट तैयार होने के लिए ऐसे शेड्स ही सोबर लगते हैं। इतना ही नहीं ये शेड हर मौक़े पर जंचते है। इसे हमेशा पर्स में साथ रखा जा सकता है। इसमें कई शेड्स मौजूद हैं, जिन्हें पसंद के अनुसार ले सकते हैं।

ब्राउन लिपस्टिक

पार्टी प्रेमियों के लिए एकदम सही इस लिपस्टिक का फैशन कभी नहीं जाता। बस आपको इसे सही कपड़ों के साथ मेच करना है। गहरे रंग के कपड़ों के साथ ब्राउन लिपस्टिक न लगाएं, इसलिए अगर गहरे ब्राउन रंग का परिधान है, तो हल्के ब्राउन शेड वाली लिपस्टिक लगाएं। यदि बाल हाइलाइट किए हैं तो ब्रॉन्ज़ ब्राउन या मैट ब्राउन लिपस्टिक आपके लुक में चार चांद लगा देगी।

कोरल लिपस्टिक

ख़ूबसूरत और नाज़ुक-सा दिखने के लिए लिपस्टिक का यह रंग बेहतरीन है। ईवनिंग पार्टी हो या दिन का कोई छोटा सा फंक्शन, इन मौक़ों पर इसे लगाया जा सकता है। ये हर तरह की स्किन टोन पर फबता है, इसलिए यह भी आपके मेकअप बॉक्स का अहम हिस्सा हो सकती है।

पीच लिपस्टिक

स्टाइलिश और सोबर दिखने के लिए लिपस्टिक का ये रंग अपने साथ रखें। और अगर मेकअप को सिंपल रखते हुए आकर्षक दिखना चाहती हैं तो भी इस रंग का चुनाव कर सकती हैं। ये शेड हर तरह के स्किन टोन वालों पर अच्छा लगता है। दिन में लगाने के लिए भी इस शेड का चयन कर सकती हैं।

मरून लिपस्टिक

हमेशा चलन में रहा यह शेड शादी, पार्टी या ऑफिस हर जगह सदाबहार रहता है। कमाल की बात तो यह है कि ये हर रंग के परिधान पर जंचता है। मैरून या लाल रंग के परिधान पर भी इस लिपस्टिक को लगा सकते हैं। यह हमेशा क्लासी लुक देती है।



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New colors of lipstick, coral, brown and peach shade will change the face

चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, फुल चार्ज पर 95+ किमी चलेगा; ऐप पर जरूरी डिटेल भी मिलेंगी

ऑटो डेस्क.बजाज ने लंबे इंतजार के बाद मंगलवार कोअपने चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च कर दिया। इसकी एक्स-शोरूम कीमत एक लाखरुपए रखी गई है। कंपनी ने इसके अर्बन और प्रीमियम दो वैरिएंट पेश किए हैं। वहीं, इसे 6 कलर वैरिएंट सायबर व्हाइट, हेजल्नट, सिट्रस रश, वैल्यूटो रोजो, इंडिगो मेटेलिक और ब्रुक्लन ब्लैक में खरीद पाएंगे। इलेक्ट्रिक स्कूटर कीप्री-बुकिंग 15 जनवरी से शुरू होगी। लेकिन डिलिवरी फरवरी के अंत तक मिलेगी।

95+ किलोमीटर की रेंज

बजाज चेतक इलेक्ट्रिक में 3 किलोवॉट की बैटरी और 4080 वॉट की मोटर दी है। ये 16Nm का टॉर्क जनरेट करती है। बैटरी और मोटर कोIP67 रेटिंग दी गई है। यानी ये डस्टप्रूफ और वाटरप्रूफ है। कंपनी का दावा है कि 5 घंटे में स्कूटर की बैटरी फुल चार्ज हो जाती है।

स्कूटर में ईको और स्पोर्ट के दो ड्राइविंग मोड दिए हैं। फुल चार्ज होने पर ईको मोड में 95 किलोमीटर तक का रेंज देता है। वहीं, स्पोर्ट मोड में ये 85 किलोमीटर तक चलेगा। स्कूटर के साथ चार्जर मुफ्त दिया जाएगा। वहीं, फास्ट DC चार्जर को कंपनी आपके घर मुफ्त इन्स्टॉल कराएगी।

