जन्मतिथि विवादः हाईकोर्ट ने किया निराकृत..8 साल बाद युवक को न्याय

बिलासपुर—- हाईकोर्ट डिवीजन बैंच ने याचिकाकर्ता राहुल थवाइत जन्मतिथि विवाद मामले को निराकृत  किया है। मामले में याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता सुनील कुमार सोनी के माध्यम से ओपन बोर्ड के खिलाफ याचिका दायर अंकसूची में दर्ज गलत जन्मतिथि को सही किए जाने की माग की थी।

                 जानकारी हो कि याचिका कर्ता ने ओपन बोर्ड के माध्यम से साल 2011-12 में  दवसी बोर्ड उत्तीर्ण किया। बोर्ड ने अंकसूची जारी किया। अंकसूची में याचिका कर्ता की जन्मतिथि 31 जनवरी 1997 की जगह 31 जुलाई अंकित किया गया। मामले में राहुल थवाईत ने बोर्ड को एक आवेदन दिया। लेकिन बोर्ड ने तीन साल बाद आवेदन दिए जाने की बात कह त्रुटि सुधार से मना कर दिया। राहुल थवाईत ने त्रुटि सुधार को लेकर हाईकोर्ट में वाद दायर किया। सिंगल बेंच ने तीन साल बाद आवेदन दिए जाने का हवाला देकर याचिका को निरस्त कर लिया।

             राहुल थवाईत के वकील सुनील कुमार सोनी ने मामले को डिविजन बेंच में पेश किया। सुनील सोनी ने बताया कि याचिका कर्ता साल 2011-12 में दसवी बोर्ड उत्तीर्ण किया है। उस समय राहुल की उम्र 16 साल थी । याचिकाकर्ता 2015 में 18 साल का हुआ। लिमिेटेशन एक्ट की धारा 6 के अनुसार समय सीमा के 6 अनुसार विधिक निर्योग्ता का लाभ अपीलार्थी को मिलना चाहिए। क्योकि आवेदक ने साल 2016 में ही त्रुटि सुधार के लिए आवेदन किया था। इसलिए मा्मले में गलती के लिए सीधे तौर पर बोर्ड जिम्मेदार है।

                   इस बीच डीविजन बैंच के हस्तक्षेप के बाद ओपन स्कूल बोर्ड ने याचिकाकर्ता की जन्मतिथि में त्रुटि सुधार किया। वही त्रुटि सुधार होने की जानकारी के बाद डिवीजन बैंच ने मामले को निराकृत कर दिया।

            

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