ऐप पर मिलेंगी जरूरी जानकारियां

कंपनी ने स्कूटर कोरेट्रो लुक दिया है। इसमें राउंड हेडलैम्प, 12-इंच अलॉय व्हील और सिंगल-साइड सस्पेंशन दिया है। यह पूरी मेटल बॉडी वालादेश का पहला स्कूटर है। स्कूटर को कंपनी केऐप के साथ कनेक्ट किया जा सकेगा। जिसके बाद इसकी रेंज, चार्जिंग, लोकेशन जैसी अहम जानकारियां फोन पर ही मिल जाएंगी। मोबाइल ऐप में स्कूटर मोबेलिटी सॉल्यूशन, डेटा कम्युनिकेशन, सिक्योरिटी, यूजर ऑथेन्टिकेशन जैसे फीचर्स भी दिए हैं।

रिवर्स गियर और 3 साल की वारंटी

इसमें रिवर्स ड्राइविंग फीचर भी मिलेगा। यानी ढलान जैसी जगह पर इसे आसानी से पीछे किया जा सकता है। इस फीचर से महिलाओं के लिए भी ड्राइविंग आसान हो जाएगी। बजाज ने स्कूटरको सबसे पहले पुणे में लॉन्च किया है। बाद में इसे बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी इस पर 3 साल या 50,000 किलोमीटर की वारंटी भी दे रही है।



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Bajaj Chetak Electric Scooter | Bajaj Chetak Electric Scooter Launch Live Today News And Updates On Price, Features, Specifications
बजाज इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैट्री 5 घंटे में फुल चार्ज होगी।
कंपनी ने इलेक्ट्रिक स्कूटर के दो वैरिएंट लॉन्च किए।
बजाज ने चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर रेट्रो लुक में पेश किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- हर साल होगा युवा महोत्सव का आयोजन, बनेगा राजीव युवा मितान क्लब

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चल रहे युवा महोत्सव का मंगलवार की शाम समापन हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उनके साथ कैबिनेट मिनिस्टर की टीम भी थी। इन्हीं में से रविंद्र चौबे ने मंच से अपने सम्बोधन में कहा कि यह कार्यक्रम पहली बार प्रदेश में आयोजित किया गया। यह आखिरी बार नहीं होना चाहिए। इसके बाद सम्बोधित करने आए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आखिरी बार नहीं होगा, बल्कि हर साल युवा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। हर साल 12 से 14 जनवरी के बीच यह कार्यक्रम होगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भाग लेने आए प्रतिभागियों को भत्ते के तौर पर 500 रुपए देने की घोषणा की।

मिली नई सुविधाएं
कार्यक्रम में राजीव युवा मितान क्लब का लोगो भी लॉन्च किया गया। यह क्लब गांव-गांव में गठित किया जाएगा। गांव के युवा इस क्लब के मेंबर होंगे। इस क्लब का मकसद युवाओं को शिक्षा, खेल, मनोरंजन और रोजगार सम्बंधी गतिविधियों का माहौल देना होगा। मुख्यमंत्री ने इस क्लब को हर महीने 10 हजार रुपए देने की घोषणा करते हुए युवाओं को इससे जुड़ने को कहा। कार्यक्रम में युवाओं को रोजगार की जानकारी देने वाले मोबाइल एप रोजगार संगी को भी लॉन्च किया गया। इसमें कामगारों की जानकारी होगी। साथ ही कहां रोजगार के अवसर मौजूद हैं वह भी पता चल सकेगा।


कुछ प्रमुख प्रतियोगिता में यह रहे विजेता

  • फुगड़ी प्रतियोगिता में पुरूष वर्ग में सोनी यादव (बलौदाबाजार), महिला वर्ग में रेणूका (धमतरी), 40 वर्ष से अधिक समूह में राधा (कबीरधाम) ने जीत हासिल की।
  • लोकनृत्य में रायपुर, 40 वर्ष से अधिक समूह में राजनांदगांव
  • लोकगीत में राजनांदगांव, 40 वर्ष से अधिक समूह में बालोद
  • बस्तरिया लोक नृत्य विधा में कोण्डागांव, 40 वर्ष से अधिक समूह में नारायणपुर
  • सुआ नृत्य विधा में सूरजपुर, 40 वर्ष से अधिक समूह में बेमेतरा
  • राऊत नाच विधा में गरियाबंद,40 वर्ष से अधिक समूह में बलौदाबाजार
  • करमा नाच विधा में रायगढ, 40 वर्ष से अधिक समूह में कबीरधाम
  • डंडा नाच विधा में सूरजपुर, 40 वर्ष से अधिक समूह में बेमेतरा
  • पंथी नृत्य विधा में रायपुर40 वर्ष से अधिक समूह में बेमेतरा
  • सरहुल नृत्य में सूरजपुर, 40 वर्ष से अधिक समूह में कोरबा
  • छत्तीसगढ़ी व्यंजनों पर आधारित फूड फेस्टिवल की प्रतियोगिता में नारायणपुर, 40 वर्ष से अधिक समूह में कबीरधाम
  • गेड़ी दौड़ प्रतिस्पर्धा में रामलाल मरकाम (कोंडागांव),40 वर्ष से अधिक समूह में पूनाराम पनागर (कबीरधाम)


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कार्यक्रम में युवा मितान क्लब का लोगो जारी किया गया

नगर निगम ने आयोजित किया पतंग उत्सव, अहमदाबाद से आए कलाकारों की पतंगों ने भरी उड़ान

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पतंग उत्सव का आयोजन किया गया। गास मेमोरियल ग्राउंड में हुए कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचने वाले थे। मगर तबीयत ठीक न होने की वजह से वह नहीं आ सके। शहर के विधायक कुलदीप जुनेजा, नए महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे और पूर्व महापौर किरणमयी नायक ने इस कार्यक्रम में शिरकत की। विधायक कुलदीप जुनेजा को तराजू में बिठाकर तिल्ली के लड्डुओं से तौला गया। कार्यक्रम में पहुंचे वीआईपी और आम लोगों ने पतंगे भी उड़ाईं।
कार्यक्रम में खास तौर पर गुजरात राज्य के अहमदाबाद शहर के निवासी पतंग कलाकार गोपाल पटेल अपनी टीम के साथ पहुंचे थे। इस टीम विशालकाय पतंगों को उड़ाकर सभी को हैरान किया। हवा का अच्छा बहाव न हो पाने की वजह से कुछ पतंगे नहीं उड़ सकीं। कार्यक्रम स्थल पर बच्चों की बड़ी तादाद थी। कुछ को पतंग बांटी भी गई। काफी देर तक पतंग न मिलता देख बहुत से बच्चों ने पतंग लूटना भी शुरू कर दिया था। कार्यक्रम में नए पार्षद भी पहुंचे थे।



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अहमदाबाद के कलाकारों ने मछली के आकार की विशाल पतंग कार्यक्रम में उड़ाई

फिंच-वॉर्नर का अर्धशतक, दोनों ने पहले विकेट के लिए 150+ रन की साझेदारी की

खेल डेस्क. भारत ने तीन वनडे की सीरीज के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 256 रन का लक्ष्य दिया। मंगलवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम 49.1 ओवर में 255 रन पर सिमट गई। जवाब में ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर और एरॉन फिंच क्रीज पर हैं। दोनों ने पहले विकेट के लिए 150+ रन की साझेदारी की। इस दौरान फिंच और वॉर्नर ने अर्धशतक भी लगाया।

फिंच-वॉर्नर ने लगातार 5वीं बार भारत के खिलाफ 50+ रन की साझेदारी की। इससे पहले पाकिस्तान के सईद अनवर और आमिर सोहैल ने 1994 से 1996 के बीच छह बार ऐसा किया था।

वॉर्नर सबसे तेज 5 हजार रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज

वॉर्नर के वनडे में पांच हजार रन पूरे हो गए। सबसे कम पारियों में इस आंकड़े तक पहुंचने वाले चौथे बल्लेबाज हैं। वॉर्नर ने 115वीं पारी में यह उपलब्धि हासिल की। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज हाशिम अमला ने 101, वेस्टइंडीज के पूर्व बल्लेबाज विवियन रिचर्डस और कोहली ने 114 पारी लिए थे।

पंत की जगह मनीष पांडेयकन्कशन सब्स्टिट्यूट

भारत के नियमित विकेटकीपर ऋषभ पंत दूसरी पारी में मैदान पर नहीं उतरे। बल्लेबाजी के दौरान उनके हेलमेट पर गेंद लगी थी। उनकी जगह मनीष पांडेय को कन्कशन सब्स्टिट्यूट के तौर पर मैदान पर उतरे।लोकेश राहुल विकेटकीपिंग कर रहे हैं। वे आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए कीपिंग करते हैं।

धवन ने करियर का 28वां अर्धशतक लगाया

भारत के लिए शिखर धवन ने सबसे ज्यादा 74 रन बनाए।यह उनके करियर का 28वां अर्धशतक है। ऑस्ट्रेलिया के लिए मिशेल स्टार्क ने तीन विकेट लिए। पैट कमिंस और केन रिचर्डसन को दो-दो सफलता मिली।

राहुल-धवन ने शतकीय साझेदारी की

लोकेश राहुल 47 रन बनाकर आउट हुए। एश्टन एगर की गेंद पर स्टीव स्मिथ ने उनका कैच लिया। राहुल ने धवन के साथ दूसरे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी की।रोहित शर्मा 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मिशेल स्टार्क की गेंद पर डेविड वॉर्नर ने उनका कैच लिया।

पंत 33 गेंद पर 28 रन ही बना सके

विराट कोहली 16 रन बनाकर पवेलियन लौटे। एडम जम्पा ने अपनी ही गेंद पर उनका कैच लिया। श्रेयस अय्यर 4 रन बनाकर आउट हो गए। रविंद्र जडेजा 25 रन बनाकर केन रिचर्डसन की गेंद पर एलेक्स कैरी को कैच थमा बैठे। शार्दुल ठाकुर ने 13 रन बनाए। उन्हें स्टार्क ने बोल्ड किया।ऋषभ पंत 33 गेंद पर 28 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उन्हें कमिंस ने आउट किया।

चहल-जाधव सहित 5 खिलाड़ी अंतिम एकादश में नहीं

इससे पहले टीम इंडियामैच में अपने तीनों ओपनर्स रोहित, धवन और राहुल के साथ उतरी।शिवम दुबे, मनीष पांडेय, केदार जाधव, युजवेंद्र चहल और नवदीप सैनी को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। ऑस्ट्रेलिया के मार्नश लबुशाने ने वनडे में डेब्यू किया। वे पिछले साल टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड को टीम में जगह नहीं मिली।

दोनों टीमें

भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप कप्तान), शिखर धवन, लोकेश राहुल, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह।

ऑस्ट्रेलिया: एरॉन फिंच (कप्तान), डेविड वॉर्नर, मार्नश लबुशाने, स्टीव स्मिथ, एश्टन एगर, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), एश्टन एगर, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, केन रिचर्डसन, एडन जम्पा।

स्कोरकार्ड: भारत

बल्लेबाज रन गेंद 4s 6s
रोहित शर्मा कै. वॉर्नर बो. स्टार्क 10 15 2 0
शिखर धवन कै. एगर बो. कमिंस 74 91 9 1
लोकेश राहुल कै. स्मिथ बो. एगर 47 61 4 0
विराट कोहली कै. एंड बो. जम्पा 16 14 0 1

श्रेयस अय्यर कै. कैरी बो. स्टार्क

4 9 0 0
ऋषभ पंत कै. टर्नर बो. कमिंस 28 33 2 1
रविंद्र जडेजा कै. कैरी बो. रिचर्डसन 25 32 2 1
शार्दुल ठाकुर बो. स्टार्क 13 10 2 0
मोहम्मद शमी कै. कैरी बो. रिचर्डसन 10 15 1 0
कुलदीप यादव रनआउट (स्मिथ) 17 15 2 0
जसप्रीत बुमराह नाबाद 0 0 0 0

रन: 255/10, ओवर: 49.1, एक्स्ट्रा: 11.

विकेट पतन: 13/1, 134/2, 140/3, 156/4, 164/5, 213/6, 217/7, 229/8, 255/9, 255/10.

गेंदबाजी: मिशेल स्टार्क: 10-0-56-3, पैट कमिंस: 10-1-44-2, केन रिचर्डसन: 9.1-0-43-2, एडम जम्पा: 10-0-53-1, एश्टन एगर: 10-1-56-1.

वानखेड़े में दोनों टीमें 13 साल बाद आमने-सामने

इस मैदानपर दोनों टीमें 13 साल बाद आमने-सामने होंगी। यहां भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक तीन मैच खेले गए। इनमें भारतीय टीम सिर्फ एक ही जीत सकी। दो मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया को सफलता मिली। पिछली बार 2007 में जब दोनों टीमें यहां आमने-सामने थीं, तब टीम इंडिया दो विकेट से जीती थी। उससे पहले 1996 और 2003 में हार का सामना करना पड़ा था।



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फिंच-वॉर्नर ने लगातार पांचवीं बार भारत के खिलाफ 50+ रन की साझेदारी की।
बल्लेबाजी के दौरान एरॉन फिंच।
लोकेश राहुल आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए कीपिंग करते हैं।
धवन-राहुल ने दूसरे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी की।
शिखर धवन ने अपनी पारी में 9 चौके और एक छक्का लगाया।
लोकेश राहुल को एश्टन एगर ने स्मिथ के हाथों कैच कराया।
विराट कोहली 16 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
एडम जम्पा ने भारतीय कप्तान विराट कोहली को आउट किया।
स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया को पहली सफलता दिलाई।
रोहित शर्मा 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
टॉस के दौरान ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एरॉन फिंच और विराट कोहली (दाएं)।

डिविलियर्स टी-20 वर्ल्ड कप में खेल सकते हैं, नए कोच बाउचर और कप्तान डुप्लेसिस से बातचीत हुई

खेल डेस्क. दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज एबी डिविलियर्स जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकते हैं। संकेत इस बात के भी हैं कि वेटी-20 विश्व कप में टीम का हिस्सा हो सकते हैं। एबीडी के नाम से मशहूर इस बल्लेबाज ने कहा कि वेटीम के नए कोच मार्क बाउचर और कप्तान फाफ डुप्लेसिसके संपर्क में हैं। डिविलियर्स फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में ब्रिस्बेन हीट के लिए बिग बैश लीग खेल रहे हैं। उन्होंने कहा, “दक्षिण अफ्रीकी टीम में वापसी पर मुझे काफी खुशी होगी।” आईपीएल में वे विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से खेलते हैं।

बिग बैश लीग में अपना पहला मैच खेलते हुए डिविलियर्स ने 32 गेंद पर 40 रन बनाए। बाद में मीडिया से बातचीत की। संन्यास से वापसी के सवाल पर कहा, “टीम में वापसी करना पसंद करूंगा। अभी इस बारे में काफी कुछ किया जाना है।” क्रिकेट दक्षिण अफ्रीक के डायरेक्टर ग्रीम स्मिथ भी उनसे बातचीत कर चुके हैं।

वर्ल्ड कप के दौरान डिविलियर्स ने कहा था- टीम का साथ देना चाहता हूं
वर्ल्ड कप 2019 में दक्षिण अफ्रीकी टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। वर्ल्ड कप के बीच में ही डिविलियर्स का बयान आया था। उन्होंनेकहा था, “मैं इस मुश्किल दौर में टीम का साथ देना चाहता हूं।” हालांकि,बोर्ड ने उनका यह प्रस्ताव नजरअंदाज कर दिया था। पिछले दिनों कप्तान डुप्लेसी ने स्वीकार किया था कि वर्ल्ड कप के दौरान उनकी डिविलियर्स से बातचीत हुई थी, इसमें उनकी वापसी ही मुद्दा थी। बाउचर ने भी डिविलियर्स की वापसी के संकेत दिए हैं।



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डिविलियर्स बिग बैश में ब्रिस्बेन हीट की ओर से खेलते हैं।